पुरुष महिला नहीं हो सकते: केलेग बुश के बयान पर छिना ताज, मिस अमेरिका का ट्रांस समावेश विवाद
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पुरुष महिला नहीं हो सकते: केलेग बुश के बयान पर छिना ताज, मिस अमेरिका का ट्रांस समावेश विवाद

सितंबर 2024 में जीता खिताब नवंबर में छिन गया क्योंकि केलेग बुश ने ट्रांसजेंडर महिलाओं (सर्जरी के बाद जैविक पुरुष) को महिला मानने वाले अनुबंध को ठुकरा दिया। TMZ इंटरव्यू में खुलासा।

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा — edited by कुलदीप सिंह
Feb 13, 2026, 10:14 am IST
inविश्व, विश्लेषण
Miss north Florida keyleigh bush

केलेग बुश, मिस नॉर्थ फ्लोरिडा-2024

ट्रांस महिलाओं को लेकर लगातार अब एजेंडा साफ होता जा रहा है। यह कहना कि जैविक पुरुष महिला नहीं बन सकते हैं या फिर उन्हें महिला नहीं माना जा सकता है, अब कई स्थानों पर कई प्रकार से दंडनीय हो सकता है। ताजा मामला है पूर्व मिस नॉर्थ फ्लॉरिडा केलेग बुश का। बुश को मिस नॉर्थ फ्लॉरिडा का खिताब 2024 में मिला था। मगर उनके सिर से यह ताज जल्दी ही छिन गया। ऐसा नहीं कि वे सुंदर नहीं रहीं थीं या फिर उन्होंने कुछ गलत कार्य किया था। ऐसा भी नहीं कि वे किसी दुर्घटना का शिकार हुई हों।

उन्होंने शायद ही कभी कल्पना की होगी कि जो उन्हें महिला होने के नाते खिताब दिया जा रहा है, वह एक पुरुष को महिला ठहराने के एजेंडे को न मानने के कारण उनसे छीन लिया जाएगा? उनका अपना एक विश्वास इतना बड़ा हो जाएगा कि उनका खिताब उनसे छिन जाएगा? अब उनका विषय राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बन गया है। बुश जिस संगठन के प्लेटफ़ॉर्म के साथ जुड़कर आगे बढ़ना चाहती थीं उसी की ऐसी क्या शर्तें रहीं कि उनके सिर से ताज छीन लिया गया? आखिर उन्होनें इस संगठन के किस नियम या शर्त को चुनौती दे दी थी?

बुश की कहानी जो इस समय वायरल हो रही है या कहें चर्चा में है, वह एक विशाल एजेंडे की ओर संकेत देती है कि कैसे समाज के लिए घातक एक एजेंडे को सौन्दर्य प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवाओं के मस्तिष्क में भरा जा रहा है। बुश की कहानी उस घातक समावेशीकरण की कहानी है, जिस समावेश से महिलाओं के अधिकारों पर डाका डाला जा रहा है। सालों के सहेजे गए सपने और अथक परिश्रम के बाद बुश के सिर पर सितंबर 2024 में मिस फ्लॉरिडा का ताज सजा था। यही उनके लिए सबसे सुखद और सुंदर क्षण रहा होगा। परंतु कुछ ही समय के बाद उन्होनें कुछ ऐसा कर दिया कि इस तमाम श्रम का परिणाम उनसे छीन लिया गया।

बुश के अनुसार, उनके सामने एक संशोधित अनुबंध लाया गया। उसमें पात्रता मानक और मानदंड थे। उन पात्रता मानकों और मानदंडों के अनुसार एक वृहद समवेशीकरण था। इस समावेशीकरण में ट्रांस-जेन्डर महिलाओं की प्रतिभागिता भी इस सौन्दर्य प्रतियोगिता में सुनिश्चित की गई थी।

इसे भी पढ़ें: भारत ने रूस से 288 S-400 मिसाइलें खरीदने को मंजूरी दी, ऑपरेशन सिंदूर में पाक के लिए बनीं थीं काल 

जैविक पुरुषों की भी पात्रता

इन ट्रांस-जेन्डर्स में वे जैविक पुरुष भी सम्मिलित थे, जो उम्र के एक पड़ाव के बाद महिला बन गए थे। TMZ के साथ बातचीत करते हुए उन्होनें कहा कि उनके सामने एक संशोधित अनुबंध आया था, जिसमें कुछ बातें उन्हें अजीब लगी थीं। और उन्होनें इस पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। उन्होनें कहा कि उनका खिताब इसलिए नहीं गया, क्योंकि उन्होनें कोई नियम तोड़ा था, बल्कि उनका ताज इसलिए छिन गया, क्योंकि वे सत्य को झुठलाना नहीं चाहती थीं। वे मिस अमेरिका में आगे नहीं बढ़ पाईं, क्योंकि उन्होनें अनुबंध के उस संशोधन पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया कि ट्रांस महिलाएं भी इस प्रतिस्पर्धा में भाग ले सकती हैं। उनका कहना था कि मिस अमेरिका महिलाओं के लिए है।

उन्होंने कहा कि “पुरुष महिला नहीं हो सकते हैं।“ उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि जब उनके पास यह अनुबंध आया तो उन्होंने उस पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया, क्योंकि उन्हें यह विश्वास नहीं है कि एक आदमी के शरीर में कोई महिला हो सकती है। एक व्यक्ति जो जैविक रूप से पुरुष रहा है, वह कैसे शारीरिक रूप से महिला हो सकता है? 19 वर्षीय बुश ने कहा कि उन्हें यह विश्वास नहीं हो रहा है कि मिस अमेरिका जैसा संगठन महिलाओं के साथ यह कर सकता है?

सोशल मीडिया पर बुश को लगातार मिल रहा है समर्थन

इस बयान के सामने आने के बाद मिस अमेरिका संगठन ने जहां यह सफाई दी है कि बुश से कोई ताज छीना नहीं गया, बल्कि उन्होंने खुद ही आगे प्रतिस्पर्धा में बढ़ने से इनकार कर दिया है, तो वहीं सोशल मीडिया पर बुश को लगातार समर्थन मिल रहा है। लोग बुश की प्रशंसा कर रहे हैं कि उन्होंने इतना बड़ा कदम उठाया। उन्होंने महिला मूल्यों के लिए किसी भी ताज की परवाह नहीं की और जो सच हैं उसी पर टिकी रहीं। डेनियल गिल नामक यूजर ने लिखा कि बुश ने कुछ भी गलत नहीं कहा है। एक पुरुष कभी भी महिला नहीं हो सकता है और यही सत्य है। लोगों को बुश के उस साहस पर गर्व हो रहा है, जिसमें उन्होंने ट्रांस आइडियॉलॉजी के सामने झुकने से इनकार कर दिया और वे मजबूती से अपने विश्वास पर खड़ी रहीं। लोग कह रहे हैं कि वे बहुत बहादुर हैं।

TMZ के अनुसार, मिस अमेरिका के प्रवक्ता ने कहा कि मिस अमेरिका अपने नियमों के समान अनुपालन में विश्वास करता है, वह सभी प्रतिभागियों के साथ निष्पक्षता की बात करता है और भेदभाव न करने वाले नियमों का अनुपालन करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारा अनुबंध मिस बुश को अपनी पर्सनल सोच से समझौता करने के लिए मजबूर नहीं करता; इसमें बस यह ज़रूरी है कि सभी कंटेस्टेंट एक जैसे स्टैंडर्ड के अंतर्गत मुकाबला करें और दूसरों के साथ भेदभाव वाला बर्ताव न करें। परंतु यह प्रश्न अभी तक अनुत्तरित है कि जैविक रूप से पुरुष कैसे महिलाओं की सौन्दर्य प्रतियोगिता में भाग ले सकता है, फिर भले ही उसने सर्जरी कराई हो या फिर हार्मोनल ट्रीटमेंट लिया हो?

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