पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े विवादित वीडियो मामले में नया खुलासा हुआ है। इस वीडियो को फर्जी बताने वाली फोरेंसिक रिपोर्ट को कथित तौर पर मोटी रकम देकर तैयार कराने के आरोप में हरियाणा की गुरुग्राम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। पंजाब की राजनीति में इस नए खुलासे ने हलचल मचा दी है।
यह मामला उस विवादित वीडियो से जुड़ा है जिसे लेकर अकाल तख्त ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को तलब किया था और स्पष्टीकरण मांगा था। उस समय मुख्यमंत्री और उनके करीबियों की ओर से इस वीडियो को फर्जी बताया था।
10 लाख रुपए में होटल में हुई थी डील
गुरुग्राम की सेक्टर-29 थाना पुलिस को मिली शिकायत और प्रारंभिक जांच के अनुसार, वीडियो को फर्जी साबित करने के लिए वैज्ञानिक साक्ष्य गढ़ने की साजिश रची गई। इसके लिए गुरुग्राम में स्थित एक प्राइवेट फोरेंसिक लैब से संपर्क किया गया और मनमाफिक रिपोर्ट तैयार करने के लिए 10 लाख रुपए की डील फाइनल हुई।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस सौदेबाजी और पैसों के लेन-देन का मुख्य केंद्र गुरुग्राम के सेक्टर-29 इलाके में स्थित एक होटल था, जहां बैठकर इस पूरी धोखाधड़ी की स्क्रिप्ट लिखी गई। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने तुंरत कार्रवाई करते हुए इस मामले से जुड़े दो मुख्य आरोपियों को दबोच लिया।
एफआईआर (FIR) के दर्ज होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इस फर्जी रिपोर्ट को तैयार कराने के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन था? जांच एजेंसियां अब इस बात की कड़ाई से तफ्तीश कर रही हैं कि क्या इस डील में राजनीतिक लोगों और पंजाब पुलिस के उच्च अधिकारियों का भी हाथ था? पुलिस होटल के सीसीटीवी फुटेज, बैंक खातों के लेन-देन और गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स को खंगाल रही है।
















