आयकर रिटर्न (ITR) भरने के बाद हर व्यक्ति को अपने रिफंड का इंतज़ार रहता है। लेकिन कई बार रिफंड समय पर नहीं आता और लोग सोचते हैं कि यह कोई तकनीकी दिक्कत होगी। असल में, इसका एक बहुत आसान और आम कारण हो सकता है- पैन (PAN) और आधार (Aadhaar) का आपस में लिंक न होना।
सरकार ने पैन और आधार को लिंक करना जरूरी कर दिया है। इसका मकसद टैक्स सिस्टम को सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है। अगर आपका पैन आधार से लिंक नहीं है, तो आपका पैन “इनऑपरेटिव” यानी निष्क्रिय हो जाता है। ऐसे में आप न तो सही तरीके से टैक्स से जुड़े काम कर पाएंगे और न ही आपका ITR रिफंड प्रोसेस होगा। हाल ही में यह बात सामने आई है कि लाखों लोगों का करोड़ों रुपये का रिफंड सिर्फ इसलिए अटका हुआ है क्योंकि उन्होंने पैन को आधार से लिंक नहीं किया है। यह दिखाता है कि छोटी सी लापरवाही भी बड़ा नुकसान कर सकती है।
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अगर आपने अभी तक पैन और आधार को लिंक नहीं किया है, तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। आप अभी भी यह काम कर सकते हैं, लेकिन अब इसके लिए 1,000 रुपये की लेट फीस देनी होगी। पहले यह सुविधा मुफ्त थी, लेकिन अब सरकार ने इस पर पेनल्टी लगा दी है। पैन और आधार लिंक करने की प्रक्रिया बहुत आसान है। आप इसे घर बैठे ऑनलाइन कर सकते हैं। इसके लिए आपको आयकर विभाग की वेबसाइट पर जाना होगा। वहां “Link Aadhaar” का विकल्प चुनें, फिर अपना पैन और आधार नंबर डालें। इसके बाद लेट फीस का भुगतान करें और OTP डालकर प्रक्रिया पूरी करें। जब आपका पैन आधार से लिंक हो जाएगा, तो आपका पैन फिर से एक्टिव हो जाएगा। इसके बाद आपका रुका हुआ रिफंड भी प्रोसेस होने लगेगा और कुछ दिनों में आपके बैंक खाते में आ सकता है। इसलिए, अगर आप चाहते हैं कि आपका रिफंड समय पर मिले और भविष्य में कोई परेशानी न हो, तो जल्द से जल्द पैन और आधार को लिंक कर लें।
















