गत दिनों अजमेर के कल्याणीपुरा गांव में हिंदू सम्मेलन समिति के कार्यकर्ताओं ने एक ऐसा कार्यक्रम किया, जिसकी चर्चा दूर-दूर तक हुई। बता दें कि कल्याणीपुरा गांव में भगवान देवनारायण का मंदिर है। यहां भगवान देवनारायण के जन्मोत्सव माघ शुक्ल सप्तमी को प्रतिवर्ष शोभायात्रा निकाली जाती है, जिसमें केवल गुर्जर समुदाय शामिल होता है। लेकिन इस बार की माघ शुक्ल सप्तमी (25 जनवरी) को निकली शोभायात्रा हर बार से कुछ अलग और विशेष थी। इसमें सर्व हिंदू समाज की विभिन्न जातियों के इंद्रधनुषी रंग देखने को मिले। शोभायात्रा का जब मंदिर में समापन हुआ तो जाति-भेद से परे जाकर सभी जातियों के लोगों ने मंदिर में प्रसाद चढ़ाया और भगवान के समक्ष शीश नवाया।
इससे पहले तक यहां प्रसाद वितरित तो सभी जातियों के लोगों को होता था, लेकिन चढ़ाया सिर्फ गुर्जर समुदाय द्वारा ही जाता था। कल्याणीपुरा में जब हिंदू सम्मेलन आयोजित करने की बात आई तो सभी ने यह तय किया कि इस बार शोभायात्रा के गांव में प्रवेश पर पूरा हिंदू समाज उसका स्वागत करेगा और फिर शोभायात्रा में शामिल होगा। तत्पश्चात मंदिर में ही हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
सभी ने प्रसन्नतापूर्वक निर्णय का स्वागत किया और तैयारियों में लग गए। शोभायात्रा ज्यों ही गांव की सीमा पर पहुंची, शिव मंदिर के पुजारी अशोक के नेतृत्व में हिंदू समाज के लोगों ने पुष्प-वर्षा कर सभी का अभिनंदन किया। शोभायात्रा आगे बढ़ी तो गांव की 200 से अधिक कलशधारी महिलाओं ने उनका स्वागत किया, फिर सभी शोभायात्रा में सम्मिलित हो मंदिर पहुंचे, जहां श्रद्धालुओं ने ध्वजा चढ़ाई और भगवान को प्रसाद अर्पित किया।

















