इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 : दुनिया को हम पर भरोसा
June 23, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 : दुनिया को हम पर भरोसा

कृत्रिम मेधा की वैश्विक दौड़ में भारत ने निर्णायक बढ़त का संकेत दिया है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 ने नीति, नवाचार और नैतिकता को एक सूत्र में पिरोते हुए समावेशी एआई दृष्टि को विश्व मंच पर रखा। यह आयोजन भारत की डिजिटल शक्ति और प्रतिभा सामर्थ्य का सशक्त प्रदर्शन बना

Written byडॉ. निमिष कपूरडॉ. निमिष कपूर
Feb 27, 2026, 10:27 pm IST
in भारत, विश्व, विज्ञान और तकनीक
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत एआई शिखर सम्मेलन में प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए ।

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत एआई शिखर सम्मेलन में प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए ।

नई दिल्ली में 16-21 फरवरी, 2026 को भारत ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026’ की मेजबानी की। इस वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन में भारत कृत्रिम मेधा के वैश्विक अगुआ के रूप में स्थापित हुआ। यह अब तक का सबसे बड़ा एआई सम्मेलन था। पहली बार ‘ग्लोबल साउथ’ के किसी देश में इसका आयोजन किया गया। पहले यह आयोजन सिर्फ ब्रिटेन, साउथ कोरिया और फ्रांस में हुआ था।
इस आयोजन का उद्देश्य एआई क्षेत्र में नई साझेदारी बनाना व व्यापार के नए अवसर पैदा करना था। इसमें दुनिया भर के शीर्ष नेता, नीति-निर्माता, टेक कंपनियों के सीईओ और इनोवेटर्स एक मंच पर जुटे। 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्षों, 60 मंत्रियों व 500 से अधिक सत्रों में 3,250 से अधिक दुनियाभर के एआई विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।

सबको मिले एआई का लाभ

16 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट के उद्घाटन के अवसर पर विश्व भर के नेताओं और प्रौद्योगिकीविदों का स्वागत किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “एआई पर चर्चा करने के लिए पूरी दुनिया ए‍कत्रित है…समिट की थीम ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ है, जो मानव-केंद्रित प्रगति के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भारत की 140 करोड़ जनता की बदौलत हमारा देश एआई परिवर्तन में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना से लेकर जीवंत स्टार्टअप इकोसिस्‍टम और अत्याधुनिक अनुसंधान तक, एआई में हमारी प्रगति महत्वाकांक्षा और जिम्मेदारी दोनों को दर्शाती है।” यह आयोजन वैश्विक एआई एजेंडे को आकार देने के लिए प्रमुख मंच साबित हुआ। ‘सात चक्रों’ और ‘लोगो, ग्रह और प्रगति’ के तीन सूत्रों पर आधारित इस शिखर सम्मेलन में एआई के लिए एक विकासोन्मुखी ढांचा विकसित करने की दिशा में भारत के वैश्विक नेतृत्व की भूमिका विश्व के सामने आई।

भारत का एआई परिदृश्य ऐतिहासिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। भारत आज केवल एक उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक एआई पारिस्थितिकी तंत्र में प्रमुख हितधारक के रूप में उभरा है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के ‘ग्लोबल एआई वाइब्रेंसी इंडेक्स रिपोर्ट’ में भारत की रैंकिंग 2023 में 7वें स्थान थी, जो 2025 में तीसरे स्थान पर पहुंच गई है, जो इसकी बढ़ती शक्ति का प्रमाण है। इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत नियुक्तियों में लगभग 33 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के साथ वैश्विक एआई प्रतिभा अधिग्रहण में चोटी पर है। भारत वैश्विक एआई जीवंतता टूल में शीर्ष तीन देशों में शामिल है।

सरकार इंडिया एआई फ्यूचर स्किल्स के अंतर्गत एआई अनुसंधान व प्रशिक्षण में 500 पीएचडी, 5000 स्नातकोत्तर और 8000 स्नातक छात्रों को सहायता दे रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन इंडिया एआई मिशन के तहत 10 एआई स्टार्टअप संस्थाओं को ‘इंडिया एआई स्टार्टअप ग्लोबल इनिशिएटिव’ के लिए चुना गया है। विश्व के सबसे बड़े स्टार्टअप परिसर स्टेशन एफ, पेरिस और चोटी के यूरोपीय बिजनेस स्कूल एचईसी पेरिस के साथ यह वैश्विक गतिवर्द्धन कार्यक्रम भारत को एआई नवोन्मेष में विश्व मंच पर स्थापित करता है। इस सफलता का मुख्य आधार मार्च 2024 में लॉन्च किया गया ‘इंडिया एआई मिशन’ है, जिसके लिए 10,371.92 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है। अनुमान है कि 2025 तक भारत में कुल एआई निवेश 20 बिलियन पार कर गया है। माइक्रोसॉफ्ट, गूगल व एडब्ल्यूएस जैसी वैश्विक कंपनियों ने भारत में बड़े निवेश की प्रतिबद्धता जताई है।

मूल मंत्र

भारत की एआई रणनीति का मूल मंत्र ‘मेकिंग एआई इन इंडिया और मेकिंग एआई वर्क फॉर इंडिया’ है। भारत ने अपने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (आधार, यूपीआई, डिजी लॉकर) को एआई के साथ जोड़कर एक अनूठा मॉडल पेश किया है। भाषाई विविधता को पाटने के लिए ‘भाषिणी’ जैसे प्लेटफॉर्म और स्वास्थ्य, कृषि एवं शिक्षा के लिए समर्पित ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ भारत को समावेशी नवाचार में अग्रणी बनाते हैं। भारत की 57 प्रतिशत एआई अपनाने की दर इसे चीन के साथ वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर रखती है। वैश्विक स्तर पर, भारत, अमेरिका और चीन के बीच चल रही तकनीकी प्रतिद्वंद्विता के बीच एक तीसरे मार्ग के रूप में उभरा है।

खुले नए दरवाजे

इस शिखर सम्मेलन में विकासशील देशों के लिए एआई के नए दरवाजे खोले गए। एआई की बहु-मॉडल और बहुभाषी क्षमताओं के माध्यम से मिलने वाले लाभों तक व्यापक स्तर पर पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। इस प्रकार, एआई को केवल एक तकनीकी नवाचार के रूप में नहीं, बल्कि समावेशी विकास को सक्षम बनाने और उन अवसरों का विस्तार करने वाले एक रणनीतिक उपकरण के रूप में स्थापित किया गया है। इस शिखर सम्मेलन में इस पर भी चर्चा हुई कि ‘वैश्विक एआई विभाजन’ लगातार बढ़ रहा है, जहां एआई संसाधन और क्षमताएं कुछ चुनिंदा देशों और कंपनियों तक सीमित हैं। यह केंद्रीकरण सामाजिक, सांस्कृतिक और भाषाई संदर्भों के अनुरूप एआई समाधान विकसित करने की संभावनाओं को सीमित करता है।

तीन आधारभूत स्तंभ

यह शिखर सम्मेलन तीन आधारभूत स्तंभों या सूत्रों-जन, पृथ्वी और प्रगति से निर्देशित था। ये सूत्र एआई में वैश्विक सहयोग को दिशा देने वाले बुनियादी सिद्धांतों को रेखांकित करते हैं। ‘जन’ से तात्पर्य मानव केंद्रित एआई के बढ़ावा देना है जो अधिकारों का रक्षक हो, सेवाओं तक पहुंच बढ़ाए, विश्वास बनाए और समाजों के बीच न्यायसंगत लाभ सुनिश्चित करे। ‘पृथ्वी’ से तात्पर्य ऊर्जा कुशल प्रणालियों, संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग तथा जलवायु संरक्षण की कार्रवाइयों से है। इस एआई स्तंभ में कृषि में फसल पूर्वानुमान, सटीक खेती व ड्रोन आधारित निगरानी के माध्यम से अधिक स्मार्ट और सतत प्रथाओं को सक्षम बनाया जा रहा है। ‘प्रगति’ स्तंभ से तात्पर्य नवोन्मेष, क्षमता निर्माण तथा उत्पादकता बढ़ाने से है।

जन स्वास्थ्य में एआई

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में दो प्रमुख राष्ट्रीय पहलों, स्वास्थ्य पहल के लिए सुरक्षित एआई (एसएएचआई) और स्वास्थ्य एआई के लिए बेंचमार्किंग ओपन डेटा प्लेटफॉर्म (बीओडीएच) का शुभारंभ किया। इनका उद्देश्य देश की स्वास्थ्य प्रणाली में एआई के सुरक्षित, नैतिक व साक्ष्य-आधारित उपयोग को बढ़ावा देना है। एसएएचआई को स्वास्थ्य क्षेत्र में जिम्मेदार एआई उपयोग के लिए नीति एवं मार्गदर्शक ढांचे के रूप में विकसित किया गया है, जबकि बीओडीएच एआई मॉडलों के परीक्षण और मूल्यांकन के लिए एक संरचित मंच प्रदान करेगा।

भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान उमड़ी भीड़

निवेश और वित्तीय प्रतिबद्धताएं

  • अगले 2 वर्ष में भारत में 200 अरब डॉलर से अधिक एआई एवं डीप टेक निवेश की संभावना।
  •  वैश्विक कंपनियों द्वारा अब तक लगभग 90 अरब डॉलर की निवेश प्रतिबद्धता।
  • ब्लैकस्टोन द्वारा एआई क्लाउड स्टार्टअप नेइसा में 600 मिलियन डॉलर का इक्विटी निवेश।
  • क्वालकॉम द्वारा भारतीय स्टार्टअप्स के लिए 150 मिलियन डॉलर का स्ट्रैटेजिक एआई वेंचर फंड।
  • डेटा सेंटर विस्तार, चिप डिजाइन और एआई अवसंरचना में अतिरिक्त निवेश, जो यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस और आधार जैसे सार्वजनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ा हो।

इंडिया-एआई मिशन

  •  कुल बजट आवंटन: 10,372 करोड़ (लगभग 1.24 अरब डॉलर)।
  • 38,000 से अधिक ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट के माध्यम से कंप्यूट एक्सेस की व्यवस्था।
  • 12 स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल विकसित करने की योजना।
  • एआई अनुसंधान और स्टार्टअप फंडिंग के लिए विशेष प्रावधान।
  • भारतजेन परम-2 आरंभ – 17 अरब पैरामीटर वाला मल्टीमॉडल मॉडल।
  • 22 भारतीय भाषाओं का समर्थन

बहुभाषी विस्तृत भाषा मॉडल

भारत के पहले सरकारी स्वामित्व वाले बहुभाषी विस्तृत भाषा मॉडल “भारतजेन” को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया। इस परियोजना को राष्ट्रीय अंतःविषय साइबर-फिजिकल सिस्टम मिशन से 235 करोड़ रुपये तथा इंडिया एआई मिशन के 10,585 करोड़ रुपये के परिव्यय से समर्थन मिला है। हाल ही में 22 अनुसूचित भाषाओं में 17 अरब पैरामीटर वाले ‘परम-2’ टेक्स्ट मॉडल सहित कई उन्नत एआई मॉडल आरंभ किए हैं। भारतजेन के ये मॉडल शासन, स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि जैसे क्षेत्रों में बहुभाषी और समावेशी समाधान प्रदान करेंगे।

भारत का प्रतिभा भंडार

भारत में एआई को तेजी से अपनाया जाना विभिन्न क्षेत्रों में नवोन्मेष और समावेशी विकास के नए मार्ग प्रशस्त कर रहा है। भारत प्रौद्योगिकी के विकास के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों और सामाजिक-आर्थिक समूहों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करते हुए एआई संचालित अर्थव्यवस्था के लिए अपने कार्यबल की तैयारी को आगे बढ़ा रहा है। एक ऐसे न्यायसंगत एआई कौशल विकास परिवेश को आकार दिया जा रहा है जो मानव कार्यबल के सुचारू परिवर्तन में सहायक होगा और नागरिकों को उभरती भूमिकाओं के लिए सक्षम बनाएगा। भारत, ‘इंडियाएआई मिशन’ के ‘सुरक्षित और विश्वसनीय’ स्तंभ के तहत इंडियाएआई सुरक्षा संस्थान की स्थापना कर रहा है। यह संस्थान एआई से जुड़े खतरों और सुरक्षा चुनौतियों के समाधान के लिए एक समर्पित निकाय के रूप में कार्य करेगा।

देश में हो रहा निवेश

वैश्विक तकनीकी दिग्गज एआई और डिजिटल बुनियादी ढांचे को गति देने के लिए भारत में भारी निवेश कर रहे हैं, जो देश के तकनीकी परिदृश्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इस दिशा में प्रमुख प्रतिबद्धताओं में माइक्रोसॉफ्ट द्वारा डेटा सेंटर और एआई प्रशिक्षण के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये, अमेज़न द्वारा 2030 तक क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और एआई-संचालित डिजिटलीकरण के लिए 2.9 लाख करोड़ रुपये, तथा गूगल द्वारा विशाखापत्तनम में 1 गीगावाट क्षमता वाले एआई हब के लिए 1.25 लाख करोड़ रुपये का निवेश शामिल है।

संयुक्त पहल : एल एंड टी–एनवीआईडिया संप्रभु एआई फैक्ट्रियां

  • उद्देश्य : गीगावॉट-स्तरीय “डिजाइन संप्रभुता” एआई अवसंरचना।
  •  चेन्नई डेटा सेंटर : 30 मेगावॉट क्षमता, 300 एकड़ के गीगावॉट-रेडी कैंपस में विस्तार।
  •  मुंबई में नया 40 मेगावॉट डेटा सेंटर।
  •  प्राथमिक क्षेत्र : स्वास्थ्य, कृषि, शासन।
  • एनवीआईडिया का पूर्ण एआई स्टैक – ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट, सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट, नेटवर्किंग एआई एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर

गूगल की घोषणा

  • अमेरिका–भारत जुड़ी समुद्री केबल परियोजना की घोषणा-अमेरिका, भारत और दक्षिणी गोलार्ध को जोड़ने वाली हाई-स्पीड फाइबर-ऑप्टिक कनेक्टिविटी, ताकि एआई वर्कलोड के लिए विशाल डेटा प्रवाह संभव हो सके।
  • विशाखापट्टनम में पूर्व घोषित 15 अरब डॉलर के एआई हब निवेश पर आधारित विस्तार।
  • गूगल डीपमाइंड और अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ) के बीच साझेदारी।
  •  उन्नत मॉडलों-अल्फाजीनोम, एआई को-साइंटिस्ट, और अर्थ एआई – तक शोधकर्ताओं को पहुंच।
  •  हैकाथॉन और मेंटरशिप कार्यक्रमों का आयोजन।
  •  1.1 करोड़ छात्रों के लिए अटल टिंकरिंग लैब्स के माध्यम से जनरेटिव एआई असिस्टेंट की योजना।
  •  भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे के इंडिक लैंग्वेज टेक्नोलॉजीज रिसर्च हब को 2 मिलियन डॉलर का योगदान।
  •  कर्मयोगी भारत के साथ सहयोग-800 से अधिक जिलों में 2 करोड़ लोकसेवकों को प्रशिक्षण।
  •  वाधवानी एआई के साथ अंग्रेज़ी और हिंदी में AI प्रोफेशनल सर्टिफिकेट लॉन्च।
  • गूगल.ऑर्ग द्वारा: 30 मिलियन डॉलर-एआई फॉर गवर्नमेंट इनोवेशन इम्पैक्ट चैलेंज (नागरिक सेवाओं के लिए) एवं 30 मिलियन डॉलर – ग्लोबल एआई फॉर साइंस इम्पैक्ट चैलेंज (वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए)
  •  भारत के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के साथ मिलकर गूगल क्लाइमेट टेक्नोलॉजी केंद्र की स्थापना की घोषणा।

क्वालकॉम स्ट्रैटेजिक एआई वेंचर फंड (150 मिलियन डॉलर)

  • निवेश फोकस: ऑटोमोटिव, इंटरनेट ऑफ़ थिंग्स, रोबोटिक्स, मोबाइल एप्लिकेशन में  एआई।
  • सभी चरणों के स्टार्टअप्स को पूंजी व तकनीकी सहयोग।
  •  लक्ष्य: क्लाउड निर्भरता कम कर “ऑन-डिवाइस इंटेलिजेंस” को बढ़ावा।

एआई बुनियादी ढांचे के प्रमुख पड़ाव

  •  जीपीयू क्लस्टर: इंडियाएआई मिशन के तहत एक सुरक्षित जीपीयू क्लस्टर (उच्च क्षमता वाले कंप्यूटरों का समूह) बनाया जा रहा है। इसमें 3,000 नई पीढ़ी के जीपीयू लगाए जा रहे हैं, ताकि देश के महत्वपूर्ण और रणनीतिक कामों के लिए एआई तकनीक का सुरक्षित रूप से उपयोग किया जा सके।
  •  इंडियाएआई कोष: इस प्लेटफॉर्म पर 20 क्षेत्रों में 7,400 से अधिक डेटासेट और 273 एआई मॉडल उपलब्ध हैं। यह शोधकर्ताओं और स्टार्टअप्स को एआई नवाचार के लिए उच्च-गुणवत्ता वाले, भारत-केंद्रित डेटा तक पहुंच प्रदान करता है।
  •  एआई डेटा प्रयोगशाला नेटवर्क: भारत डेटा की व्याख्या और संग्रह में प्रशिक्षण देकर दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों में जमीनी स्तर पर एआई कौशल विकसित करने के लिए एआई डेटा प्रयोगशाला शुरू कर रहा है। इसके तहत देश भर में 570 प्रयोगशालाओं का एक नेटवर्क बनाया जा रहा है।
  • राष्ट्रीय सुपर कंप्यूटिंग मिशन: इस प्रमुख मिशन ने आईआईटी, भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान और अनुसंधान प्रयोगशालाओं में 40 से अधिक पेटाफ्लॉप मशीनें लगाई हैं, जिससे शिक्षा जगत के लिए एक उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग आधार तैयार किया गया है।
  •  ऐरावत: यह भारत का प्रमुख एआई सुपरकंप्यूटर है, जिसे ‘परम सिद्धि-एआई’ के साथ एकीकृत किया गया है। यह उन्नत एआई अनुसंधान के लिए साझा कंप्यूटिंग शक्ति प्रदान करता है।

इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 से भारत ने केवल नीतिगत घोषणाएं ही नहीं कीं, बल्कि एक स्पष्ट कार्यान्वयन रोडमैप, साझा वैश्विक मानक और उत्तरदायी एआई प्रशासन की ठोस रूपरेखा विश्व के समक्ष प्रस्तुत की है। सात चक्रों और ‘लोगों, ग्रह और प्रगति’ के सिद्धांतों पर आधारित इस एआई पहल ने भारत को विकास-उन्मुख एआई मॉडल के साथ आगे बढ़ने का संस्थागत आधार प्रदान किया है।
इस समिट के परिणामस्वरूप भारत को सुदृढ़ डिजिटल अवसंरचना, सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई के लिए समन्वित नीति ढांचा, अनुसंधान एवं नवाचार के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग, तथा कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और जलवायु जैसे क्षेत्रों में मापनीय एवं स्केलेबल समाधान मिलेंगे। साथ ही, यह देश को वैश्विक एआई सहयोग में एक सेतु और नेतृत्वकारी भागीदार के रूप में स्थापित करेगा। यह शिखर सम्मेलन संवाद से क्रियान्वयन की ओर बढ़ते हुए भारत को जिम्मेदार, समावेशी और विकास-केंद्रित एआई पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में एक स्थायी और निर्णायक बढ़त प्रदान करेगा।

Topics: माइक्रोसॉफ़्टसर्वजन हितायगूगलसर्वजन सुखायअमेजनजीपीयू क्लस्टरडिजिटलबहुभाषी विस्तृत भाषा मॉडल‘ग्लोबल साउथ’ऐरावत सुपरकंप्यूटरपाञ्चजन्य विशेषइंडिया-एआई मिशनइंडिया एआई इम्पैक्ट समिटआर्थिक स्वायत्तताभारतजेनमानव-केंद्रित प्रगति
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

संघ संस्थापक डॉ. हेडगेवार

राष्ट्र-चिंतक डॉ. हेडगेवार

बनाएं स्वामी विवेकानंद के सपनों का भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

G7 में जहां सभी देश कर रहे थे अपनी-अपनी बात PM मोदी की इस अपील ने जीता दुनिया का दिल

अंदमान निकोबार : भारत को मिली नई ‘ऊर्जा’

रुपये की अग्नि परीक्षा

सेना के खिलाफ प्रदर्शन करते पीओजेके के लोग

पीओजेके : दमन से भी नहीं दबा हाैसला

Load More

ताज़ा समाचार

महबूबा मुफ्ती

खीर भवानी मंदिर में महबूबा मुफ्ती: क्या उन कुछ लोगों के नाम बताएंगी,  जिन्होंने हिंदुओं के खिलाफ मस्जिदों से नारे लगवाए

gyan bharatam mission tikamgarh ancient manuscripts jambudweep map found

टीकमगढ़ : सामने आईं 825 प्राचीन पांडुलिपियां, ब्रह्मांड विज्ञान और ‘जम्बूद्वीप’ के नक्शे ने विशेषज्ञों को चौंकाया

delhi sikh delegation meets cm pushkar-singh dhami chamoli police action investigation

देहरादून: दिल्ली सिख प्रतिनिधिमंडल ने की CM धामी से मुलाकात, चमोली घटना पर की चर्चा, DIG को सौंपी जांच

श्री मोहन भागवत, सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

‘राष्ट्र अपने वास्तविक नायकों को कभी नहीं भूलता’

Pakistan Mardan Sikh Couple Murder Gurdwara Security Police Constable Arrested JIT Investigation

पाकिस्तान के गुरुद्वारे में सिख दम्पत्ति की हत्या: सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात कॉन्स्टेबल शेरशाह मुख्य आरोपी

cm pushkar singh dhami directions chardham hemkund sahib yatra safety fake news

“श्रद्धालुओं का रखें विशेष ध्यान, भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई”- CM पुष्कर सिंह धामी

Punjab BJP Leader Petrol Bomb Attack Bathinda Gangster Shahzad Bhatti Police Investigation

पंजाब में बड़ा दुस्साहस: बठिंडा में BJP नेता के क्लीनिक पर बम से हमला, पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी ने ली जिम्मेदारी

विदिशा में 350 वर्ष पुराना ग्वालियर देवस्थान प्रबंधन से जुड़ा दुर्लभ दस्तावेज मिला

haridwar anti encroachment drive 45 illegal shanties removed railway land

हरिद्वार में बड़ा एक्शन: रेलवे भूमि से हटाई गईं 45 अवैध झुग्गियां, आगामी कुंभ और कांवड़ मेले की तैयारियां हुईं तेज

उत्तराखंड : शांतिकुंज में गायत्री जयंती महापर्व से पूर्व निकाली गयी दीप रैली

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies