अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों का विरोध लगातार उनके ही देश में शुरू हो गया है। मुख्यतया जिस तरह के फैसले उन्होंने लिए हैं, उससे अंसतोष बढ़ रहा है। ये बात हाल ही में हुए सर्वे में सामने आई हैं, जिसमें पता चला है कि ज्यादातर लोग नकारात्मक रखते हैं। ये पोल NPR/PBS News/Marist ने किया था, जिसमें 27 से 30 जनवरी के बीच अमेरिकी वयस्कों से बात की गई है।
देश गलत दिशा में जा रहा है
पोल के अनुसार, 55% अमेरिकी वयस्क मानते हैं कि ट्रंप देश को गलत दिशा में ले जा रहे हैं – यानी बदलाव बुरे की तरफ हो रहा है। सिर्फ 37% लोग कहते हैं कि बदलाव अच्छे की तरफ है, और 8% का मानना है कि कोई खास बदलाव ही नहीं हो रहा। ये आंकड़ा पिछले साल अप्रैल से 4 पॉइंट ऊपर है। ट्रंप के पहले कार्यकाल के इसी समय से तुलना करें तो ये 13 पॉइंट ज्यादा है। उस वक्त भी लोग नकारात्मक थे, लेकिन अब और ज्यादा हैं।
पार्टी के हिसाब से नजरिया
जैसा कि उम्मीद थी, ये विचार पार्टी लाइन्स पर बंटा हुआ है। डेमोक्रेट्स में 90% लोग कहते हैं कि देश पिछले साल से बदतर हाल में है।
रिपब्लिकन्स में 82% लोग मानते हैं कि हालात सुधरे हैं।
चेक एंड बैलेंस सिस्टम पर कम भरोसा
पोल में एक और अहम बात ये सामने आई कि अमेरिकी लोकतंत्र के चेक एंड बैलेंस सिस्टम पर भरोसा कम हो रहा है। मार्च 2025 में 43% लोगों को लगता था कि राष्ट्रपति, कांग्रेस और कोर्ट्स के बीच पावर डिवाइड ठीक से काम कर रहा है। अब जनवरी 2026 के इस पोल में सिर्फ 32% लोग ऐसा सोचते हैं – यानी 11 पॉइंट की गिरावट हुई है।
ट्रंप की नीतियों का समर्थन
प्यू रिसर्च सेंटर के जनवरी 2026 के एक सर्वे में सिर्फ 27% अमेरिकी वयस्कों ने कहा कि वे ट्रंप की नीतियों और योजनाओं का पूरा या ज्यादातर सपोर्ट करते हैं।
रिपब्लिकन्स में भी सपोर्ट घटा
ट्रंप को उनके अपने पार्टी के लोगों में भी कुछ नुकसान हुआ दिख रहा है। फरवरी 2025 में 75% रिपब्लिकन्स या रिपब्लिकन झुकाव वाले लोगों का मानना था कि ट्रंप के पास मेंटल फिटनेस है जॉब करने के लिए। अब जनवरी के पोल में ये घटकर 66% रह गया।
इसी तरह, ऑफिस में एथिकल तरीके से काम करने पर रिपब्लिकन्स का भरोसा भी कम हुआ – 55% से घटकर 42% हो गया।ये पोल ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के शुरुआती दौर में जारी हुआ, जब स्टेट ऑफ द यूनियन स्पीच (24 फरवरी 2026 को) होने वाली थी। ये आंकड़े दिखाते हैं कि जनता में ट्रंप की छवि और उनके फैसलों पर चिंता बढ़ रही है, खासकर कुछ रिपब्लिकन्स के बीच भी।

















