तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी नीत एनडीए की बहुत ही मजबूत और सशक्त दावेदारी सामने आ रही है। भाजपा नीत एनडीए तमिलनाडु सहित अन्य प्रदेशों में आधारभूत और विकास परियाजनाओं के आधार पर आगामी विधानसभा चुनाव में बड़ी उपलब्धि प्राप्त करने की और बढ़ रही है। तमिलनाडु और अन्य दक्षिणी राज्य सरकार के विकास परियोजनाओं के लिए पहले से प्राथमिकता पर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मदुरै में 4,400 करोड़ रुपये की आधारभूत संरचना और परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं के लागू होने के बाद राज्य में बड़े पैमाने पर कनेक्टिविटी और आर्थिक सशक्तिकरण के साथ ही रोजगार के अवसर बनेंगे। एनडीए सरकार के 2014 में केंद्र में आने के बाद 4,000 किमी से अधिक राजमार्ग का निर्माण किया गया है। तटीय पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए 2100 करोड़ रूपए के अधिक की लागत से मरक्कनम-पुडुचेरी 4-लेन परियोजना का निर्माण किया गया है।
तमिलनाडु में रेलवे का बजट नौ गुना बढ़ा
तमिलनाडु में रेलवे का बजट यूपीए सरकार के कार्यकाल में 880 करोड़ से बढ़ाकर लगभग नौ गुना यानि 7600 करोड़ कर दिया गया है। रामेश्वरम और धनुषकोडी तक बेहतर आवागमन के लिए ₹1,800 करोड़ से अधिक के लागत से परमकुडी–रामनाथपुरम 4-लेन का रास्ते का निर्माण किया गया है। रेलवे सेवा में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए अमृत भारत योजना के तहत 77 स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है। युवाओं को रोजगार देने के लिए 200 औद्योगिक क्लस्टर का निर्माण किया जा रहा है। लोगों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए बेंगलुरु-चेन्नई और चेन्नई-हैदराबाद में बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बनाया जा रहा है। तमिलनाडु में 9 वंदे भारत और 9 अमृत भारत ट्रेनें चलेंगी। तमिलनाडु में 1,300 किलोमीटर से ज़्यादा नए ट्रैक बिछाए गए हैं, साथ ही 97% का विद्युतीकरण हो चुका है। सैकड़ों फ्लाईओवर और अंडरपास से सुरक्षा और कार्यक्षमता में सुधार हुआ है।
एनडीए सरकार में ही बना नया पंबन पुल
एनडीए सरकार में नया पंबन रेलवे पुल बनाया गया है। पंबन रेलवे पुल देश का पहला वर्टिकल लिफ्ट सी ब्रिज आधुनिक बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित करने वाले हैं। तमिलनाडु में पाल्क जलडमरूमध्य पर फैला 2.07 किलोमीटर लंबा भारत का पहला वर्टिकल लिफ्ट रेलवे समुद्री पुल हैं। इस पुल का निर्माण खर्च लगभग 545 करोड़ है। इस पूल के कारण राज्यवासियों को उनके सुविधाएं मिल रही है। पंबन पुल से भारी रेल यातायात और तेज ट्रेनों का समायोजन करके परिवहन बेहतर हुआ है। बड़े जहाजों को बिना किसी व्यवधान के गुजरने से बड़ी राहत मिल रही है। यह पुल मजबूत निर्माण के कारण न्यूनतम रखरखाव के साथ 100 से अधिक वर्षों का जीवनकाल होने से जनता को बड़ी राहत मिली है।
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तमिलनाडु में तमिल दूरदर्शन भी लॉन्च
तमिलनाडु में दूरदर्शन का नया तमिल चैनल खुद प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन किया था। मछुआरों के कल्याण के लिए भी एनडीए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। राज्य की भलाई के लिए श्रीलंका सरकार के साथ उठाए गए कदमों के अलावा, तमिलनाडु के नागपट्टिनम प्राकृतिक बंदरगाह और उत्तरी श्रीलंका के जाफना जिले में कांकेसंथुराई बंदरगाह के बीच नौका सेवा शुरू करना स्थानीय लोगों के लिए एक बहुत अच्छा उदाहरण है। तमिलनाडु के लोग इन कदमों से काफी प्रसन्नचित्त और राहत महसूस कर रहे हैं। सामान्य जन को जाम से निजात दिलाने के लिए चेन्नई तट से एझुम्बुर तक चौथा रेलवे मार्ग का निर्माण भी बड़ी पहल है। कुंभकोणम, एरकाडू और वेल्लोर में 3 नए एफएम एफएम प्रसारण की शुरुआत भी जनहित में बड़ा कदम है।
राजनीतिक मोर्चे पर भाजपा की उपलब्धियां
भाजपा ने राजनितिक मोर्चे पर भी तमिलनाडु में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की है। भाजपा ने तमिलनाडु की राजनीति में बड़ी सफलता तब प्राप्त किया जब पार्टी की वानति श्रीनिवासन ने कोयंबटूर दक्षिण विधानसभा सीट पर कमल हसन को चुनावी शिकस्त दी थी। कोयंबटूर दक्षिण विधानसभा सीट के 2021 का परिणाम राज्य में भाजपा और एनडीए कार्यकर्ताओं में आत्मविश्वास दिया है। कमल हसन वर्तमान में राज्यसभा सदस्य है। यह भाजपा के लिए बड़ी उपलब्धि थी, ठीक वैसे ही जैसे 2021 में भाजपा के सुवेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चुनाव में पटखनी दी थी।
भाजपा का ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के साथ मजबूत और दूरगामी गठबंधन विपक्षी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम नीत धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन के काफी मजबूत दिख रही है। धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन में टूट की बड़ी सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। द्रविड़ मुन्नेत्र कज़गम ने खुले तौर पर कांग्रेस पार्टी की खिल्ली उड़ाते हुए उसे सरकार बनाने की स्थिति में भी अगली सरकार में साझीदार नहीं बनाने की घोषणा कर दिया है। इतना ही नहीं, बल्कि कांग्रेस पार्टी को 2021 विधानसभा चुनाव की तरह ही 25 विधानसभा की सीट ही देने को तैयार है, जबकि कांग्रेस पार्टी 39 सीट मांग रही है। वर्तमान में कांग्रेस पार्टी कर तमिलनाडु विधानसभा में 17 विधायक हैं, मगर मुख्यमंत्री स्टालिन ने कांग्रेस पार्टी के किसी भी विधायक को मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं बनाया है।














