दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बुधवार (25 मार्च) को एक अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ किया, जिसे दरियागंज इलाके से ऑपरेट किया जा रहा था। इस ऑपरेशन में शहबाज अंसारी नाम के एक कुख्यात तस्कर की पहचान सरगना के तौर पर हुई है।
बताया जा रहा है कि वह इस समय बांग्लादेश में है और उसी ने वर्ष 2022 में हुई पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में इस्तेमाल किए गए अत्याधुनिक हथियार मुहैया कराए थे। पुलिस ने गिरोह के दस मुख्य गुर्गों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से विदेश में बने अत्याधुनिक हथियारों का एक बड़ा जखीरा भी बरामद किया है। यह कार्रवाई 13 मार्च 2026 के दौरान कई जगहों पर की गई सिलसिलेवार और सुनियोजित छापेमारी के बाद की गई है।
पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते हथियारों की तस्करी
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि हथियारों की तस्करी पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते की जा रही थी। दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 25 मार्च को इसकी जानकारी देते हुए पोस्ट किया। उन्होंने बताया कि यह गिरोह नेपाल के रास्ते उत्तर भारत में अवैध हथियारों की तस्करी किया करता था। पंजाबी गायक ‘सिद्धू मुसेवाला’ की हत्या से इनके तार जुड़े हैं। खुफिया जानकारी के आधार पर 13 मार्च 2026 को दिल्ली पुलिस ने दरियागंज इलाके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर बाद में गिरोह के अन्य सात सदस्यों को भी ट्रेस कर गिरफ्त में लिया गया। उनके पास से एक मशीन गन, 20 विदेशी पिस्टल्स, एक स्कूटी और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा बरामद
अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए हथियारों में PX-5.7 पिस्तौलें भी शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल आमतौर पर स्पेशल फोर्सेज द्वारा किया जाता है। इसके अलावा तुर्की में बनी Stoeger पिस्तौल, चीन की PX-3 पिस्तौल, चेक गणराज्य की Shadow CZ, इटली की Beretta, ब्राजील की Taurus, जर्मनी की Walther की पिस्तौलें भी शामिल हैं। इनके साथ ही 200 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए। बरामद किए गए कुछ हथियार बेहद अत्याधुनिक हैं, जो आमतौर पर अवैध बाजारों में आसानी से उपलब्ध नहीं होते हैं।
नेटवर्क दिल्ली के दरियागंज से चल रहा था
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच में संयुक्त आयुक्त सुरेंद्र कुमार ने बताया कि मार्च के पहले हफ्ते में टीम को यह सूचना मिली थी कि दिल्ली और उत्तर भारत में हथियारों की तस्करी करने वाला एक गिरोह सक्रिय है, जो अभी भी लगातार हथियार सप्लाई किए जा रहे हैं। इस सूचना के आधार पर दिल्ली 6 के दरियागंज इलाके में छापेमारी की गई और वहां से तीन आरोपियों को पकड़ा गया। इनके पास से चार अत्याधुनिक हथियार बरामद किए गए। मुख्य आरोपी का नाम राही है, उसके पास से ही ये हथियार मिले। इन सभी से पूछताछ के बाद मोहम्मद नौमान नाम के शख्स को गिरफ्तार किया गया। मोहम्मद नौमान इस पूरे सिंडिकेट को संभालता था। वह नेटवर्क से जुड़े लोगों को प्रत्येक हथियार के साथ एक मोबाइल और सिम किट प्रोवाइड करवाता था।
सिद्धू मुसेवाला केस में एनआईए ने शहबाज अंसारी को किया गिरफ्तार
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने मोहम्मद नौशाद के बारे में बताया। इसके बाद मंगलवार (24 मार्च) की सुबह मोहम्मद नौशाद को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में स्थित सिकंदराबाद से गिरफ्तार किया गया। सख्ती से पूछताछ के बाद उसने कबूल किया उसके पास कई पिस्तौलें हैं। वह इमरान और कामरान नाम के दो व्यक्तियों के साथ मिलकर यह काम करता है। ये हथियार वे नेपाल के रास्ते लाते थे। नौशाद ने यह भी बताया कि उसकी मदद एक शहबाज अंसारी नाम का शख्स करता है। 2022 में सिद्धू मुसेवाला केस में एनआईए ने शहबाज अंसारी को गिरफ्तार किया था। 2025 में उसे जमानत मिल गई। वर्तमान में उसकी करंट लोकेशन हमारे पड़ोसी मुल्क में एक जगह बताई गई है, जिसकी जांच की जा रही है। इस गिरोह से जुड़े कुल 10 लोगों को गिरफ्तारी हो चुकी है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने इस मामले की जांच तेज कर दी है, ताकि इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पता लगाया जा सके।

















