प्रतिनिधि सभा में एक विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित हुई। इसका उद्घाटन सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने किया। प्रदर्शनी में नौवें सिख गुरु महान बलिदानी श्री गुरु तेगबहादुर जी के जीवन की झलकियां तथा हरियाणा प्रदेश के ऐतिहासिक, पौराणिक स्थलों के साथ विभिन्न महान विभूतियों के जीवन, विचारों और समाज के प्रति उनके योगदान को प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी के चार प्रमुख भाग रहे। एक हिस्से में हरियाणा के महान स्वतंत्रता-सेनानी, वीर योद्धा, महान खिलाड़ियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि प्राप्त व्यक्तित्वों के विवरण और चित्र थे। दूसरे भाग में सिखों के नवम गुरु श्री गुरु तेगबहादुर जी के जीवन के अनेक महत्वपूर्ण प्रसंगों को चित्रों के माध्यम से दिखाया गया।
देश और समाज के लिए अपना सर्वस्व बलिदान करने वाले श्री गुरु तेगबहादुर जी के बलिदान का यह 350 वां वर्ष है और इस अवसर पर यह प्रदर्शनी आगंतुकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इसके अतिरिक्त प्रदर्शनी में सरस्वती नदी तथा भगवद्गीता से हरियाणा की भूमि के सनातन संबंध को दर्शाने वाली सामग्री भी प्रदर्शित की गई। प्रदर्शनी में हरियाणा में संघ कार्य के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले दिवंगत स्वयंसेवकों के भी चित्र शामिल थे। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दिवंगत प्रचारकों के चित्र व जीवन परिचय भी प्रदर्शनी में दिखाए गए।

प्रदर्शनी में प्रथम खालसा राज्य की राजधानी लोहागढ़ किला, श्री गुरु तेगबहादुर जी के जीवन से संबंधित विभिन्न घटनाओं के चित्र, उत्तर भारत के प्रथम महिला विश्वविद्यालय के संस्थापक तथा नारी शिक्षा के पुरोधा भक्त फूलसिंह, हरियाणवी रागनी विधा के शिखर पुरुष व महान सूर्य कवि दादा लख्मीचंद, महान किसान नेता दीनबंधु सर छोटू राम, स्वतंत्रता सेनानी और महान योद्धा राव तुलाराम, 1857 की क्रांति के बलिदानी सेठ हुकुमचंद जैन, अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष छेड़ने वाले बल्लभगढ़ के राजा नाहर सिंह, श्री गुरु तेगबहादुर जी के शीश के सम्मान की रक्षा के लिए अपना शीश देने वाले सोनीपत के बढ़खालसा गांव के कुशाल सिंह दहिया, औरंगजेब से लड़ने वाले महान वीर गोकुला जाट, मेवात में कन्वर्जन रोकने वाले दादा कान्हा, बाजे भगत, कवि फौजी मेहर सिंह, प्रसिद्ध संगीतकार पंडित जसराज, परमवीर चक्र विजेता होशियार सिंह, जनरल वी.के. सिंह, जनरल दलबीर सिंह सुहाग, निर्धन बालकों को शिक्षा देने वाले सेठ छज्जूराम, गोरक्षक हरफूल जाट, हसन खान मेवाती, क्रिकेटर कपिल देव, ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, साइना नेहवाल, बाबा रामदेव, दिल्ली की गद्दी पर अंतिम हिंदू सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य, आर्य समाजी स्वामी उमानंद सरस्वती, बॉलीवुड कलाकार रणदीप हुड्डा, संगीतकार जोड़ी जतिन—ललित जैसे हरियाणा की विभूतियों के चित्र प्रदर्शित किए गए।
प्रदर्शनी का उद्देश्य समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना तथा महान व्यक्तित्वों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना था।

















