नई दिल्ली/बाकू: अजरबैजान में भारत के नए नियुक्त राजदूत अभय कुमार और वहां के विदेश मंत्री जेहुन बैरामोव के बीच मुकातात हुई। इस बात की जानकारी अभय कुमार ने अपने सोशल मीडिया पर दी है। अभय कुमार और अजरबैजान के विदेश मंत्री जेहुन बैरामोव के बीच भेंट बुधवार को हुई और इस दौरान दोनों देशों के संबंधों पर चर्चा भी हुई। अभय कुमार ने विदेश मंत्री को औपचारिक रूप से अपने ‘लेटर ऑफ क्रेडेंस’ (परिचय पत्र) की एक प्रति सौंपी। यह द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राजदूत अभय कुमार ने सोशल मीडिया साइट X पर लिखा कि अजरबैजान के विदेश मंत्री जेहुन बैरामोव से मुलाकात की। अपने लेटर ऑफ क्रेडेंस’ की एक प्रति सौंपी। दोनों के बीच उपयोगी चर्चाएं हुईं। अजरबैजान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैरामोव ने कुमार का स्वागत किया और उन्हें उनकी नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी। साथ ही उनके राजनयिक मिशन में सफलता की कामना की। बैठक का जिक्र करते हुए अजरबैजान के विदेश मंत्रालय (MFA) के एक ट्वीट में भी किया। जिसमें दोनों देशों के बीच संबंधों की मौजूदा स्थिति और भविष्य में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की बात कही गई है।

इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों ने अपने विदेश मंत्रालयों के बीच संस्थागत राजनीतिक परामर्श के महत्व पर जोर दिया और कहा कि ऐसे तंत्र मतभेदों को सुलझाने और सहयोग का विस्तार करने में मदद करेंगे। उन्होंने मौजूदा सीधी हवाई कनेक्टिविटी और पर्यटन व शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग पर संतोष व्यक्त किया। चर्चाओं में ऊर्जा सहयोग का मुद्दा प्रमुखता से उभरा। अजरबैजान पक्ष ने भारत की कंपनी ONGC विदेश लिमिटेड की भूमिका पर ज़ोर दिया। जिसके पास अजेरी-चिराग-गुनाशली (ACG) तेल क्षेत्रों और बाकू-तिबिलिसी-सेहान (BTC) पाइपलाइन में हिस्सेदारी है। इसे द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों का एक प्रमुख आयाम बताया गया। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। दोनों ने मध्य पूर्व में तनाव को लेकर चिंताएं व्यक्त की। भारत के राजदूत कुमार ने हालिया संकटों के दौरान ईरान से भारतीय नागरिकों को निकालने में अजरबैजान द्वारा दी गई सहायता के लिए भारत की ओर से आभार व्यक्त किया।











