हल्द्वानी। जिले के पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार के विद्यार्थियों को हल्द्वानी स्थित वॉक वे मॉल के सिनेमा में विद्या भारती द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम के अंतर्गत प्रेरणादायी फिल्म ‘गोदान’ दिखाई गई। इस फिल्म के माध्यम से विद्यार्थियों को हिंदू सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति में गौ-संस्कृति के गहन महत्व से परिचित कराया गया।
फिल्म प्रदर्शन के उपरांत विद्यालय की प्रबंध समिति के व्यवस्थापक श्याम अग्रवाल ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए बताया कि भारतीय संस्कृति में गाय को केवल एक पशु नहीं, बल्कि गौमाता के रूप में पूजनीय स्थान प्राप्त है। उन्होंने कहा कि गौमाता पवित्रता, ममता और समृद्धि की सजीव प्रतीक हैं और भारतीय जीवनशैली की आत्मा से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि हिंदू मान्यताओं के अनुसार गौमाता में 33 करोड़ देवताओं का वास माना गया है। वेदों और पुराणों में गाय की महिमा का विस्तृत वर्णन मिलता है तथा गोवर्धन पूजा जैसे पर्वो पर गौमाता की विशेष आराधना की जाती है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में गाय का दूध, दही और घी अमूल्य पोषण प्रदान करते हैं, जो बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में सहायक होते हैं। वहीं, गाय का गोबर और गौमूत्र जैविक खेती के लिए अत्यंत उपयोगी हैं, जो प्राकृतिक संतुलन और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि गाय ग्रामीण जीवन और भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है तथा यह अहिंसा, करुणा और निःस्वार्थ सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। गौ-संरक्षण के माध्यम से ही हम अपनी सांस्कृतिक विरासत और मानवीय मूल्यों को सुरक्षित रख सकते हैं।
शो में पहुंचे पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी ने कहा ऐसे कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों और गौ-संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी का भाव विकसित करना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने फिल्म एवं मार्गदर्शन से प्रेरणा लेकर भारतीय परंपराओं को जानने, गो माता,गायत्री, सनातन समझने और जीवन में अपनाने का प्रयास किया है। इस अवसर पर शहर के गणमान्य व्यक्तियों ने भी गोदान फिल्म को देख कर उसकी सराहना की।

















