खाड़ी में चल रहे युद्ध के बीच ईरान भले ही अमेरिका और इजरायल की तुलना में कमजोर साबित हो रहा है। लेकिन, दूसरी हकीकत ये भी है कि वो झुकने का नाम नहीं ले रहा है। इजरायल के द्वारा नतांज परमाणु प्लांट पर हमले की घटना के बाद ईरान ने इज़राइल के डिमोना शहर में स्थित शिमोन पेरेस नेगेव परमाणु प्लांट को टार्गेट करके मिसाइल हमले किए हैं।
शनिवार की रात को किए गए हमले में बैलिस्टिक मिसाइलों से दक्षिणी इज़राइल के इलाकों को निशाना बनाया गया। डिमोना शहर पर फोकस रहा जो नेगेव रेगिस्तान में है और शिमोन पेरेस नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर के पास स्थित है।
बैलिस्टिक और क्लस्टर मुनिशन से हमला
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिनमें से कुछ क्लस्टर मुनिशन वाली बताई जा रही हैं। डिमोना में सायरन बजे, आसपास के इलाकों में भी अलर्ट हुआ। इज़रायल की एयर डिफेंस ने ज्यादातर मिसाइलों को रोक लिया, लेकिन कम से कम एक या दो मिसाइलें बच गईं और हमला कामयाब रहा। एक मिसाइल के इंटरसेप्शन से गिरे मलबे ने डिमोना में एक इमारत को ढहा दिया। फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज ने बताया कि शहर में कम से कम 12 जगहों पर सर्च ऑपरेशन चलाए गए। उत्तरी इज़राइल में भी लेबनान से हिजबुल्लाह की ओर से रॉकेट दागे गए।
क्या हुआ नुकसान
अलग-अलग रिपोर्ट में विभिन्न दावे किए जा रहे हैं। लेकिन अधिकतर रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि ईरानी हमले में कम से कम 100 लोगों के बुरी तरह से घायल होने की खबर है। इमारत गिरने से मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी है। कोई मौत की खबर नहीं है इस खास घटना में, लेकिन सर्च चल रही है। इमारत ज्यादातर इंटरसेप्शन डेब्री से ढही।
गौरतलब है कि ईरान का यह पलटवार उस वक्त हुआ जब हाल ही में अमेरिका-इज़राइल ने ईरान के नतांज न्यूक्लियर साइट पर हमला किया था। ईरान ने इसे जवाबी कार्रवाई बताया। डिमोना के पास न्यूक्लियर फैसिलिटी होने की वजह से यह इलाका संवेदनशील माना जाता है, लेकिन इज़राइल ने कोई रेडिएशन लीक या फैसिलिटी को डायरेक्ट नुकसान की बात नहीं कही। ईरान ने पहले भी धमकी दी थी कि अगर उनके रेजीम चेंज की कोशिश हुई तो डिमोना को टारगेट करेंगे।

















