नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम हुए बारह घंटे भी नहीं हुए थे कि दोनों ने एक-दूसरे पर मिसाइलों से हमला किया है। इन हमलों के बाद कहा जा रहा है कि क्या यह सीजफायर टूट गया है? दरअसल, पहले अमेरिका और इजरायल ने ईरान के रिफाइनरी पर हमल किया। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने UAE और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।
भारतीय समयानुसार बुधवार करीब साढ़े 4 बजे अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के लिए सीजफायर पर सहमति बनी। कुछ ही घंटों बाद ईरान की तेल रिफाइनरी में बड़े धमाके की खबर आई। ये रिफाइनरी लावन द्वीप में है। लावन द्वीप फारस की खाड़ी में है। यह ईरान के प्रमुख कच्चा तेल निर्याता टर्मिनल में से एक है। ईरान ने भी पलटवार किया और कुवैत और यूएई में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइन और ड्रोन अटैक किए।
ट्रंप ने कहा- ईरान को हथियार देने वाले देशों पर लगेगा 50 % से अधिक टैरिफ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान के मददगारों पर हैवी टैरिफ लगाने की बात कही है। उन्होंने साफ कहा कि जो भी देश ईरान को हथियार देगा उस पर 50 फीसदी से अधिक टैरिफ लगेगा। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया साइट ट्रुथ पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि जो भी देश ईरान को सैन्य हथियार सप्लाई करेगा उसके द्वारा अमेरिका को बेचे जाने वाले सभी तरह के सामानों पर तुरंत 50 फीसदी का टैरिफ लगा दिया जाएगा।। उन्होंने आगे लिखा कि यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू होगा। इसमें किसी भी तरह की कोई छूट या रियायत नहीं दी जाएगी।
ट्रंप बोले- सफल सत्ता परिवर्तन के दौर से गुजर रहा ईरान…
ट्रंप ने इस पोस्ट से ठीक पहले एक और पोस्ट शेयर की थी। उसमें उन्होंने अमेरिका और ईरान के साथ-साथ काम करने की बात कही और दावा किया कि ईरान यूरेनियम संवर्धन करना छोड़ देगा। उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के साथ मिलकर काम करेगा। जिसके बारे में हमने यह तय किया है कि अब ईरान एक बहुत ही सफल ‘सत्ता परिवर्तन’ के दौर से गुजरा है। अब यूरेनियम का संवर्धन नहीं किया जाएगा और संयुक्त राज्य अमेरिका, ईरान के साथ मिलकर, जमीन में बहुत गहराई में दबी हुई (B-2 बॉम्बर्स) सारी परमाणु ‘डस्ट’ को खोदकर बाहर निकाल देगा। उन्होंने कहा कि 15 में से कई बिंदुओं पर पहले ही सहमति बन चुकी है।
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वहीं इजराइल ने साफ कर दिया है कि हिजबुल्ला के खिलाफ ऑपरेशन जारी रहेगा। इजराइल हिजबुल्ला पर हमले करता रहेगा। जबकि ईरान के दस सूत्रीय समझौते में लेबनान में भी सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्ति की बात कही गई है। लेकिन इजराइल ने कह दिया है कि हिजबुल्ला के खिलाफ जमीनी और हवाई हमले जारी रहेंगे। बता दें कि ईरान के सीजफायर योजना में होर्मुज स्ट्रे पर ईरान के कंट्रोल सहित सभी प्राथमिक प्रतिबंधों को हटाना, UNSC के सभी प्रस्तावों को समाप्त करना, ईरान को हर्जाने का भुगतान करना और अमेरिकी लड़ाकू सेनाओं की वापसी सहित कई बातें कही गई हैं।












