पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने विदेश में रह रहे अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए त्वरित कदम उठाए हैं। ईरान पर अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई से उत्पन्न अस्थिर स्थिति को देखते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय के निर्देश पर ईरान, इजराइल और कतर स्थित भारतीय दूतावासों ने वहां रह रहे भारतीयों के लिए विस्तृत परामर्श (एडवाइजरी) जारी की है। दूतावासों ने नागरिकों से अत्यधिक सावधानी बरतने, अनावश्यक आवाजाही से बचने और किसी भी आपात स्थिति में जारी हेल्पलाइन नंबरों व ईमेल के माध्यम से तत्काल संपर्क करने का आग्रह किया है।
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान और इजरायल के विदेश मंत्रियों से बात की। उन्होंने दोनों देशों से कहा कि वे तनाव कम करें और कूटनीति के जरिये बातचीत कर रास्ता निकालें। सभी देशों की संप्रभुता और अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। भारत सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि विदेश में रह रहे प्रत्येक भारतीय की सुरक्षा और कुशलक्षेम उसकी प्राथमिक चिंता है। संकट की इस घड़ी में सरकार की सक्रियता और दूतावासों की तत्परता इस बात को रेखांकित करती है कि दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाला भारतीय अकेला नहीं है।
कतर में भारतीयों के लिए विशेष परामर्श
कतर की राजधानी दोहा स्थित भारतीय दूतावास, दोहा ने जारी परामर्श में सभी भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। दूतावास ने कहा है कि बदलती परिस्थितियों को देखते हुए नागरिक नियमित रूप से आधिकारिक सूचनाओं और समाचारों पर नजर रखें। दूतावास ने जन सुरक्षा के हित में स्पष्ट रूप से कहा है कि लोग सैन्य स्थलों के आसपास जाने से बचें, घर या सुरक्षित भवनों के अंदर रहें और अत्यंत आवश्यक होने पर ही बाहर निकलें। किसी भी संभावित जोखिम से बचाव के लिए यह एहतियात जरूरी बताया गया है।
आपात स्थिति में सहायता के लिए 24×7 हेल्पलाइन नंबर 00974-55647502 जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त नागरिक [email protected] पर ईमेल के माध्यम से भी संपर्क कर सकते हैं। दूतावास ने भरोसा दिलाया है कि हर कॉल और संदेश पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
तेहरान में सतर्कता बढ़ाई गई
ईरान की राजधानी तेहरान स्थित भारतीय दूतावास, तेहरान ने भी बदलते घटनाक्रम को देखते हुए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। परामर्श में कहा गया है, “ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिक अत्यंत सावधानी बरतें, अनावश्यक यात्रा से बचें और यथासंभव अपने घरों के भीतर रहें।” दूतावास ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करें। साथ ही, दूतावास की ओर से अगले निर्देश तक धैर्य बनाए रखने और स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है।
आपात स्थिति में सहायता के लिए निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं:
989128109115, 989128109109, 989128109102, 989932179359
दूतावास ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी भारतीय नागरिक को सहायता की आवश्यकता होने पर तत्काल संपर्क करना चाहिए। भारत सरकार की ओर से हर संभव सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
इजरायल में भारतीयों को सजग रहने की सलाह
इजरायल के तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास, तेल अवीव ने क्षेत्र की मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है। दूतावास ने कहा है कि सभी भारतीय स्थानीय सरकार के सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और चिन्हित शरणस्थलों के पास ही रहें। दूतावास ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अगले नोटिस तक इजरायल के भीतर किसी भी तरह की गैर-जरूरी यात्रा से बचा जाए। नागरिकों को स्थानीय समाचार, आधिकारिक घोषणाओं और आपात अलर्ट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।
आपात स्थिति के लिए दो हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं:
972-54-7520711 और 972-54-2428378
भारत सरकार की विशेष चिंता और प्रतिबद्धता
पश्चिम एशिया में हालिया घटनाक्रम ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ाई है। ऐसे समय में भारत सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि विदेशों में बसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर वह कितनी सजग और प्रतिबद्ध है। लाखों भारतीय विभिन्न देशों में कामकाज, व्यापार और शिक्षा से जुड़े हैं। संकट की स्थिति में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी है।
विदेश मंत्रालय लगातार संबंधित देशों की सरकारों के संपर्क में है और हालात पर बारीकी से नजर रखे हुए है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाने की भी तैयारी की जा रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि परिस्थितियां और बिगड़ती हैं तो भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक हर कदम उठाया जाएगा।
नागरिकों से संयम और सतर्कता की अपील
दूतावासों ने नागरिकों से संयम बनाए रखने, अफवाहों से दूर रहने और केवल आधिकारिक माध्यमों से जारी सूचनाओं का पालन करने की अपील की है। विशेष रूप से सैन्य प्रतिष्ठानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने को कहा गया है। भारत सरकार का यह रुख एक बार फिर साबित करता है कि देश अपने नागरिकों के साथ हर परिस्थिति में खड़ा है। चाहे वे देश की सीमाओं के भीतर हों या हजारों किलोमीटर दूर, उनकी सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि है। संकट की इस घड़ी में जारी हेल्पलाइन नंबर और दूतावासों की सक्रियता भारतीय समुदाय के लिए भरोसे का मजबूत आधार है।

















