देश की राजधानी दिल्ली में चल रहे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में दुनियाभर के टेक दिग्गज हिस्सा ले रहे हैं, जिसमें भारत ने भी अपनी तकनीकी क्षमता को दिखा दिया है। इसी के तहत अपनी स्वदेशी ताकत को दिखाते हुए 18 फरवरी को तीन बड़े स्वदेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल लॉन्च किए गए। ये मॉडल पूरी तरह भारत में ट्रेन हुए हैं, इनका कंट्रोल भारत के पास है और इस्तेमाल भी यहीं होगा। ये कदम इंडिया एआई मिशन का हिस्सा है, जिससे देश विदेशी टेक कंपनियों पर कम निर्भर हो सके।
इंडिया एआई मिशन क्या है
इंडिया एआई मिशन को मार्च 2024 में कैबिनेट ने मंजूरी दी थी। इसका मुख्य मकसद भारत को एआई में आत्मनिर्भर बनाना है। अभी ज्यादातर एआई सिस्टम गूगल, ओपनएआई जैसी बड़ी कंपनियों के कंट्रोल में हैं, जिससे डेटा सिक्योरिटी और टेक्नोलॉजी पर कंट्रोल का खतरा रहता है।
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इस मिशन के तहत सरकार बड़ा कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर बना रही है, जैसे सुपरकंप्यूटर और जीपीयू। शुरुआती बजट 10,000 करोड़ रुपये (कुछ रिपोर्ट्स में 10,372 करोड़) का है। सरकार ने स्टार्टअप्स को जीपीयू सब्सिडी भी दी है – अब तक 100 करोड़ से ज्यादा की सब्सिडी बांटी जा चुकी है। मिशन के जरिए सरकारी सेवाओं, शिक्षा, हेल्थकेयर और खेती में एआई एप्लिकेशन बनाए जा रहे हैं।
सरवम एआई के दो बड़े मॉडल
बेंगलुरु की कंपनी सरवम एआई ने दो बड़े भाषाई मॉडल लॉन्च किए। एक में 30 बिलियन पैरामीटर हैं और दूसरा 105 बिलियन पैरामीटर वाला है। पैरामीटर जितने ज्यादा, मॉडल उतना समझदार। कंपनी का दावा है कि उनका बड़ा मॉडल कुछ टेस्ट में डीपसीक और गूगल जेमिनी जैसे ग्लोबल मॉडल से बेहतर परफॉर्म करता है।
इन्होंने मिक्सचर ऑफ एक्सपर्ट्स टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है। इस मॉडल को कोडिंग, जटिल सवालों के जवाब और एजेंटिक एआई जैसे कामों के लिए बनाए गए हैं। सरवम के को-फाउंडर विवेक राघवन कहते हैं कि एआई में सबसे बड़ा मॉडल बनाना नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी पर देश का कंट्रोल होना जरूरी है। भारत जैसे बड़े देश में सस्ता और एफिशिएंट एआई बहुत मायने रखता है।
ज्ञानि एआई का वाचना मॉडल
ज्ञानि एआई ने वाचना नाम का टेक्स्ट टू स्पीच मॉडल लॉन्च किया। ये मॉडल सिर्फ 10 सेकंड की आवाज सुनकर किसी की आवाज क्लोन कर सकता है और 12 भारतीय भाषाओं में बोल सकता है। आवाज का टोन, पिच और स्टाइल भी बिल्कुल वैसा ही रहता है।ये मॉडल कम इंटरनेट स्पीड में भी चलता है और डेटा भारत के अंदर ही रहता है, जिससे प्राइवेसी सुरक्षित रहती है। इसका इस्तेमाल सरकारी सेवाओं, कस्टमर केयर और बड़े बिजनेस में होगा।
भारतजेन का मॉडल
आईआईटी बॉम्बे के नेतृत्व वाला कंसोर्टियम भारतजेन ने 17 बिलियन पैरामीटर वाला मॉडल लॉन्च किया – नाम है भारतजेन परम 2 सत्रह बी। ये खासतौर पर भारतीय भाषाओं के लिए बनाया गया है। इसका इस्तेमाल सरकार, शिक्षा, हेल्थकेयर, खेती और बिजनेस में होगा। भारतजेन इसे ओपन सोर्स भी करेगा, ताकि डेवलपर्स और स्टार्टअप्स आसानी से भारत-केंद्रित एआई ऐप बना सकें। इस प्रोजेक्ट को इंडिया एआई मिशन से 900 करोड़ रुपये की फंडिंग मिली है।

















