मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर पूरी दुनिया पर दिखाई दे रहा है, खासकर तेल और गैस की सप्लाई को लेकर। ऐसे समय में भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से आया बयान आम लोगों के लिए राहत भरा है। मंत्रालय ने साफ कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल, PNG और CNG की कोई कमी नहीं होगी और अगले दो महीनों तक इनकी पर्याप्त उपलब्धता बनी रहेगी।
आम जनता को राहत- हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है। पहले जो तेल लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल मिल रहा था, अब उसकी कीमत 100 डॉलर के पार पहुंच गई है। इतनी तेजी के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं। सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि आम जनता पर महंगाई का बोझ न पड़े और लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित न हो। हालांकि, इसका असर तेल कंपनियों पर जरूर पड़ रहा है। उन्हें महंगे दामों पर कच्चा तेल खरीदना पड़ रहा है, लेकिन वे पेट्रोल और डीजल पुराने रेट पर ही बेच रही हैं। इससे कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। फिर भी सरकार ने जनता की सुविधा को प्राथमिकता दी है।
रसोई गैस यानी LPG के मामले में भी सरकार ने राहत दी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर LPG की कीमतों में करीब 40% तक बढ़ोतरी हुई है, लेकिन भारत में इसकी कीमतें नहीं बढ़ाई गई हैं। इसका सबसे ज्यादा फायदा मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों को मिल रहा है, जिनके लिए रसोई गैस एक जरूरी जरूरत है। PNG और CNG की बात करें तो शहरों में इनका इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने इनकी सप्लाई को पूरी तरह सुरक्षित रखा है। मंत्रालय का कहना है कि कहीं भी इनकी कमी नहीं होने दी जाएगी। इसके अलावा गैस वितरण व्यवस्था को भी बेहतर बनाया गया है। अब ज्यादातर लोग LPG सिलेंडर की बुकिंग ऑनलाइन कर रहे हैं, जिससे प्रक्रिया आसान और तेज हो गई है। डिलीवरी भी सुरक्षित तरीके से की जा रही है। छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ने से जरूरतमंद लोगों को और सुविधा मिल रही है।

















