मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने एक प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा तथा लोकसभा निर्वाचनों की मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के दौरान दावा एवं आपत्ति अवधि (6 जनवरी से 6 मार्च, 2026 तक) में नागरिकों से दावे आपत्तियों और इसी अवधि में गणना चरण में मिलान न कराने वाले मतदाताओं तथा मिलान में तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं को नोटिस एवं सुनवाई चरण (6 जनवरी से 27 मार्च, 2026 तक) में जारी किये गये नोटिस एवं सुनवाई पूर्ण की गई।
शिकायतों का शत प्रतिशत निस्तारण
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के जन शिकायत निवारण प्रणाली (पीजीआरएस) सेल से विशेष प्रगाढ पुनरीक्षण अवधि में दिनांक 6 मार्च, 2026 तक प्राप्त कुल-409 शिकायतों का शत प्रतिशत निस्तारण किया जा चुका है। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अवधि में विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों से कुल-92 शिकायतें प्राप्त हुई, जिसमे समाजवादी पार्टी से 78, भारतीय जनता पार्टी से 8. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से-5 तथा आम आदमी पार्टी से 1 शिकायत प्राप्त हुई। प्राप्त सभी शिकायतों का निस्तारण कराया जा चुका है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि 6 जनवरी, 2026 को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में कुल मतदाता- 12,55,56,025 हैं। इसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 6,88,43,159 (54.83%) और महिला मतदाताओं की संख्या 5,67,08,747 (45.17%) है। तृतीय लिंग मतदाताओं की संख्या 4,119 (0.01% से कम) है। समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को यह निर्देशित किया गया था कि वह सुनवाई हेतु आने वाले मतदाताओं को अथवा उनके द्वारा नामित प्रतिनिधियों को यथासंभव सहायता प्रदान करें जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा सुनवाई स्थल पर मतदाताओं को कम से कम समय व्यतीत करना पड़े। मिलान न कराने वाले मतदाताओं की सुनवाई हेतु यह निर्देश जारी किये गये हैं कि मतदाताओं को होने वाली असुविधा को कम करने हेतु सुनवाई प्रक्रिया में मतदाताओं को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से छूट दी जा सकती है। जो मतदाता किसी कारणवश सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो सकते, उनके द्वारा अपनी ओर से किसी भी व्यक्ति को सुनवाई हेतु उपस्थित होने के लिए लिखित रूप में हस्ताक्षर कर अथवा अंगूठे का निशान लगाकर अधिकृत किया जा सकता है।
मतदान केंद्रों पर भी हो रही सुनवाई
मतदाताओं की सुविधा हेतु ईआरओ एवं एईआरओ द्वारा मतदान केन्द्रों पर भी सुनवाई की जा रही है, तथा बूथ लेवल अधिकारी भी मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने में सहयोग कर रहे हैं। इससे मतदाताओं को भी न्यूनतम दूरी तय करनी पड़ रही है तथा मतदाता सुनवाई हेतु उपस्थित भी हो रहे हैं। तार्किक विसंगति हेतु समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि बीएलओ नोटिस को मतदाता अथवा उसके संबंधी को देकर पावती व फोटो को अपलोड करेगा तथा संबंध का अभिलेख एवं विगत विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण का अंश एवं अपनी घोषणा बीएलओ ऐप पर अपलोड करेगा।
उन्होंने बताया कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 प्रारम्भ होने के पश्चात मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ राज्य स्तर पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में पांच बैठकें आयोजित की गयी, जिसमें भारत निर्वाचन आयोग के नवीनतम दिशा निर्देशों एवं कार्य की अद्यतन प्रगति से उन्हें अवगत कराते हुए उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया तथा उनसे फीडबैक एवं सुझाव भी प्राप्त किये गये। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दौरान गणना चरण 4 नवम्बर, 2025 से 26 दिसम्बर, 2026 में मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारियों तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के साथ 1,546 बैठकें तथा दावा एवं आपत्ति अवधि में 1,544 बैठकें की गई। इस प्रकार प्रदेश में मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ कुल 3,090 बैठकें आयोजित की गयी, जिनमें मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण से सम्बन्धित समस्त कार्यवाहियों, तत्संबंधी नियमों एवं प्रक्रिया की जानकारी दी गई एवं उनसे सहयोग की अपेक्षा की गयी।
चुनाव अधिकारी ने कहा कि विशेष प्रगाढ पुनरीक्षण-2026 के अन्तर्गत मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों द्वारा नियुक्त 5.82.877 बूथ लेवल एजेंटों द्वारा भी पुनरीक्षण प्रक्रिया में सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया गया। दावा एवं आपत्ति अवधि में सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के बूथ लेवल एजेण्टों द्वारा मिलकर कुल-40.669 फार्म-6 तथा कुल 1,805 फार्म 7 जमा किये गये। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के अन्तर्गत प्रदेश भर में समस्त मतदेय स्थलों पर अधिक से अधिक संख्या में पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में सम्मिलित करने के उद्देश्य से दावा एवं आपत्ति अवधि में चार विशेष अभियान दिवसों का आयोजन किया गया। 11 जनवरी को पहले, 18 जनवरी को दूसरे, 31 जनवरी को तीसरे तथा 22 फरवरी, 2026 को चौथा विशेष अभियान दिवस का आयोजन किया गया।
शिकायतों के निस्तारण के लिए राष्ट्रीय शिकायत पोर्टल है
उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन संबंधी शिकायतों के निस्तारण के लिए राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल संचालित है। नागरिकों द्वारा आयोग के पोर्टल voters.eci.gov.in अथवा ECINET मोबाइल ऐप पर मोबाइल नम्बर अथवा ई-मेल आईडी से लॉगइन कर अपनी शिकायतों को दर्ज कर उनको ट्रैक किया जा सकता है। प्रत्येक शिकायत के निस्तारण के लिए निश्चित समयावधि निर्धारित होती है। शिकायतों के निस्तारण के उपरान्त शिकायतकर्ता द्वारा निस्तारण से संतुष्ट होते हुए 1 से 3 अंक तक दिये जाते हैं। नागरिकों द्वारा माह फरवरी, 2026 में दी गयी रेटिंग के अनुसार उत्तर प्रदेश को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में एनजीएसपी पर दिनांक 27 अक्टूबर, 2025 से दिनांक 06 मार्च 2026 तक कुल 92,497 शिकायतें प्राप्त हुई, जिसके सापेक्ष कुल 91,790 (99.24 प्रतिशत) शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कर पूरे देश में चौथा स्थान प्राप्त किया। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बुक ए कॉल विद बीएलओ की सुविधा प्रदान की गयी। इस सुविधा के माध्यम से कोई भी मतदाता अपने बीएलओ से सीधे बात करने के लिए आयोग के पोर्टल voters.eci.gov.in अथवा ECINET मोबाइल ऐप के माध्यम से फोन कॉल बुक कर सकता है। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की अवधि में माह फरवरी, 2026 तक 7.99 लाख कॉल्स बुक की गयीं थीं. जिसके सापेक्ष 7.68 लाख (96.12%) मतदाताओं को बीएलओ द्वारा कॉल करके सम्पर्क किया गया। 30.68 हजार (03.84%) मतदाताओं द्वारा कॉल नहीं उठाया गया। बुक ए कॉल विद बीएलओ सुविधा के अन्तर्गत कॉल निस्तारण में माह-फरवरी, 2026 में उत्तर प्रदेश को पूरे देश में द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है।
अधिकारी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित राष्ट्रीय सम्पर्क केन्द्र (NCC) की भांति विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के दौरान प्रदेश स्तर पर राज्य सम्पर्क केन्द्र (SCC- Helpline No. 1800-180-1950) तथा सभी जनपदों में जिला सम्पर्क केन्द्रों (DCC-Helpline No. 1950) का संचालन सभी कार्य दिवसों में किया जा रहा है। किसी अन्य जनपद के जिला सम्पर्क केन्द्र पर कॉल करने के लिए उस जनपद के एसटीडी कोड के साथ 1950 डॉयल करना होता है।

















