2 हफ्ते के युद्धविराम से होगी ईरान पर धनवर्षा, क्या हर जहाज से वसूलेगा $10 लाख का 'अयातुल्ला टोल टैक्स'?
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2 हफ्ते के युद्धविराम से होगी ईरान पर धनवर्षा, क्या हर जहाज से वसूलेगा $10 लाख का ‘अयातुल्ला टोल टैक्स’?

ईरान ने शर्त रखी है कि इस दो सप्ताह की अवधि के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले प्रत्येक जहाज से $1 मिलियन (लगभग 8.3 करोड़ रुपए) का शुल्क लिया जाएगा।

Written byजय प्रकाश गुप्ताजय प्रकाश गुप्ता — edited by Shivam Dixit
Apr 8, 2026, 07:44 pm IST
inविश्व, विश्लेषण

खाड़ी में चल रही जंग को करीब 40 दिन हो चुके हैं, इसी बीच एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। अमेरिका और ईरान 2 सप्ताह के लिए युद्धविराम के लिए राजी हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान दो सप्ताह के युद्धविराम (सीजफायर) और दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज) को फिर से खोलने पर सहमत हो गया है। हालांकि, इस शांति समझौते के बदले ईरान ने जो शर्तें रखी हैं, उन्होंने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है।

ईरान की ‘भारी’ वसूली का दावा

क्षेत्रीय अधिकारियों और मीडिया रिपोर्ट्स (एपी) के अनुसार, ईरान ने शर्त रखी है कि इस दो सप्ताह की अवधि के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले प्रत्येक जहाज से $1 मिलियन (लगभग 8.3 करोड़ रुपए) का शुल्क लिया जाएगा। ईरान का तर्क है कि वह इस पैसे का इस्तेमाल हाल के हफ्तों में हुए संघर्ष के कारण हुए विनाश के पुनर्निर्माण (रीकंस्ट्रक्शन) के लिए करेगा। ईरान ने चतुराई से होर्मुज जलडमरूमध्य को ‘पैसे कमाने के माध्यम’ के रूप में इस्तेमाल करने का प्रस्ताव दिया है। पश्चिम मीडिया में इसकी खासी चर्चा है। डेली मेल ने तो इसे द अयातुल्लाह टोल टैक्स बूथ तक कहा है।

ट्रंप ने भी संकेत दिया कि जलडमरूमध्य में जहाजों की भीड़ को कम करने में अमेरिका मदद करेगा और इससे ‘बड़ा पैसा’ बनाया जाएगा। इजराइल ने भी दो सप्ताह के लिए ईरान पर हमले रोकने पर सहमति जताई है।

ईरान ने अमेरिका के सामने रखी कड़ी शर्तें

पाकिस्तान की मध्यस्थता और चीन के हस्तक्षेप के बाद ईरान ने जो 10-सूत्रीय शांति योजना पेश की है, वह अमेरिका के लिए एक बड़ी कूटनीतिक चुनौती है। इन शर्तों में ईरान ने अपनी संप्रभुता और परमाणु अधिकारों पर अडिग रहने का संकेत दिया है।

गौरतलब है कि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर इस सीजफायर की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस दौरान दोनों देश एक स्थायी शांति समझौते पर चर्चा करेंगे। ट्रंप ने इस सौदे को ‘विश्व शांति के लिए एक बड़ा दिन’ और अपनी ‘पूर्ण जीत’ बताया है। अमेरिकन वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस, ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और स्पेशल एन्वॉय स्टीव विटकॉफ के साथ युद्ध खत्म करने के लिए यूएस की तरफ से होने वाली बातचीत को लीड कर रहे थे, जिसकी बदौलत यह सीजफायर हो सका।

वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल बाजार पर असर

ट्रंप की इस घोषणा का वैश्विक बाजार पर तत्काल और सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।इस खबर के आते ही कच्चे तेल की कीमतें 15 फीसदी से ज्यादा गिर गईं। इसकी कीमत $116 से गिरकर $95 प्रति बैरल पर आ गईं। कई दिनों बाद तेल के दाम $100 के नीचे पहुंचे हैं। अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में जबरदस्त उछाल देखा गया है, क्योंकि युद्ध टलने की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

युद्धविराम पर मिली वैश्विक नेताओं की प्रतिक्रियाएं

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस डील पर कमेंट करते हुए कहा, ‘मैं रातों-रात हुए सीजफायर एग्रीमेंट का स्वागत करता हूं, जो इस इलाके और दुनिया के लिए राहत का पल लाएगा। अपने पार्टनर्स के साथ मिलकर हमें इसे एक स्थायी एग्रीमेंट में बदलना चाहिए और होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना चाहिए।’

याइर लैपिड ने नेतन्याहू की कड़ी निंदा

वहीं डील होने के बाद, इजराइल के मुख्य विपक्षी नेता याइर लैपिड ने इस कदम की कड़ी आलोचना की और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर युद्ध के मकसद को हासिल करने में नाकाम रहने का आरोप लगाया।

उन्होंने एक्स यानी ट्विटर पर लिखा, ‘हमारे पूरे इतिहास में ऐसी राजनीतिक आपदा कभी नहीं आई। जब हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के मुख्य मुद्दों पर फैसले लिए जा रहे थे, तो इजराइल बातचीत की टेबल के आस-पास भी नहीं था। सेना ने वह सब कुछ किया जो उससे कहा गया था, और जनता ने भी जबरदस्त हिम्मत दिखाई, लेकिन नेतन्याहू राजनीतिक रूप से, रणनीतिक रूप से नाकाम रहे और अपने तय किए गए किसी भी लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाए।’

यह युद्धविराम एक अस्थायी राहत है, लेकिन ईरान की 10 शर्तों को मानना अमेरिका काफी मुश्किल भरा हो सकता है। खासकर यूरेनियम संवर्धन और अमेरिकी सेना की वापसी जैसी मांगें अमेरिका की पुरानी नीतियों के बिल्कुल विपरीत हैं। हालांकि, $100 के नीचे कच्चे तेल की कीमत आना और युद्ध का रुकना डोनाल्ड ट्रंप के लिए फिलहाल एक बड़ी राजनीतिक जीत मानी जा रही है।

Topics: ईरान प्रस्तावUS Iran ceasefire news Trump Pakistan mediationडोनाल्ड ट्रंपHormuz Strait reopening impactहोर्मुज जलडमरूमध्यIsrael Lebanon conflict latestपश्चिम एशिया संकटMiddle East tension news Hindiवैश्विक राजनीतिIran 10 point proposal explainedयुद्ध विरामपाकिस्तान मध्यस्थताअमेरिका ईरान सीजफायरइजराइल लेबनान संघर्षअंतरराष्ट्रीय खबर
जय प्रकाश गुप्ता
जय प्रकाश गुप्ता
लेखक करीब एक दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। अभी स्वतंत्र लेखन कर रहे हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गहरी पकड़ है। [Read more]
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