नई दिल्ली। होली चैत्र कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि को मनाई जाती है। उदय तिथि के अनुसार इस साल होली बुधवार, 4 मार्च को मनाई जाएगी। वैसे तो होलिका दहन के अगले दिन होली मनाई जाती है लेकिन इस साल होलिका दहन के बाद एक दिन छोड़ कर रंगों का यह उत्सव मनाया जाएगा।
2 मार्च को होलिका दहन और 4 को है होली
वैदिक पंचांग के अनुसार 2 मार्च को होलिका दहन होगा। फिर 4 मार्च को होली मनाई जाएगी। 2 मार्च सोमवार को सायं 5.18 बजे से पूर्णिमा के साथ ही भद्रा काल शुरू हो जाएगा,जो रात में 4.56 बजे तक रहेगा। भद्रा के मुख में होलिका दहन की मनाही होने के कारण भद्रा के पुच्छ काल में रात 11.53 बजे से 12.50 तक होलिका दहन किया जाएगा। मंगलवार को दिन में पूर्णिमा तिथि है। इस कारण 4 मार्च को होली मनाई जाएगी।
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3 मार्च को है साल का पहला चंद्रग्रहण
पंडित गिरीश तिवारी कहते हैं कि होलिका दहन फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि में प्रदोष रात्रि के समय भद्रा काल समाप्ति के बाद किया जाता है। होलिका दहन 2 मार्च रात्रि 11.53 से 12.50 बजे के बीच भद्रा के पुच्छ काल में किया जाएगा। 4 मार्च को उदया व्यापनी प्रतिपदा होने के कारण होली बुधवार को ही मनाई जाएगी।
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साल पहला चंद्रग्रहण 3 मार्च को दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा और यह ग्रहण 6 बजकर 47 मिनट पर समाप्त होगा। ग्रहण से लगभग नौ घंटे पहले सूतक काल आरंभ हो जाता है। सूतक काल के दौरान शुभ कार्य, पूजा-पाठ और उत्सव करना उचित नहीं माना जाता। यही कारण है कि 3 मार्च को रंगों का उत्सव न मनाकर 4 मार्च को होली खेलना शास्त्रों के अनुसार सही माना गया है।

















