नई दिल्ली। इजरायल ने ईरान पर बड़ा हमला किया है। दावा है कि उसने ईरान के अराक परमाणु संयंत्र को तबाह कर दिया है। यह परमाणु हथियारों के लिए प्लूटोनियम उत्पादन का प्रमुख केंद्र था। इजरायल डिफेंस फोर्स ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की है।
आईडीएफ के अनुसार इजरायल ने मध्य ईरान में अराक भारी जल संयंत्र (Arak Heavy Water Plant) को ध्वस्त कर दिया है। परमाणु हथियारों के लिए जरूरी प्लूटोनियम उत्पादन का प्रमुख केंद्र था। आईडीएफ ईरानी शासन को अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं देगा। इसकी वजह यह है कि यह इजरायल और पूरी दुनिया के लिए बड़ा खतरा है।
🎯 STRUCK: Arak Heavy Water Plant in Central Iran—A Key Plutonium Production Site for Nuclear Weapons
The IDF will not allow the Iranian regime to continue advancing its nuclear weapons program, which poses an existential threat to Israel and the entire world. pic.twitter.com/wdFQ03TQZr
— Israel Defense Forces (@IDF) March 27, 2026
इससे पहले इजरायल ने ईरान के यज्द (Yazd) में मिसाइल और समुद्री सुरंग (Sea Mines) उत्पादन के मुख्य केंद्र को ध्वस्त करने का दावा किया था। आईडीएफ ने बताया था कि इस संयंत्र का उपयोग उन्नत मिसाइलों की योजना, विकास, असेंबली और भंडारण के लिए किया जा रहा था। इन मिसाइलों को क्रूज प्लेटफॉर्म, पनडुब्बियों और हेलीकॉप्टरों के माध्यम से समुद्र में स्थित गतिशील और स्थिर दोनों प्रकार के लक्ष्यों पर हमला करने के लिए डिजाइन किया गया था।
अराक भारी जल संयंत्र क्यों महत्वपूर्ण
अराक भारी जल संयंत्र पर हमले की खबर बेहद गंभीर है क्योंकि यह यूनिट ईरान के परमाणु कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। यूरेनियम के अलावा, प्लूटोनियम-239 दूसरा सबसे प्रमुख तत्व है जिससे परमाणु हथियार बनाए जाते हैं। इजरायल का मानना है कि अगर ईरान इस संयंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर लेता, तो उसके पास परमाणु हथियार बनाने की क्षमता बहुत ज्यादा हो जाती।

















