पाकिस्तान अपना असली चेहरा रमजान माह में भी नहीं छुपा सका। अब उसकी एक और घटिया हरकत सामने आई है। चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने शिया मौलानाओं को ईरान चले जाने की सलाह दी है। आसिम मुनीर ने गुरुवार (19 मार्च) को रावलपिंडी के जनरल हेडक्वार्टरस (GHQ) में हुई इफ्तार बैठक में पाकिस्तान के शिया मौलानाओं के साथ मुलाकात की । इस दौरान उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध और देश की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की।
पाकिस्तानी न्यूज पोर्टल द डॉन के मुताबिक, आसिम मुनीर ने बैठक में शिया मौलानाओं से कहा, “हम विदेशों में हुई घटनाओं के कारण पाकिस्तान में होने वाली हिंसा को बर्दाश्त नहीं करेंगे। अगर आपको ईरान से इतनी ही मोहब्बत है तो आप वहीं चले जाओ। हम किसी को भी दूसरे देश की वजह से पाकिस्तान में अशान्ति फैलाने की इजाजत नहीं देंगे।” मुनीर के विवादास्पद बयान देने के बाद शिया समुदाय में गहरा आक्रोश देखने को मिला। शिया मौलानाओं ने कहा कि यह व्यवहार न केवल अपमानजनक है, बल्कि पूरे समुदाय को आहत करने वाला भी है।
मौलाना अल्लामा आगा का बड़ा खुलासा
आसिम मुनीर के साथ बैठक में मौजूद पाकिस्तानी शिया मौलाना अल्लामा आगा शिफा नजफी ने शुक्रवार (20 मार्च 2026) को इस्लामाबाद में इस बात का खुलासा किया। नजफी के अनुसार, आसिम मुनीर ने अयातुल्लाह अली खामेनेई के मारे जाने के बाद देश में भड़के विरोध प्रदर्शन पर नाराजगी जताई, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। वहीं, पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार मार्च माह की शुरुआत में ईरान के खिलाफ इजराइल-अमेरिका युद्ध शुरू होने और अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया। उस दिन गिलगिट-बाल्टिस्तान में सेना की इमारत को जलाया गया था। इसकी वजह से सुरक्षा बलों को कराची और गिलगिट-बाल्टिस्तान में सख्त कार्रवाई करनी पड़ी।
देश में अशांति फैलाने वाले को मिलेगी सख्त सजा
बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख ने करीब एक घंटे तक मौलानाओं से सख्त लहजे में बातचीत की। उन्होंने ईरान को बड़ी ताकतों के दबाव में बताया और जोर देकर कहा कि पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल उसके खिलाफ नहीं किया जा रहा है। मुनीर ने मौलानाओं को चेतावनी दी कि कहीं और हो रही घटनाओं का इस्तेमाल पाकिस्तान के आंतरिक माहौल को बिगाड़ने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। किसी ने भी देश में अशांति फैलाने की कोशिश की तो उसे सख्त सजा दी जाएगी।
शिया मौलानाओं ने जताया दुख
अल्लामा आगा शिफा नजफी ने दुख के साथ कहा कि आज उनसे कहा जा रहा है ईरान चले जाओ। क्या कभी इस्लामाबाद, कराची में किसी शिया समुदाय के व्यक्ति ने किसी सैनिक की जान ली है? अल्लामा आगा शिफा नजफी ने सवाल उठाते हुए कहा की जिन लोगों ने सैनिकों के सिर काटकर उनसे फुटबॉल खेलने का काम किया। जिन लोगों ने इस्लामाबाद में सिटिंग जर्नल को मारा था क्या कभी उनसे कहा कि अफगानिस्तान चले जाओ, लेकिन हमसे कहा जा रहा है की ईरान चले जाओ। उन्होंने कहा कि आसिम मुनीर ने शिया मौलानाओं को यह भी बताया की सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान का रक्षा समझौता है और ईरान सऊदी पर हमला कर रहा है। ऐसे में आसिम मुनीर ने ईरान से कह दिया है कि अगर वह सऊदी पर हमला जारी रखता है तो पाकिस्तान को उसकी रक्षा के लिए उतरना पड़ेगा।

















