
नई दिल्ली: बिहार के दरभंगा जिले के एक मामले ने सबको चौंका दिया है। यहां एक गांव के सभी ब्राह्मणों पर केस दर्ज हुआ है। 12 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। गांव के सभी ब्राह्मणों पर एफआईआर SC/ST एक्ट के तहत हुई है। जिन ब्राह्ममों पर एफआईआर हुई है उनमें से कई दिल्ली और मुंबई में मजदूरी करके पेट पालते हैं। यह मामला काफी सुर्खियां बंटोर रहा है।
कहां का है ये मामला? किसने दर्ज कराई FIR
यह मामला कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव का है। यहां 70 लोगों के खिलाफ नामजद FIR की गई है। जिन लोगों पर केस हुआ है वो सभी ब्राह्मण हैं। मामले में 100-150 अज्ञात लोगों को भी अभियुक्त बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि इस केस में 12 लोगों को अरेस्ट भी किया गया है। फिलहाल मामले की जांच चल रही है।
FIR हरिनगर गांव निवासी अशर्फी पासवान ने करवाई। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि मजदूरी का पैसा मांगने पर ब्राह्मणों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और उनके साथ मारपीट हुई। जिसके बाद यह मामला थाने में पहुंचा।
क्या है घटना?
अशर्फी पासवान का कहना है कि हेमंत झा के पास उनके बेटे की करीब 2.50 लाख मजदूरी है। ये बकाया करीब पांच साल पहले का है। इसी साल 30 जनवरी को दोनों पक्षों की ओर से मामले को पंचायत में रखा गया। 31 जनवरी की सुबह करीब 7 बजे जब अशर्फी पासवान का बेटा विक्रम सब्जी लेकर घर आ रहा था। तभी हेमंत झा, ओमप्रकाश झा आदि ने मिलकर लाठी-डंडे, लोहे की रॉड से उस पर हमला कर दिया और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। इसके बाद आरोपियों सहित करीब 70 लोगों का नाम एफआईआर में दर्ज किया गया। बिरौल डीएसपी प्रभाकर तिवारी का कहना है कि घटना में 10 से अधिक लोग घायल हो गए थे। 12 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुराने विवाद में मारपीट हुई है।