US Israel Iran War: अमेरिका और ईरान का युद्ध और भीषण रूप ले सकता है। अमेरिका के 3500 सैनिक मिडिल ईस्ट पहुंच चुके हैं। इन सैनिकों को राष्ट्रपति ट्रंप किसी भी समय ईरान में घुसने और ग्राउंड ऑपरेशन शुरू करने का आदेश दे सकते हैं। इससे पहले अमेरिकी सेना और इजराइली सेना के बीच एक बड़ी बैठक हुई है। इसमें युद्ध की नई रणनीति बनी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने इजराइल में इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल एयाल जमीर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की है। मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी सूत्रों के हवाले से दी गई है।
ईरान के सैन्य ढांचे को खत्म करने की रणनीति
सीएनएन की रिपोर्ट कहती है कि अमेरिका और इजराइल ईरान के सैन्य ढांचे को खत्म करने की रणनीति बना रहे हैं। अमेरिका और इजराइल के बीच हुई बड़ी बैठक में ईरान से जुड़ी स्थिति और तेहरान की हथियार बनाने की क्षमता को कम करने के प्रयासों पर चर्चा हुई है। इससे पहले शनिवार को आईडीएफ प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन कह चुके हैं कि इजराइली सेना को उम्मीद है कि वह कुछ ही दिनों में ईरान के सैन्य उत्पादन ढांचे के सभी महत्वपूर्ण हिस्सों पर हमला कर उसे समाप्त कर देंगे। उन्होंने कहा कि हम ईरान के सैन्य उत्पादन की ज्यादातर क्षमता को नष्ट कर देंगे और उसे फिर से ठीक करने में शासन को बहुत लंबा समय लगेगा।
अमेरिकी सेना कर रही है ट्रंप के आदेश का इंतजार
पेंटागन ने भी ईरान में कई हफ्तों तक चलने वाले संभावित जमीनी सैन्य अभियान की योजना बनाई है। उसी समय यह बैठक हुई है। द वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट कहती है कि यह रणनीति इसलिए बनाई जा रही है ताकि अगर ट्रंप संघर्ष को और तेज करने का फैसला लेते हैं तो लंबे समय तक सैन्य कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी सेना जमीनी अभियान पर विचार कर रही है और यह हमला बड़े आक्रमण जैसा नहीं होगा। इसमें सामान्य पैदल सेना की संयुक्त टीमों द्वारा सीमित और टारगेट लेकर किए गए हमले शामिल हो सकते हैं।

















