फाइटर जेट्स की डिलीवरी को लेकर हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड से बड़ी खबर सामने आ रही है। HAL की तरफ से एक बयान में कहा गया है कि अभी 5 LCA Mk1A फाइटर जेट पूरी तरह तैयार हैं और भारतीय वायुसेना (IAF) को डिलीवर करने के लिए तैयार हैं। ये जेट वो सभी बड़े कॉन्ट्रैक्ट वाले फीचर्स के साथ बने हैं, जो तय स्पेसिफिकेशन्स के मुताबिक हैं।
इसके अलावा, 9 और एयरक्राफ्ट पहले ही बन चुके हैं और उनकी उड़ान भी हो चुकी है। लेकिन इनमें जनरल इलेक्ट्रॉनिक्स (GE) कंपनी के इंजन लगने बाकी हैं। जैसे ही GE से इंजन मिलेंगे, इन्हें भी डिलीवरी के लिए तैयार कर दिया जाएगा। HAL ने बताया कि अभी तक GE से 5 इंजन मिल चुके हैं। GE की सप्लाई की स्थिति अब अच्छी है और आगे आने वाले इंजनों का प्लान HAL की डिलीवरी शेड्यूल से मैच कर रहा है। कंपनी ने कहा कि वो इस फाइनेंशियल ईयर में जो टारगेट दिया गया था, उसे पूरा करेगी।
सभी डिजाइन और डेवलपमेंट से जुड़ी जो भी छोटी-मोटी समस्याएं आई थीं, उन्हें तेजी से ठीक किया जा रहा है। HAL और IAF के बीच बातचीत चल रही है ताकि जितनी जल्दी हो सके, जेट्स हैंडओवर हो जाएं।
कॉन्ट्रैक्ट की पूरी जानकारी
फरवरी 2021 में IAF ने HAL से 83 LCA Mk1A जेट्स (73 फाइटर + 10 ट्रेनर) का पहला कॉन्ट्रैक्ट लिया था।
सितंबर 2025 में एक और फॉलो-ऑन कॉन्ट्रैक्ट हुआ, जिसमें 97 अतिरिक्त जेट्स (68 फाइटर + 29 ट्विन-सीटर) शामिल हैं। इसकी कीमत 62,370 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
कुल मिलाकर IAF ने दो चरणों में 180 LCA Mk1A एयरक्राफ्ट ऑर्डर किए हैं। इनमें इंडिजिनस कंटेंट 64% से ज्यादा है, और 67 अतिरिक्त आइटम्स जोड़े गए हैं।
अगले साल से शुरू होगी डिलीवरी
इन जेट्स की डिलीवरी 2027-28 से शुरू होगी और कुल 6 साल में पूरी होगी। HAL की मौजूदा प्रोडक्शन कैपेसिटी 24 एयरक्राफ्ट प्रति साल है। इस रफ्तार से 180 जेट्स बनाने में 7 साल से ज्यादा लग सकते हैं, यानी पूरा फ्लीट 2033 के आसपास तक मिलेगा। पहले कुछ जेट्स पिछले साल डिलीवर होने वाले थे, लेकिन IAF ने कहा कि वो जेट्स को फुल ऑपरेशनल कॉन्फिगरेशन में ही लेंगे। इसलिए HAL ने पहले ही नाशिक फैसिलिटी से पहला तेजस Mk1A प्रोटोटाइप की उड़ान अक्टूबर 2025 में कराई थी।
कई बड़ी परियोजनाओं पर काम कर रहा HAL
HAL इसी के साथ दूसरे बड़े प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रही है, जैसे भारतीय मल्टी रोल हेलीकॉप्टर (IMRH), तेजस LCA Mk2 और कॉम्बैट एयर टीमिंग सिस्टम (CATS) आदि परियोजनाएं हैं। ये सब 2032 के बाद प्रोडक्शन में आएंगे। पहले IAF ने 40 LCA Mk1 (IOC/FOC वेरिएंट) लिए थे, तो कुल LCA टाइप के 220 एयरक्राफ्ट अब तक ऑर्डर या कॉन्ट्रैक्ट में हैं।

















