अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी किए जाने को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि मादुरो को पकड़ने के लिए डेल्टा फोर्स ने सीक्रेट हथियार का इस्तेमाल किया था। ट्रंप ने इस ऑपरेशन में इस्तेमाल हुए हथियार को “डिस्कॉम्बोबुलेटर” नाम दिया।
उन्होंने न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए इंटरव्यू में इस बारे में बात की। उन्होंने बताया कि 3 जनवरी को अमेरिकी कमांडोज ने वेनेजुएला की राजधानी काराकस में निकोलस मैडुरो के कंपाउंड पर छापा मारा और उन्हें उनकी पत्नी के साथ अगवा कर लिया। इस ऑपरेशन में अमेरिकी सेना को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ—कोई प्लेन या हेलिकॉप्टर नहीं खोया गया, सिर्फ एक हेलिकॉप्टर को मामूली डैमेज हुआ जो फिर भी उड़ सका। सात अमेरिकी सैनिक घायल हुए थे।
क्या है “डिस्कॉम्बोबुलेटर”
ट्रंप ने इस ऑपरेशन में इस्तेमाल हुए हथियार को “डिस्कॉम्बोबुलेटर” नाम दिया। उन्होंने कहा, “मैं इसके बारे में ज्यादा नहीं बोल सकता, लेकिन यह वेपन दुश्मन के इक्विपमेंट को काम नहीं करने देता।” उनके शब्दों में, वेनेजुएला की एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह फेल हो गईं। “उनके रूसी और चाइनीज रॉकेट्स थे, लेकिन एक भी लॉन्च नहीं हुआ। वे बटन दबाते थे और कुछ नहीं होता था। हम अंदर घुसे और सब कुछ काम करना बंद हो गया।”
150 से अधिक हवाई जहाजों का किया गया था इस्तेमाल
पेंटागन की तरफ से बताया गया कि इस रेड में 150 से ज्यादा प्लेन और हेलिकॉप्टर शामिल थे। कई रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि अमेरिका ने शायद जामिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया, जिससे वेनेजुएला के रडार सिस्टम बंद हो गए या उन्हें खुद को दिखाना पड़ा।
इस ऑपरेशन के बाद मैडुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां उन्हें ड्रग-ट्रैफिकिंग और वेपन्स चार्जेस पर पेश किया गया। दोनों ने कोर्ट में नॉट गिल्टी प्ला किया। ट्रंप ने इस वेपन को “सीक्रेट” बताया और कहा कि यह किसी और के पास नहीं है। उन्होंने इसे ऑपरेशन की सफलता का मुख्य कारण बताया, क्योंकि वेनेजुएला की मिसाइल सिस्टम्स और एयर डिफेंस पूरी तरह नाकाम हो गईं।
यह पूरा मामला अमेरिका की तरफ से वेनेजुएला में ड्रग ट्रैफिकिंग के खिलाफ की गई कार्रवाई के तौर पर पेश किया जा रहा है। ऑपरेशन का नाम “ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व” बताया गया है।

















