मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में साम्प्रदायिक तनाव के बाद हालात गंभीर बने हुए हैं। तराना थाना क्षेत्र में हुई हिंसक घटनाओं के बाद जिले में बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी गई है। शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी दो समुदाय आमने-सामने आ गए, जिससे स्थिति एक बार फिर बिगड़ती हुई दिखी। इस दौरान घरों, दुकानों, वाहनों और बसों में जमकर तोड़फोड़ की गई, पथराव हुआ और कई स्थानों पर आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं। इन घटनाओं में लाखों रुपये के नुकसान हुआ है। हिंसा की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आए हैं। पुलिस और प्रशासन ने मौके पर मोर्चा संभालते हुए भारी बल तैनात किया है। इस बीच मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि किसी को भी अशांति नहीं फैलाने दी जाएगी। पुलिस प्रशासन अशांति फैलाने वालों से कड़ाई से निपटेगा।
उल्लेखनीय है कि घटना की शुरुआत 22 जनवरी, गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे हुई, जब उज्जैन मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर तराना थाना क्षेत्र के शुक्ला मोहल्ले में राम मंदिर के पास खड़े विश्व हिंदू परिषद के नगर मंत्री सोहेल पिता सोनू ठाकुर बंदेला (22) पर कुछ लोगों (ईशान मिर्जा और कुछ अन्य युवक) ने अचानक हमला कर दिया। हमले में सोहेल के सिर में गंभीर चोट आई, जिसके बाद उन्हें उज्जैन जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। वहीं, पुलिस ने सप्पन मिर्जा, ईशान मिर्जा, शादाब उर्फ इडली, सलमान मिर्जा, रिजवान मिर्जा और नावेद के खिलाफ जानलेवा हमले का केस दर्ज किया है।
घटना की सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों और समर्थकों ने देर रात नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। आरोप है कि करीब तीन घंटे तक गिरफ्तारी नहीं होने पर आक्रोशित भीड़ ने तराना बस स्टैंड पर आक्रोश व्यक्त किया। माहौल बिगड़ता देख प्रशासन ने तत्काल भारी पुलिस बल तैनात किया।
देर रात छह आरोपी गिरफ्तार
सूचना मिलते ही देर रात तराना एडीएम अत्येन्द्र सिंह गुर्जर, एएसपी गुरु प्रसाद पराशर, एएसपी आलोक शर्मा सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। एएसपी गुरु प्रसाद पराशर ने बताया कि उज्जैन पुलिस ने छह नामजद और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर रात में ही छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। इसके अलावा कुछ संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया। सीसीटीवी और वीडियो फुटेज के आधार पर कार्रवाई करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बाजार बंद करवाए गए और क्षेत्र में बीएनएसएस की धारा 163 लागू की गई है।
शुक्रवार को फिर भड़की हिंसा
शुक्रवार को हालात कुछ हद तक नियंत्रण में आने के बाद पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच जुमे की नमाज शांतिपूर्वक संपन्न करवाई, लेकिन दोपहर बाद अचानक फिर तनाव बढ़ गया और दो समुदाय आमने-सामने आ गए। तराना के तकिया मोहल्ला, नई बाखल, राठौड़ धर्मशाला, कपड़ा बाजार, तेजाजी चौक, द्वारकाधीश कुंड, बस स्टैंड, नाटाखेड़ी मार्ग सहित कई इलाकों में पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं। इस दौरान दो बसों और एक भंगार दुकान में आग लगा दी गई।
मुंह ढककर घरों में घुसे उपद्रवी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उपद्रवी मुंह पर कपड़ा बांधकर लोगों के घरों में घुसे, जमकर तोड़फोड़ की, रहवासियों के साथ मारपीट की और मंदिर पर भी पत्थर फेंके। बाइक, बोर्ड और मीटर तक क्षतिग्रस्त किए गए। इन घटनाओं के लाइव सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने एक बार फिर सख्ती बरतते हुए मोर्चा संभाला। हिंदू संगठनों ने उपद्रवियों पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग करते हुए तराना थाने का घेराव किया, वहीं क्षेत्रीय रहवासी भी लाठी-डंडों के साथ सड़कों पर उतर आए और पुलिस के प्रति आक्रोश जताया। तराना विधायक महेश परमार भी मौके पर पहुंचे। पंचदशनाम जूना अखाड़ा के संत मोहन भारती और तराना शहर काजी सफीउल्लाह ने नगर में शांति बनाए रखने की अपील की है।
15 आरोपी गिरफ्तार, हालात नियंत्रण में
एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि शुक्रवार शाम 4 बजे तक 15 उपद्रवियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। आंसू गैस के साथ पुलिस बल तैनात है और हर सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, कोई नया घायल नहीं है। तराना में पुलिस का फ्लैग मार्च लगातार जारी है, कलेक्टर-एसपी सहित भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद है।
मुख्यमंत्री का सख्त संदेश
इस बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि “अशांति फैलाने वालों से कड़ाई से निपटा जाएगा। हमारी सरकार सुशासन के लिए जानी जाती है। जहां भी व्यवस्था में ढिलाई होती है, हम सख्ती से पेश आते हैं। कोई भी राज्य की शांति भंग करेगा तो उससे कठोरता से निपटने में हम पूरी तरह सक्षम हैं।”
















