लाल किला ब्लास्ट: संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) को दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार बम विस्फोट से जोड़ा है। यह रिपोर्ट फरवरी 2026 में आई है और इसमें अलकायदा व इस्लामिक स्टेट पर लगी पाबंदियों की निगरानी करने वाली टीम ने कई अहम बातें बताई हैं।
लाल किला विस्फोट
पिछले साल नवंबर में ठीक 9 या 10 नवंबर 2025 को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के नजदीक एक कार में विस्फोट हुआ। इसमें 15 लोग मारे गए और कई दर्जन घायल हो गए। यह एक संदिग्ध सुसाइड कार बम अटैक था। जांच में पता चला कि इसमें एक व्यक्ति ने खुद को उड़ाया। NIA ने जांच की तो कई राज्यों में पहले से गिरफ्तारियां हुई थीं। जांच से एक इंटरस्टेट टेरर मॉड्यूल का पता चला, जो JeM से जुड़ा था। रिपोर्ट में एक सदस्य देश ने कहा कि JeM ने कई हमलों की जिम्मेदारी ली है और लाल किले वाले हमले से भी इसका लिंक बताया गया है।
जैश-ए-मोहम्मद की भूमिका
JeM को UN ने पहले से ही आतंकी संगठन घोषित किया हुआ है। यह 1990 के दशक से अल-कायदा से जुड़ा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि JeM ने भारत में कई हमलों की जिम्मेदारी ली। लाल किले का हमला भी इसी की कड़ी माना जा रहा है। हालांकि एक सदस्य देश ने JeM को अब बंद बताया है, लेकिन रिपोर्ट में इसकी सक्रियता दिखाई गई है। JeM के मुखिया मसूद अजहर (जिसे UN ने भी ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया है) का नाम कई बार आया था।
महिलाओं का विंग
रिपोर्ट में सबसे चिंताजनक बात यह है कि 8 अक्टूबर 2025 को मसूद अजहर ने JeM में महिलाओं का एक अलग विंग बनाए जाने की औपचारिक घोषणा की। इसका नाम जमात-उल-मुमिनात है। यह अभी UN की लिस्ट में नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस विंग का मकसद आतंकी हमलों में सपोर्ट देना है। यानी महिलाओं को रिक्रूट करके, ट्रेनिंग देकर या अन्य तरीकों से टेरर एक्टिविटीज में शामिल करना। यह JeM की नई रणनीति का हिस्सा लगता है, ताकि ऑपरेशंस में महिलाओं का इस्तेमाल हो सके।
आतंकियों पर नजर रखती है समिति
रिपोर्ट 1267 सैंक्शंस कमिटी की है, जो अल-कायदा, ISIS और उनके सहयोगी ग्रुप्स पर नजर रखती है। इसमें LeT और JeM जैसे संगठन शामिल हैं। अलग से जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में जुलाई 2025 में हुए हमले का भी जिक्र है, जहां तीन संदिग्ध मारे गए थे। कुल मिलाकर रिपोर्ट JeM की जारी सक्रियता और नई रणनीतियों पर चिंता जताती है।

















