चंडीगढ़ के सेक्टर-37 में भाजपा कार्यालय के बाहर ग्रेनेड हमले के मामले में मोहाली की काउंटर इंटेलिजेंस पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को चंडीगढ़ और हरियाणा पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन चलाकर रेवाड़ी से काबू किया है। आरोपियों की पहचान गुरतेज सिंह और अमनप्रीत सिंह के रूप में हुई है, जो रूपनगर जिले के रत्तनगढ़ गांव के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार, अमनप्रीत सिंह का आपराधिक रिकॉर्ड है। उस पर चोरी और छीनाझपटी के मामले दर्ज हैं।
अब तक सात आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में अब तक सात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। छह आरोपियों को रविवार देर शाम मोहाली अदालत में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। सभी तीन दिन की पुलिस रिमांड पर हैं। एक आरोपी को शनिवार कोर्ट में पेश किया गया था, जो पहले से पुलिस रिमांड पर है। इन दोनों के अलावा इससे पहले बलविंदर लाल उर्फ शम्मी, जसवीर सिंह उर्फ जस्सी, चरणजीत सिंह उर्फ चन्नी, रूबल चौहान और मंदीप उर्फ अभिजोत गिरफ्तार किए जा चुके हैं। उनके कब्जे से एक हैंड ग्रेनेड और .30 बोर की जिगाना पिस्टल भी बरामद हुई थी। एक अप्रैल को अमनप्रीत सिंह ने भाजपा कार्यालय के बाहर हैंड ग्रेनेड फेंका था, जबकि गुरतेज सिंह ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया। हमले में मौके पर खड़ी कई कारों के शीशे टूट गए थे। आसपास की दीवार पर छर्रो के निशान बन गए थे।
खालिस्तानी संगठन ने ली थी जिम्मेदारी
घटना के दो वीडियो वारदात के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए थे। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी वायरल हुई थी, इसमें इस हमले की जिम्मेदारी खालिस्तानी संगठन ने ली थी। यह सब विदेशी हैंडलर्स के निर्देश पर किया गया था।
बम फेंकने के लिए दो लाख में हुआ था सौदा
ग्रेनेड हमले के आरोपियों को दो लाख रुपये का लालच दिया गया था, हालांकि अब तक किसी को दो हजार, किसी को पांच हजार और किसी को दस हजार रुपये ही मिले हैं। किसी आरोपी को पूरी दो लाख रुपये की रकम नहीं मिली है।
विदेशी ताकतों की भूमिका
जांच में विदेशी हैंडलर बलजोत लाड़ी की भूमिका सामने आई है जिसके तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े बताए जा रहे हैं। यह कार्रवाई मोहाली काउंटर इंटेलिजेंस ने चंडीगढ़ और हरियाणा पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन में की है। दोनों आरोपी रूपनगर के रत्तनगढ़ गांव के रहने वाले हैं और अमनप्रीत के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं।
वीडियो भेजकर दी ट्रेनिंग
आरोपियों को हैंडलरों ने फोन और वीडियो भेजकर ट्रेनिंग दी थी कि ग्रेनेड की पिन कैसे हटानी है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी गुरतेज सिंह ने खुलासा किया कि वह लगभग छह महीने पहले सोशल मीडिया के माध्यम से एक विदेशी हैंडलर के संपर्क में आया था। उसके निर्देश पर गुरतेज ने अपने साथियों रूबल चौहान और मनदीप उर्फ अभिजोत शर्मा के साथ मिलकर 28 मार्च 2026 को एसबीएस नगर के गांव भरापुर में जसवीर उर्फ जस्सी से हथियार और ग्रेनेड की खेप प्राप्त की थी और बाद में अमनप्रीत सिंह को साथ लेकर वारदात को अंजाम दिया। वारदात के लिए अमनप्रीत का चयन गुरतेज ने ही किया था।
मोहाली हमले के बाद बम हमलों में आई तेजी
मोहाली इंटेलिजेंस मुख्यालय पर मई 2022 में आरपीजी हमलों से शुरू हुआ धमाकों का सिलसिला अब हैंड ग्रेनेड और आईईडी अटैक के रूप में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ तक फैल चुका है। हाई-इम्पैक्ट हमलों से लो-कास्ट ऑपरेशन की ओर शिफ्ट हुई यह रणनीति सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती बन रही है। जांच में सामने आया है कि हमलों में स्थानीय युवकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि कंट्रोल विदेश में बैठे हैंडलर्स के हाथ में है। सांकेतिक टारगेट से शुरू हुए हमले अब पुलिस, नेताओं और धार्मिक स्थलों तक पहुंच चुके हैं, जो एक संगठित और लगातार विकसित हो रहे नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं।
आरपीजी से ग्रेनेड तक- बदली रणनीति
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, 2022 में मोहाली इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर पर आरपीजी अटैक ने जिस ट्रेंड की शुरुआत की, वह अब पूरी तरह बदल चुका है। पहले जहां बड़े और हाई-प्रोफाइल हमलों पर फोकस था, अब छोटे लेकिन लगातार होने वाले ग्रेनेड और आईईडी अटैक सामने आ रहे हैं। इस बदलाव के पीछे दो बड़े कारण माने जा रहे हैं। कम लागत और आसान लॉजिस्टिक्स, लोकल नेटवर्क के जरिए तेजी से एग्जीक्यूशन। एजेंसियों का मानना है कि छोटे हमले भले ही कम नुकसान करते दिखें, लेकिन उनका मकसद लगातार डर और अस्थिरता बनाए रखना है।
देसी कठपुतलियां और विदेशी धागे
जांच में बार-बार एक पैटर्न सामने आया है हमलों को अंजाम देने वाले अधिकतर युवक लोकल हैं, जिनका कोई बड़ा क्रिमिनल बैकग्राउंड नहीं होता। इन्हें इंटरनेट मीडिया या छोटे नेटवर्क के जरिए जोड़ा जाता है। टारगेट और निर्देश विदेश में बैठे हैंडलर्स देते हैं। फंडिंग और हथियार सप्लाई भी बार्डर पार से जुड़ी होती है। इस माडल से मास्टरमाइंड तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है, जबकि जमीन पर लगातार नए चेहरे सामने आते रहते हैं।
टारगेट भी बदले सांकेतिक से संवेदनशील तक
शुरुआती हमले ज्यादा प्रतीकात्मक थे, लेकिन अब टारगेट का दायरा बढ़ गया है। पुलिस थाने और सुरक्षा संस्थान राजनीतिक नेता और दफ्तर धार्मिक स्थल चंडीगढ़ में बीजेपी कार्यालय के बाहर ग्रेनेड अटैक इसका ताजा उदाहरण है, जिसने यह साफ कर दिया कि अब हमले सिर्फ एक राज्य तक सीमित नहीं हैं।
हर गिरफ्तारी के बाद नया हमला
सुरक्षा एजेंसियों को सबसे ज्यादा चिंता इस बात की है कि हर बड़ी गिरफ्तारी या माड्यूल के खुलासे के बाद नया हमला सामने आ जाता है। इसका मतलब है नेटवर्क डिसेंट्रलाइज्ड है। एक माड्यूल के खत्म होने से पूरी चेन नहीं टूटती है। बैकअप टीमें पहले से तैयार रहती हैं यानी यह अलग-अलग घटनाएं नहीं, बल्कि एक लंबी रणनीति के तहत चल रही सीरीज है।

कब-कब हुए हमले
- 10 मई 2022 – मोहाली स्थित पंजाब पुलिस इंटेलिजेंस मुख्यालय पर आरपीजी हमला
- 10 दिसंबर – सरहाली (तरनतारन) पुलिस स्टेशन पर आरपीजी अटैक
- 9 जनवरी 2023 – गुमटाला (अमृतसर) पुलिस पोस्ट के बाहर धमाका
- 15 जनवरी 2023 को जैतीपुर (अमृतसर) में हैंड ग्रेनेड फेंका
- 13 दिसंबर 2023 को घनिए के बंगा (बटाला) में ग्रेनेड फेंका
- 17 दिसंबर 2023 को इस्लामाबाद (अमृतसर) पुलिस स्टेशन के पास धमाका
- 18-20 दिसंबर 2023 के बीच कलानौर (गुरदासपुर) में ग्रेनेड हमले
- 6-7 अप्रैल को किला लाल सिंह (बटाला) पुलिस स्टेशन पर आरपीजी/ग्रेनेड हमला
- नवंबर 2023- अमृतसर/गुरदासपुर में पुलिस पोस्टों पर ग्रेनेड हमले
- 23 नवंबर 2023 – को अजनाला (अमृतसर) पुलिस स्टेशन के बाहर आईईडी
- 29 नवंबर 2023 – गुरबख्श नगर (अमृतसर) में बंद पुलिस पोस्ट के पास धमाका
- 2 दिसंबर को 2023 – काठगढ़ (नवांशहर) में नाकाम ग्रेनेड फेंका
- 4 दिसंबर 2023 – मजीठा (अमृतसर) पुलिस स्टेशन के बरामदे में धमाका
- 9 सितंबर, 2024 सेक्टर 10, चंडीगढ़: एक घर पर ग्रेनेड फेंका गया, जिसका आरोप अमेरिका स्थित गैंगस्टर हरप्रीत सिंह (हैप्पी पासिया) और पाकिस्तान स्थित आतंकवादी हरविंदर सिंह रिंदा पर लगाया गया है। अभिजोत सिंह (उर्फ बब्बी): सेक्टर 10, चंडीगढ़ ग्रेनेड हमले में संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया गया। उसने साजिश में अहम भूमिका निभाई, जिसमें रेकी के लिए फर्जी नंबर प्लेट वाली बाइक का इंतजाम करना भी शामिल था।
- 23 नवंबर, 2024 अजनाला पुलिस स्टेशन: लगभग 1.5 किलोग्राम वजन का एक तात्कालिक विस्फोटक उपकरण लगाया गया था।
- 29 नवंबर, 2024 गुरबख्श नगर, अमृतसर: रात 11 बजे एक सुनसान पुलिस चौकी के पास विस्फोट हुआ।
- 2 दिसंबर, 2024 अंसारो पुलिस चौकी, नवांशहर: ग्रेनेड हमले की सूचना मिली थी, लेकिन ग्रेनेड फटा नहीं और उसे निष्क्रिय कर दिया गया।
- 4 दिसंबर, 2024 अमृतसर के मजीठा पुलिस स्टेशन: एक शक्तिशाली ग्रेनेड विस्फोट से पुलिस स्टेशन की खिड़कियां चकनाचूर हो गईं।
- 13 दिसंबर, 2024 घनिया के बंगर पुलिस स्टेशन, बटाला- पुलिस स्टेशन के प्रवेश द्वार के पास कथित तौर पर एक ग्रेनेड फेंका गया, लेकिन वह फटा नहीं।
- 17 दिसंबर, 2024 इस्लामाबाद पुलिस स्टेशन, अमृतसर: पुलिस स्टेशन के पास तडक़े 3 बजे एक जोरदार धमाका हुआ, जिससे आसपास के घर हिल गए। इस घटना में बीकेआई माड्यूल और गैंगस्टर जीवन फौजी का हाथ था।
- 18 दिसंबर, 2024 बख्शीवाला पुलिस चेक पोस्ट, कलानौर, गुरदासपुर: ग्रेनेड विस्फोट
- 20 दिसंबर, 2024 वडाला बांगर पुलिस चेक पोस्ट, कलानौर, गुरदासपुर: ग्रेनेड हमला।
- 9 जनवरी, 2025 अमृतसर के गुमटाला पुलिस चौकी पर ग्रेनेड हमला
- 16 जनवरी, 2025 शराब व्यापारी अमनदीप जैंतीपुरिया के घर पर ग्रेनेड से हमला।
- 3 फरवरी, 2025 फतेहगढ़ चुरियां बाईपास पुलिस चौकी पर ग्रेनेड फेंका गया।
- 15 मार्च, 2025 अमृतसर में एक मंदिर: ग्रेनेड हमले में संपत्ति को नुकसान पहुंचा लेकिन कोई घायल नहीं हुआ।
- 16 मार्च, 2025 रायपुर रसूलपुर गांव, जालंधर: यूट्यूबर रोजर संधू पर ग्रेनेड फेंका गया।
- 2 अप्रैल, 2025: बादशाहपुर पुलिस चौकी, पटियाला: तडक़े पुलिस चौकी के बाहर हुए विस्फोट के बाद जांच जारी है।
- 8 अप्रैल, 2025 जालंधर स्थित भाजपा नेता मनोरंजन कालिया के आवास पर: गेट पर ग्रेनेड फेंका गया, जिससे नुकसान हुआ लेकिन कोई घायल नहीं
- 1 जनवरी, 2026 हिमाचल नालागढ़ पुलिस थाना में आईईडी धमाका
- 1 अप्रैल 2026 चंडीगढ़ के सेक्टर 37 भाजपा मुख्यालय पर धमाका।
बम हमले के आरोपी को जमानत नहीं,
जालंधर में एक यूट्यूबर के घर पर हैंड ग्रेनेड फेंकने के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत देने से इन्कार कर दिया है। अदालत ने कहा कि इस तरह के
विस्फोटक का इस्तेमाल अपराध को अत्यंत गंभीर बना देता है और समाज में आतंक, भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करता है। आरोप है कि यह हमला एक पाकिस्तान-आधारित प्रतिद्वंद्वी के इशारे पर किया गया। घटना जालंधर में यूट्यूबर नवदीप सिंह उर्फ रोजर संधू के घर पर हुई थी। गत वर्ष 15/16 मार्च की रात आरोपी हार्दिक कंबोज को सह-आरोपी शिकायतकर्ता के घर के बाहर ले गया था जहां उसने बालकनी की ओर हैंड ग्रेनेड फेंका। हालांकि, वह फटा नहीं। इस मामले में 16 मार्च 2025 को जालंधर के एक थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा गया कि यदि ऐसे मामलों में नरमी बरती गई तो यह कानून-व्यवस्था की विफलता मानी जाएगी। इस तरह के अपराधों में जमानत नहीं दी जानी चाहिए। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि आरोपी का आपराधिक इतिहास भी है और वह मुख्य आरोपियों में शामिल है। इस स्तर पर साक्ष्यों की तकनीकी जांच करना उचित नहीं है। खासकर जब मामला इतने गंभीर अपराध से जुड़ा हो। हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल अपने आप में अपराध को जघन्य बनाता है।















