ABVP Protest NTA NEET UG Paper Leak । क्या 22 लाख नीट अभ्यर्थियों का भविष्य अब चंद निजी एजेंसियों और पेपर लीक माफियाओं के भरोसे है? NTA मुख्यालय के बाहर ABVP के नेतृत्व में उमड़ा छात्रों का गुस्सा इसी सवाल का जवाब मांग रहा है…
नीट-यूजी परीक्षा में पेपर लीक प्रकरण को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने परीक्षा प्रक्रिया में लगातार उजागर हो रही अनियमितताओं तथा विद्यार्थियों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे अभाविप कार्यकर्ताओं एवं विद्यार्थियों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया।
पेपर लीक- छात्रों के भविष्य पर आघात
विद्यार्थी परिषद ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही गड़बड़ियाँ लाखों विद्यार्थियों के परिश्रम, विश्वास और भविष्य पर सीधा आघात हैं। नीट-यूजी जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में पेपर लीक की घटना केवल एक प्रशासनिक विफलता नहीं, अपितु संपूर्ण परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। वर्षों की कठिन तैयारी और अथक परिश्रम के बाद परीक्षा में सम्मिलित होने वाले विद्यार्थियों के साथ इस प्रकार का अन्याय किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता।
निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग: विद्यार्थी परिषद ने सुरक्षा चूक पर उठाए सवाल
परिषद ने मांग की कि नीट-यूजी पेपर लीक मामले की जांच निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से कराई जाए तथा जांच से जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि पूरे नेक्सस को सामने लाकर ध्वस्त किया जा सके और देशभर के विद्यार्थियों का विश्वास पुनः स्थापित हो।
राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं का संचालन अस्थायी एवं आउटसोर्स आधारित व्यवस्था के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। प्रिंटिंग, परीक्षा केंद्र प्रबंधन तथा स्टाफिंग जैसी संवेदनशील जिम्मेदारियों को निजी एजेंसियों को सौंपना सुरक्षा संकट को जन्म देता है और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति की आशंका बढ़ाता है।
निजी एजेंसियों पर निर्भरता खत्म हो: डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि-
“एनटीए कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे अभाविप कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। नीट-यूजी पेपर लीक का यह पहला मामला नहीं है, जिससे स्पष्ट होता है कि एनटीए परीक्षा संचालन में पूरी तरह सक्षम नहीं है तथा इसके पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद पूर्व में भी परीक्षाओं को पूर्णतः पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की मांग करती रही है। केंद्र सरकार को परीक्षा प्रणाली में व्यापक संरचनात्मक सुधार करते हुए निजी एजेंसियों पर निर्भरता समाप्त करनी चाहिए, ताकि भविष्य में विद्यार्थियों के भविष्य के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ न हो।
दिल्ली सहित देशभर के प्रमुख केंद्रों पर अभाविप कार्यकर्ता विद्यार्थियों के हित में आंदोलनरत हैं।”
न्याय मिलने तक जारी रहेगा आंदोलन: सार्थक शर्मा
वहीं दिल्ली प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि-
“विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े इतने गंभीर मुद्दे पर जवाबदेही तय करने के बजाय छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हमेशा ही छात्र हित में खड़ी है और जब तक नीट-यूजी पेपर लीक के वजह से प्रभावित 22 लाख अभ्यर्थियों को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक विद्यार्थी परिषद उनके अधिकारों के लिए लड़ती रहेगी।”

















