चंडीगढ़ के सेक्टर-37 में स्थित पंजाब भाजपा कार्यालय के बाहर बुधवार शाम को हुए ग्रेनेड हमले ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। धमाका इतना तेज था कि कार्यालय के बाहर खड़ी एक कार का शीशा टूट गया। इसके अलावा एक एक्टिवा स्कूटर क्षतिग्रस्त हो गई। आसपास की दीवारों पर 50 से अधिक जगहों पर छर्रों के निशान मिले। हालांकि, इस हमले में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। संगठन से जुड़े सुखजिंदर सिंह बब्बर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर हमले का दावा किया। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां इस दावे की पुष्टि में जुटी हुई हैं और पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही हैं।
अश्विनी शर्मा थे निशाने पर ?
इस हमले को पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी कुमार शर्मा से भी जोडक़र देखा जा रहा है। करीब 15 दिन पहले एसएसपी पठानकोट ने उन्हें सुरक्षा चेतावनी देते हुए सतर्क रहने और सार्वजनिक स्थानों पर कम जाने की सलाह दी थी, जिसकी पुष्टि भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने भी की है। अश्वनी शर्मा घटना से दो दिन पहले तक भाजपा कार्यालय में मौजूद थे, लेकिन बुधवार सुबह ही दिल्ली में एक कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए थे। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि यह हमला उन्हें निशाना बनाकर किया गया हो सकता है।
हमले में इस्तेमाल ग्रेनेड पाकिस्तान से भेजा गया
भाजपा मुख्यालय के बाहर जिस हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल हुआ है, उसे पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा की ओर से तकरीबन डेढ़ साल पहले सीमा पार से कश्मीर में बड़ी खेप के तौर पर भिजवाया गया था। हालांकि इसकी बड़ी खेप को जब्त कर लिया गया था लेकिन आईएसआई की ओर से न सिर्फ जम्मू-कश्मीर बल्कि पंजाब के बॉर्डर इलाकों में लगातार ऐसे हैंडग्रेनेड की खेप भेजी जाती रही है। सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक चंडीगढ़ में हुई इस बड़ी घटना के पीछे पाकिस्तान की न सिर्फ बड़ी साजिश है बल्कि हथियारों की आपूर्ति भी उनकी ओर से कराई गई है। हालांकि इस मामले में अभी सुरक्षा एजेंसियों की ओर से जांच की जा रही है।
पुंछ से बरामद हुए थे ऐसे हथगोले
केंद्रीय खुफिया एजेंसी और सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों के मुताबिक बुधवार की शाम को जिस हैंड ग्रेनेड से पंजाब के भाजपा मुख्यालय को निशाना बनाया गया, उसी हैंड ग्रेनेड की पूरी खेप इससे पहले 6 अक्टूबर 2024 को पुंछ में बरामद की गई थी। हथियारों और बड़े गोला-बारूद की खेप में ऐसे दर्जनों हैंड ग्रेनेड बरामद हुए थे, जो न सिर्फ जम्मू-कश्मीर बल्कि भारत के अलग-अलग हिस्सों को दहलाने के लिए सीमा पार से भेजे गए थे। सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि भारी मात्रा में बरामद किए गए ऐसे गोला-बारूद को तो जब्त कर लिया गया था।
लुधियाना में भी मिली थी हैंड ग्रेनेड की खेप
चंडीगढ़ में हुए बम धमाके के बाद केंद्रीय खुफिया एजेंसी भी पूरी तरह से सतर्क हो गई है। सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक सिर्फ कश्मीर ही नहीं बल्कि लुधियाना में पिछले साल नवंबर में पुलिस ने ऐसे ही हथियारों का जखीरा बरामद किया था। पंजाब पुलिस ने अपनी प्राथमिक जांच में पाया था कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने स्थानीय हैंडलर और आतंकी संगठनों के माध्यम से पंजाब को अस्थिर करने के लिए ऐसे गोला-बारूद और हथियार भेजे हैं।
पंजाब पुलिस के मुताबिक लुधियाना में जो बड़ा खुलासा हुआ था, उसमें पता चला था कि पकड़े गए आरोपी मलेशिया में मौजूद तीन लोगों के माध्यम से पाकिस्तान के कुछ हैंडलरों के संपर्क में थे, जो पंजाब को अस्थिर करने के लिए लगातार साजिश रच रहे थे। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि चंडीगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय को निशाना बनाते हुए जिस हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल हुआ है, उसे पाकिस्तान से कश्मीर और पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में अस्थिरता फैलाने के लिए भिजवाया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि ऐसे ही हैंड ग्रेनेड का इस्तेमाल हाल ही में पंजाब के विभिन्न थानों पर हुए ब्लास्ट में भी किया गया था।
दो हमलावरों की तलाश
पुलिस दो हमलावरों की तलाश कर रही है, जिनके चेहरे सीसीटीवी में कैद हुए हैं। हमलावरों ने मोटरसाइकिल पर आकर हमला किया और एक वीडियो भी खुद रिकॉर्ड किया था, जिसमें ग्रेनेड फेंकते हुए साफ दिख रहा है।
ग्रेनेड हमले का वीडियो आया सामने
घटना के कुछ समय बाद एक 10 सेकंड का वीडियो सामने आया जिसमें एक शख्स हेलमेट हाथ में लिए ग्रेनेड की पिन निकालकर भाजपा कार्यालय की ओर फेंकता दिख रहा है। आरोपी ने गले में भगवा रंग का परना डाल रखा था और वीडियो खुद रिकॉर्ड करता दिख रहा है। वीडियो में वह गाली देता हुआ नजर आता है और ऐसा लगता कि उसका निशाना चूक गया। सीसीटीवी कैमरों में दोनों आरोपी कैद हो गए हैं और वारदात के बाद सेक्टर-37/38 डिवाइडिंग रोड से मोहाली की ओर भाग गए। फिलहाल पुलिस व एनआईए पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।

















