ईरान ने खाड़ी युद्ध के बीच होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक करके दुनिया की ऊर्जा सप्लाई पर तगड़ा प्रहार किया है। अमेरिका को ये बात अच्छे से पता है कि जिस तरह से दिन प्रति दिन तेल और गैस की कीमतों में तेजी आती जा रही है, उस पर दबाव बढ़ता जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से ईरान को धमकी दे डाली है कि अगर 48 घंटे के अंदर वो होर्मुज को नहीं खोलता है तो वे उसके पॉवर प्लांट पर हमला करके उसे तबाह कर देंगे।
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा, “अगर ईरान इस पल से ठीक 48 घंटे के अंदर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को FULLY OPEN, WITHOUT THREAT नहीं करता, तो यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका उनके विभिन्न पॉवर प्लांट पर हमला कर उन्हें तबाह कर देगा, और सबसे बड़े प्लांट से शुरू करेगा!”
ईरान में अब तक 2000 से अधिक मौतें
ट्रंप ने धमकी तब दी है, जब इस युद्ध में अब तक ईरान में 2,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। दूसरी तरफ, ईरान ने इजरायल के शहरों पर मिसाइलें दागी हैं, जिसमें 15 लोग मारे गए हैं। हाल ही में ईरान ने लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल किया, जो पहली बार हुआ। इन मिसाइलों ने इजरायल के दक्षिणी शहरों दिमोना और अराद को निशाना बनाया, जहां दर्जनों लोग घायल हुए, बच्चों सहित। ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि ये हमले “सैन्य ठिकानों” और सुरक्षा केंद्रों पर किए गए।
डिएगो गार्शिया पर हमला
ईरान ने डिएगो गार्सिया नाम की अमेरिका-ब्रिटेन की सैन्य बेस पर भी 4,000 किलोमीटर रेंज वाली दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इजरायली सेना के चीफ एयाल ज़मीर ने कहा कि ये मिसाइलें सिर्फ इजरायल के लिए नहीं हैं – इनकी रेंज यूरोप के बड़े शहरों जैसे बर्लिन, पेरिस और रोम तक पहुंचती है। इजरायल की एयर डिफेंस सिस्टम ने कुछ मिसाइलों को रोका, लेकिन कई नहीं रोक पाईं। इजरायली सेना अब इसकी जांच कर रही है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह हमारे भविष्य की लड़ाई का बहुत मुश्किल शाम रहा है, और हम हर मोर्चे पर दुश्मनों पर हमला जारी रखेंगे।
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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के लिए बहुत अहम है। यह एक संकीर्ण जलमार्ग है जहां से दुनिया का करीब 20% तेल और गैस गुजरता है। ईरान के इस जलमार्ग को बंद करने की कोशिशों से जहाजों का आवागमन लगभग रुक गया है। तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। ट्रंप पहले भी कह चुके हैं कि अमेरिका नेवी जहाजों को एस्कॉर्ट कर सकती है, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो पाया। हाल ही में ट्रंप ने कहा था कि वे युद्ध को “वाइंड डाउन” करना चाहते हैं, लेकिन अब यह धमकी एकदम उलट दिशा में है।

















