गत 2 अप्रैल को नई दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर नवनिर्मित विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के केंद्रीय कार्यालय ‘विद्या भारती भवन’ का लोकार्पण हुआ। प्रातःकाल कार्यालय परिसर में हवन एवं पूजा-अर्चना हुई।
तत्पश्चात बाल भवन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं मुख्य मंचीय कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री सुरेश सोनी ने कहा कि विद्या भारती को आज व्यापक सामाजिक स्वीकृति प्राप्त हो रही है, किंतु अभी भी शिक्षा के क्षेत्र में अनेक कार्य शेष हैं। उन्होंने शिक्षा में केवल भौतिक संरचना नहीं, बल्कि भावनात्मक, मानवीय एवं संवेदनशील विकास पर बल देने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षा को मूल्याधारित, राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित एवं संवेदनशील बनाना आवश्यक है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में मातृभाषा में शिक्षा, बैगलेस डे, शिक्षक प्रशिक्षण एवं कौशल विकास जैसे अनेक प्रावधान विद्या भारती के प्रयोगों से प्रेरित हैं।
पूज्या आनंदमूर्ति गुरु माँ (गन्नौर, हरियाणा) ने अपने उदबोधन में विद्या भारती द्वारा दूरदराज, सीमांत एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना की तथा इसे राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान बताया।
इस अवसर पर विद्या भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष डॉ. रविन्द्र कान्हेरे, अखिल भारतीय महामंत्री श्री देशराज शर्मा, संगठन मंत्री श्री गोविंद महंत, सह संगठन मंत्री श्री यतींद्र एवं श्री रामअरावकर, उच्च शिक्षा के संगठन मंत्री श्री रघुनंदन सहित देशभर से आए प्रांतीय, क्षेत्रीय एवं अखिल भारतीय पदाधिकारी, प्रबंध समिति सदस्य, आचार्य एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में विद्या भारती दिल्ली प्रांत के विद्यार्थियों ने शास्त्रीय नृत्य, भगवान बिरसा मुंडा के जीवन पर आधारित नाट्य प्रस्तुति, समूहगान एवं लोकनृत्य के माध्यम से भारतीय संस्कृति, परंपरा एवं राष्ट्रभाव का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

















