दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली के दिन हुई एक घटना पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लिया है। आयोग ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर और पश्चिम दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी किया है और दो हफ्ते के अंदर एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है।
घटना क्या थी?
4 मार्च 2026 को होली के मौके पर उत्तम नगर के जेजे कॉलोनी इलाके में एक छोटी-सी बात पर दो परिवारों के बीच विवाद हो गया। शिकायत के मुताबिक, एक 11 साल की बच्ची ने छत से पानी का गुब्बारा फेंका, जो फटकर एक महिला पर लग गया। इससे बहस शुरू हुई। पीड़ित परिवार ने माफी मांग ली, लेकिन बाद में जब 26 साल का युवक तरुण (जो दलित समुदाय से था और हिंदू था) दोपहिया वाहन पर घर लौट रहा था, तो करीब 15-20 लोगों के ग्रुप ने उस पर हमला कर दिया।
हमलावरों ने ईंट-पत्थर, लोहे की रॉड्स से पीटा। तरुण को गंभीर चोटें आईं और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि यह हमला बेरहमी से किया गया और यह मानवाधिकारों का उल्लंघन है।
शिकायतकर्ता की मांग
शिकायतकर्ता ने NHRC से मांग की कि पूरी घटना की निष्पक्ष जांच हो, सभी दोषियों की पहचान हो और कानून के कटघरे में लाया जाय। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को इस मामले में सुरक्षा देने की मांग आयोग से की गई है, क्योंकि वे इस केस में गवाह बन सकते हैं। साथ ही मृतक के परिजनों को मुआवजे की मांग भी की गई है।
NHRC ने क्या किया?
NHRC के सदस्य प्रियंक कनूंगो की अध्यक्षता वाली बेंच ने प्रोटेक्शन ऑफ ह्यूमन राइट्स एक्ट, 1993 की धारा 12 के तहत मामले में संज्ञान लिया। आयोग ने माना कि शिकायत में लगे आरोप अगर सही हैं तो ये पीड़ित के मानवाधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन हैं। इसके साथ ही आयोग ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर और पश्चिम दिल्ली DM को नोटिस भेजा है। उनसे मामले में अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। ये सब दो सप्ताह के अंदर करना होगा।

















