गत दिनों भारत-पाक सीमावर्ती जिले गुरदासपुर में पुलिस चौकी में एएसआई और होमगार्ड जवान का कत्ल करने वाले एक आरोपी रणजीत सिंह को पंजाब पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। उसका दूसरा साथी इंद्रजीत सिंह फरार हो गया। वहीं तीसरा आरोपी दिलावर सिंह पुलिस की गिरफ्त में है। पूरे मामले का पटाक्षेप हो गया है और सामने आया है कि पाकिस्तान की बदनाम खुफिया एजेंसी आईएसआई ने चार लाख रूपये दे कर गैंगस्टरों से यह हत्या करवाई थी।
आज सुबह तीन बजे हुई मुठभेड़
पुलिस के मुताबिक मुठभेड़ आज बुधवार सुबह करीब 3 बजे हुई। इसमें पुलिस ने गैंगस्टर रणजीत को गिरफ्तार किया, जिसके बाद उसे हथियार की बरामदगी के लिए ले गई, लेकिन वहां एसएचओ की गाड़ी पलटने से वह फरार हो गया। इसके बाद सीआईए की टीम ने उसे पुराना शाला इलाके में घेर लिया।
भागने की कोशिश और क्रास फायरिंग में मरा गैंगस्टर
पुलिस को देख उसने फायरिंग कर भागने की कोशिश की। इसी दौरान क्रॉस फायरिंग में रणजीत की गोली लगने से मौत हो गई। वहीं सीआईए के इंचार्ज इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह समेत 5 मुलाजिम घायल हो गए। एनकाउंटर के बाद डीआईजी (बार्डर रेंज) संदीप गोयल ने कहा कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने पैसों का लालच देकर यह मर्डर कराया है। तीनों आरोपी, रणजीत सिंह, दिलावर सिंह और इंद्रजीत सिंह पाकिस्तान में बैठे आईएसआई हैंडलर्स के टच में थे।
मुख्यमंत्री ने पाकिस्तानी हाथ की पुष्टि की
भगवंत मान ने भी जालंधर में पंजाब सशस्त्र बल (पीएपी) के एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि पुलिस चौकी में मारे जवानों का बदला ले लिया है। आरोपियों का लिंक पाकिस्तान से जुड़ा हुआ मिला। पाकिस्तान ने इनको स्पांसर किया था ताकि पंजाब में दहशत फैलाई जा सके। कुछ दिन पहले गुरदासपुर के गांव आदियां पुलिस चौकी में होमगार्ड के जवान अशोक कुमार और एएसआई गुरनाम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। एएसआई की लाश कुर्सी पर और होमगार्ड की रजाई के भीतर मिली थी।
कत्ल की साजिश-एनकाउंटर की पूरी कहानी
अमृतसर रेंज के डीआईजी संदीप गोयल ने कहा- रणजीत, दिलावर व इंद्रजीत पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के हैंडलर्स के संपर्क में थे। आईएसआई ने इनको पुलिस के जवानों को मारने का काम मिला था। चूंकि ये पास के ही आदिया गांव के थे, इसलिए ये रेकी करते रहे और मौका मिलने पर एएसआई गुरनाम सिंह व होमगार्ड जवान अशोक कुमार की हत्या कर दी।
हथियार बरामदगी के लिए ले गए
डीआईजी ने कहा कि इसके बाद दिलावर व रणजीत सिंह को अरेस्ट किया गया। रणजीत सिंह ने पूछताछ में माना कि वारदात में उसने जो पिस्तौल प्रयोग किया, उसे बहरामपुर एरिया के गांव गालड़ी में छिपाकर रखा था। सबूत पुख्ता करने के लिए पुलिस उसे लेकर हथियार को बरामद करने के लिए ले गई।
धुंध से रास्ता नहीं दिखा, गाड़ी पलटी, आरोपी भागा
डीआईजी ने कहा- जब पुलिस टीम वहां पहुंची तो धुंध के कारण ऊबड़-खाबड़ रास्ता नहीं दिखा। यहां का रास्ता बाढ़ की वजह से भी खराब हुआ था। इससे पुलिस की गाड़ी पलट गई। मौका पाकर आरोपी रणजीत सिंह भाग निकला। एएसआई बनारसी दास ने तुरंत इसकी सूचना दी। जिसके बाद रेड अलर्ट और सीलिंग कर दी गई।
रास्ते में सीआईए ने रोका
डीआईजी ने कहा- इस दौरान गुरदासपुर-मुकेरियां रोड पर पुराना शाला के पास सीआईए स्टाफ के मुलाजिम तैनात थे। चूंकि रणजीत पहले अरेस्ट था तो उसके हुलिए के बारे में हमें सब कुछ पता था। इसी दौरान वह बाइक पर इंद्रजीत सिंह के साथ आया। पुलिस ने रुकने को कहा तो उसने बाइक पीछे मोड़ ली लेकिन वह फिसल गई। इसके बाद वह भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया तो रणजीत ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। इस दौरान सीआईए के इंचार्ज इंस्पेक्टर गुरनाम सिंह और 4 अन्य मुलाजिमों को गोली लगी। जिसके बाद पुलिस ने भी फायरिंग बढ़ाई और रणजीत सिंह गोली लगने से घायल होकर गिर पड़ा। इतने में उसका साथी भाग निकला। रणजीत से 32 बोर की पिस्टल, कारतूस और बाइक बरामद हुई।
पैसे के लालच में काम किया
डीआईजी संदीप गोयल ने बताया कि तीनों को पाकिस्तान से टॉस्क मिला था। तीनों को 4 लाख रुपए देने का वादा किया गया था। इसमें से एक आरोपी दिलावर को 20 हजार देने थे और 3 हजार रुपए मिल चुके थे। पुलिस को पता चला है कि इन्होंने किसी से 3 लाख रुपए लेने थे, वो पैसा कहां से आ रहा था, उसके बारे में भी जांच की जा रही है।
रणजीत-इंद्रजीत थे मास्टरमाइंड
पाकिस्तान लगातार पंजाब में दहशत फैलान के लिए हथियार भेज रहा है। इस हमले का मास्टरमाइंड रणजीत था। उसकी उम्र 19 साल थी। इसकी कोई क्राइम हिस्ट्री नहीं है। उसके साथी इंद्रजीत पर नशा तस्करी के 3 पर्चे हैं। उसकी उम्र 21 साल है। दिलावर को इन्होंने 20 हजार रुपए देने के लालच देकर बाद में अपने साथ मिलाया। घटना वाले दिन नाके पर 2 लोग ही ड्यूटी पर थे। जांच के दौरान सीसीटीवी में जो 5 लोग नजर आए थे, उनको वैरिफाई किया था, वो वहां से गुजर रहे थे। इसके बाद फोन डंप के आधार पर आरोपियों को उठाकर पूछताछ की थी। घटना के बाद पाकिस्तानी बदमाश भट्टी की जो वीडियो सामने आई थी, उसे लेकर भी जांच कर रहे हैं।
5 पुलिसकर्मी हुए घायल
सिविल अस्पताल गुरदासपुर के एसएमओ ने बताया कि हमारे पास आज सुबह 5 पुलिस वाले एडमिट हुए हैं। एक पुलिस कर्मी सीआईए स्टाफ के गुरमीत सिंह को बांह में गोली लगी है। रणजीत सिंह को गोली लगने के कारण दाखिल करवाया गया था। उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। 4 अन्य पुलिस वालों के माइनर इंजरी है। सभी घायल कांस्टेबल हैं। घायल पुलिस वालों की पहचान संदीप सिंह, बनारसी दास, निरंजन सिंह और सिमरनजीत सिंह के रूप में हुई है।
बॉर्डर के पास चौकी में लाश मिली थी
ज्ञात रहे कि गुरदासपुर में 22 फरवरी को आदियां पुलिस चौकी में एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार शामिल की लाश मिली थी। वह भारत-पाकिस्तान सीमा से केवल डेढ़ किमी दूर है। दोनों पुलिसकर्मियों की ड्यूटी इसी पुलिस चौकी में थी। इनके अलावा कोई तीसरा यहां तैनात नहीं था।
तहरीक ने ली थी जिम्मेवारी
तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान ने इस हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की है, जिसमें दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए। भविष्य में भारतीय सरकारी वर्दीधारी अधिकारियों के खिलाफ ऐसे हमले और भी तीव्र रूप से जारी रहेंगे। जनता को सलाह दी जाती है कि वे सेना, पुलिस और बीएसएफ बलों से इस्तीफा दे दें, अन्यथा उन्हें उनके घरों में निशाना बनाया जाएगा। हालांकि दैनिक भास्कर इसकी पुष्टि नहीं करता।
पाक डॉन ने कत्ल का वीडियो जारी किया
घटना के दूसरे दिन यानी 23 फरवरी पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी ने कत्ल का वीडियो जारी किया है। इसमें दिख रहा है कि एएसआई गुरनाम सिंह को सिर से सटाकर गोली मारी गई। गुरनाम कुर्सी पर बैठे नींद में नजर आ रहे हैं। इसके बाद पिस्टल पर साइलेंसर लगाकर पॉइंट ब्लैंक रेंज से सिर में गोली मारी गई। गोली लगते ही एएसआई की आंखें खुलती हैं और फिर बंद हो जाती हैं। इसमें एक आरोपी गोली मार रहा है, जबकि दूसरा वीडियो बना रहा है।
खतरनाक संकेत
पाकिस्तान गत काफी लंबे समय से पंजाब सीमा के अंदर ड्रोन के जरिए नशे के साथ-साथ हथियार भेज रहा है जो आने वाले समय के लिए और भी खतरनाक संकेत हैं। आशंका है कि इन हथियारों व गैंगस्टरों के जरिए वह पंजाब की शांति को भंग करने के प्रयास और तेज कर सकता है।

















