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RERA पर क्यों भड़के CJI सूर्यकांत? क्यों कहा-इसे खत्म कर दें

सुप्रीम कोर्ट ने RERA की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी की, कहा- यह अब दागी बिल्डरों को राहत दे रही है, घर खरीदार निराश। CJI सूर्यकांत बोले- बेहतर है संस्था खत्म कर दी जाए। हिमाचल RERA ऑफिस शिफ्ट पर हाईकोर्ट के आदेश पर रोक, सरकार को इजाजत।

Written byकुलदीप सिंहकुलदीप सिंह
Feb 13, 2026, 01:22 pm IST
inभारत
Justice Suryakant talk about marriage

जस्टिस सूर्यकांत

सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट यानी RERA की कार्यप्रणाली पर काफी सख्त बातें हुईं। देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि यह संस्था अब दागी या डिफॉल्टर बिल्डरों को फायदा पहुंचाने का काम कर रही है, जबकि इसका मकसद तो घर खरीदारों की सुरक्षा करना था। पीठ ने साफ कहा कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो RERA को खत्म कर देना बेहतर होगा, और इसमें कोर्ट को कोई आपत्ति नहीं है।

मामले की शुरुआत

यह सब हिमाचल प्रदेश सरकार की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान निकला। हिमाचल सरकार ने RERA के कार्यालय को शिमला से धर्मशाला शिफ्ट करने का फैसला लिया था। वजह बताई गई कि शिमला में भीड़भाड़ ज्यादा है और प्रशासनिक काम आसान बनाने के लिए यह कदम जरूरी है। लेकिन हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने जून 2025 में इस शिफ्टिंग पर रोक लगा दी थी, और 30 दिसंबर 2025 को उस रोक को जारी रखने का आदेश दिया।

इसके खिलाफ हिमाचल सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची। सरकार की तरफ से अधिवक्ता सुगंधा आनंद ने दलील दी कि यह फैसला सिर्फ प्रशासनिक है, और इससे RERA के काम में कोई बाधा नहीं आएगी।

इसे भी पढ़ें: गौतस्करी कर रहे थे कंटेनर…6 गौवंश बचाए गए, 19 गौवंश की मौत- जानिये पूरा मामला

प्रतिवादी की दलीलें

दूसरी तरफ से पेश वकील ने कहा कि RERA के पास ज्यादातर मामले शिमला, सोलन, परवानू और सिरमौर जिलों से जुड़े हैं। ये जिले 40 किलोमीटर के दायरे में आते हैं। लंबित परियोजनाओं में 90 प्रतिशत और शिकायतों में 92 प्रतिशत इसी इलाके से हैं। जबकि धर्मशाला में सिर्फ 20 परियोजनाएं हैं। ऐसे में कार्यालय शिफ्ट करने से लोगों को परेशानी हो सकती है और काम प्रभावित होगा।

कोर्ट का फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के 30 दिसंबर 2025 के आदेश पर रोक लगा दी। साथ ही हिमाचल सरकार को RERA कार्यालय को अपनी पसंद की जगह पर शिफ्ट करने की इजाजत दे दी। मामले में नोटिस जारी किया और आगे सुनवाई होगी। CJI सूर्यकांत ने टिप्पणी की, “दागी बिल्डरों को सुविधा देने के अलावा यह संस्था कुछ नहीं कर रही है। बेहतर होगा कि इसे समाप्त कर दिया जाए, हमें इसमें कोई आपत्ति नहीं है।” उन्होंने आगे कहा कि जिन लोगों के लिए RERA बनाया गया था—यानी घर खरीदार—वे आज पूरी तरह निराश और हताश हैं। पीठ ने सुझाव दिया कि अब सभी राज्यों को RERA के गठन पर दोबारा विचार करने का समय आ गया है।

RERA 2016 में पारदर्शिता लाने और खरीदारों को बिल्डरों की मनमानी से बचाने के लिए बनाया गया था। लेकिन कोर्ट की नजर में यह अब उल्टा काम कर रहा है। यह टिप्पणियां सिर्फ हिमाचल के मामले तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि पूरे देश के RERA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती हैं।

Topics: Suryakant commentCJI SuryakantCJI सूर्यकांतRERAदागी बिल्डररियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटीRERA खत्म करने की सलाहसूर्यकांत टिप्पणीtainted buildersReal Estate Regulatory AuthoritySupreme Courtadvice to abolish RERAसुप्रीम कोर्ट
कुलदीप सिंह
कुलदीप सिंह
नागपुर स्थित राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विद्यापीठ (नागपुर यूनिवर्सिटी) से मॉस कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट। बीते एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विशेष रुचि। पत्रकारिता की इस यात्रा की शुरुआत नागपुर नवभारत में इंटर्नशिप से शुरू होती है, तदोपरांत GTPL न्यूज चैनल, लोकमत समाचार, ग्रामसभा मेल, मोबाइल न्यूज 24 और Way2News हैदराबाद के बाद अब पाञ्चजन्य के साथ सफर जारी है। [Read more]
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