आज के समय में देश के ज्यादातर घरों में खाना बनाने के लिए एलपीजी गैस का उपयोग किया जाता है। पहले जहां लोग लकड़ी, कोयला या चूल्हे का इस्तेमाल करते थे, वहीं अब एलपीजी सिलेंडर ने रसोई को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बना दिया है। खासकर गरीब और जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना शुरू की है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन और सिलेंडर रिफिल पर सब्सिडी दी जाती है, जिससे उनका आर्थिक बोझ कुछ कम हो सके।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि गरीब परिवार भी स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल कर सकें और धुएं से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से बच सकें। हालांकि कई बार ऐसा होता है कि उपभोक्ता गैस सिलेंडर लेने के बाद भी उनके बैंक खाते में सब्सिडी का पैसा नहीं पहुंचता। ऐसी स्थिति में लोग परेशान हो जाते हैं और उन्हें समझ नहीं आता कि समस्या कहां है। सब्सिडी न मिलने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। सबसे आम कारण यह है कि उपभोक्ता का बैंक खाता आधार से लिंक नहीं होता। सरकार की PAHAL (Direct Benefit Transfer for LPG) योजना के तहत सब्सिडी सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। यदि बैंक खाता आधार से जुड़ा नहीं है तो सब्सिडी ट्रांसफर नहीं हो पाती। इसके अलावा यह भी संभव है कि एलपीजी कनेक्शन डीबीटीएल योजना से जुड़ा न हो या उपभोक्ता ने अनजाने में “गिव इट अप” विकल्प चुन लिया हो। कई बार तकनीकी गड़बड़ी या सिस्टम में देरी के कारण भी सब्सिडी समय पर नहीं पहुंचती।
सब्सिडी न मिलने पर क्या करें- अगर आपके खाते में सब्सिडी नहीं आई है तो आप MyLPG Portal के जरिए ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले MyLPG वेबसाइट पर जाकर अपनी गैस कंपनी चुनें और कस्टमर आईडी या मोबाइल नंबर से लॉगिन करें। इसके बाद “Feedback” या “Complaint” सेक्शन में जाकर अपनी समस्या से जुड़ी जानकारी भरकर फॉर्म सबमिट करें। शिकायत दर्ज होने के बाद आपको एक रेफरेंस आईडी मिलती है, जिससे आप अपनी शिकायत की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।
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इसके अलावा उपभोक्ता अपनी गैस कंपनी की वेबसाइट पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। Indane Gas, Bharat Gas और HP Gas के ग्राहक अपने-अपने कस्टमर पोर्टल पर जाकर “Grievance” या “Raise Complaint” विकल्प का उपयोग कर सकते हैं। यदि ऑनलाइन शिकायत संभव न हो तो टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके भी सहायता ली जा सकती है। शिकायत दर्ज करते समय एलपीजी आईडी, कस्टमर आईडी, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और बैंक खाते की सही जानकारी अपने पास रखना जरूरी होता है। साथ ही शिकायत का स्क्रीनशॉट या पीडीएफ सुरक्षित रखना भी बेहतर रहता है, ताकि जरूरत पड़ने पर उसे प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके।















