ईरान में चल रहे युद्ध का बुरा असर भारत में उड़ानों पर पड़ने लगा है। इसका असर ये होने लगा है कि भारत में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराए में अचानक से उछाल देखने को मिला है। खाड़ी एयरस्पेस बंद होने के बाद प्रतिदिन 700 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हो रही हैं।
बुरी तरह से प्रभावित हो रहीं अंतरराष्ट्रीय उड़ानें
युद्ध की वजह से एयरलाइंस को गल्फ सेक्टर को बायपास करना पड़ रहा है। इससे रूट लंबे हो गए हैं और डिमांड बढ़ने के साथ सप्लाई कम होने से किराए आसमान छू रहे हैं। एयरलाइंस का कहना है कि किराया बढ़ने की एक वजह लंबा रूट है, लेकिन मुख्य वजह यात्रियों की भारी संख्या और कम उपलब्ध सीटें हैं।
लंदन-मुंबई रूट पर किराए में उछाल
सोमवार को यूरोपियन कैरियर्स की डायरेक्ट फ्लाइट में लंदन से मुंबई का एकतरफा इकॉनमी क्लास टिकट करीब 2.9 लाख रुपये तक पहुंच गया। बिजनेस क्लास का किराया तो 9 लाख रुपये हो गया। सामान्य दिनों में इस रूट पर इकॉनमी क्लास का किराया 20,000 से 40,000 रुपये और बिजनेस क्लास का 1.2 लाख से 2.5 लाख रुपये रहता है। एयर इंडिया और इंडिगो ने भी कुछ फ्लाइट्स पर रिकॉर्ड हाई किराए के साथ उड़ानें भरीं।
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हैदराबाद और अन्य शहरों में हालात
हैदराबाद से लंदन का एकतरफा किराया सामान्य से दोगुना होकर 65,000 से 90,000 रुपये तक पहुंचा। जर्मनी जाने वाले रूट्स पर किराए में 200% से 300% तक की बढ़ोतरी हुई। हैदराबाद से न्यूयॉर्क (इथियोपिया रूट से) का टिकट 1.5 लाख रुपये तक पहुंच गया। हैदराबाद और यूएई के बीच रोज़ाना औसतन 5,000 यात्री सफर करते हैं, लेकिन अब कनेक्टिविटी बुरी तरह प्रभावित है। सोमवार को राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 50 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हुईं।
कोलकाता एयरपोर्ट पर भी फ्लाइट कैंसिल
कोलकाता एयरपोर्ट पर गल्फ-बेस्ड एयरलाइंस ने दो दिनों में 20 फ्लाइट्स कैंसिल कीं। ट्रैवल एजेंट्स लोगों को सलाह दे रहे हैं कि गल्फ, यूरोप या अमेरिका जाने वाली ट्रिप अभी टाल दें।

















