नेपाल में Zen Z आंदोलन के बाद हाल ही में संपन्न हुए आम चुनाव में आरएसपी ने जबर्दस्त तरीके से सफलता हासिल की है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के दो प्रमुख नेताओं से फोन पर बात की। ये दोनों नेता राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) से रबी लामिछाने और बालेंद्र शाह से अलग-अलग बात की।
नेपाल के अगले पीएम बन सकते हैं बालेंद्र शाह
गौरतलब है कि रबी लामिछाने आरएसपी के चेयरमैन हैं। बालेंद्र शाह पार्टी के सीनियर लीडर हैं और वे काठमांडू के मेयर रह चुके हैं। अब बालेंद्र शाह को नेपाल का अगला प्रधानमंत्री बनने की संभावना है, वो भी सबसे युवा उम्र में। वे स्ट्रक्चरल इंजीनियर हैं। इस बार चुनाव में उन्होंने झापा-5 सीट से पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को हराया। ओली 74 साल के हैं और काफी अनुभवी नेता माने जाते हैं, लेकिन बालेंद्र शाह ने उनसे लगभग चार गुना ज्यादा वोट पाए—68,348 वोट उनके, जबकि ओली को सिर्फ 18,734 मिले। ये चुनाव आयोग नेपाल ने घोषित किया था। इससे नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव आया है, जहां युवा और नई पार्टी को लोग भारी समर्थन दे रहे हैं।
दोनों नेताओं को प्रधानमंत्री ने दी बधाई
मोदी जी ने दोनों नेताओं को उनके चुनावी जीत पर बधाई दी। उन्होंने आरएसपी की शानदार सफलता की तारीफ की। फोन पर बातचीत काफी गर्मजोशी से हुई। मोदी जी ने कहा कि भारत नई सरकार के गठन के लिए उनकी शुभकामनाएं देता है। उन्होंने ये भी दोहराया कि भारत दोनों देशों के लोगों की भलाई, प्रगति और समृद्धि के लिए साथ मिलकर काम करने को तैयार है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले सालों में भारत-नेपाल के रिश्ते और मजबूत होंगे, नई ऊंचाइयों को छुएंगे। ये सब उन्होंने अपनी एक्स पोस्ट में भी लिखा।
पहले भी प्रधानमंत्री ने दी थी बधाई
इससे पहले चुनाव में जीत के बाद प्रधानमंत्री ने एक्स के जरिए सफल चुनाव के लिए नेपाल को बधाई दी थी। उन्होंने लिखा – “मैं नेपाल के लोगों और सरकार को चुनावों के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए हार्दिक बधाई देता हूं। मेरे नेपाली बहनों और भाइयों को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इतने जोश से इस्तेमाल करते देख बहुत अच्छा लग रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “ये ऐतिहासिक पड़ाव नेपाल की लोकतांत्रिक यात्रा में गर्व का क्षण है। भारत एक करीबी दोस्त और पड़ोसी के रूप में नेपाल के लोगों और उनकी नई सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है। दोनों देश मिलकर शांति, प्रगति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छू सकें, इसके लिए भारत का साथ अटल रहेगा।”

















