Grahan 2026: 4 ग्रहण लगेंगे इस साल लेकिन भारत में 1 ही क्यों दिखेगा? जानिये
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Grahan 2026: 4 ग्रहण लगेंगे इस साल लेकिन भारत में 1 ही क्यों दिखेगा? जानिये

Grahan 2026: साल 2026 में कुल 4 ग्रहण लगेंगे। इनमें दो चंद्र ग्रहण और दो सूर्य ग्रहण होंगे।

Written byLalit FularaLalit Fulara
Jan 23, 2026, 06:53 pm IST
inधर्म-संस्कृति

Grahan 2026: साल 2026 में कुल 4 ग्रहण लगेंगे। इनमें दो चंद्र ग्रहण और दो सूर्य ग्रहण होंगे। इस साल का पहला ग्रहण 17 फरवरी को लगेगा जो कि सूर्य ग्रहण होगा। लेकिन यह ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा। 17 फरवरी को लगने वाला ग्रहण दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण अर्जेंटीना और अंटार्कटिका में दिखाई देगा। दूसरा ग्रहण 3 मार्च को लगेगा। ये चंद्र ग्रहण होगा जो होलिका दहन के दिन लगेगा।

साल 2026 का तीसरा ग्रहण 12 अगस्त को लगेगा। यह सूर्य ग्रहण होगा। चौथा ग्रहण 28 अगस्त को लगेगा जो कि साल का आखिरी चंद्र ग्रहण होगा।

इसे भी पढ़ें-Magh Purnima 2026: 31 जनवरी या 1 फरवरी, कब है माघ पूर्णिमा?

भारत में दिखेगा साल का दूसरा ग्रहण
इस साल का दूसरा ग्रहण 3 मार्च को है। ये चंद्र ग्रहण होगा जो भारत समेत एशिया के करीब सभी हिस्सों में दिखाई देगा। ये ग्रहण भारत में दिखाई देगा और इसका सूतक काल भी मान्य होगा। 3 मार्च चंद्र ग्रहण का प्रारंभ शाम 06:26 बजे शुरू होगा और चन्द्र ग्रहण समाप्त शाम 06:46 बजे होगा। चन्द्रोदय शाम 06:26 बजे होगा। उपच्छाया से पहला स्पर्श  02:16 बजे शुरू होगा और प्रच्छाया से पहला स्पर्श 03:21 बजे होगा।

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भारत में दिखने वाले सूतक का समय
3 मार्च को चंद्र ग्रहण का सूतक 9 बजकर 39 मिनट पर शुरू होगा।  इसका समापन शाम 6 बजकर 46 मिनट पर होगा।सूतक काल के समय किसी भी तरह के शुभ काम नहीं किये जाते। इस दौरान मंदिरों के कपाट भी बंद रखे जाते हैं।

पहला, तीसरा और चौथा ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा
वहीं जो ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा उसका सूतक मान्य नहीं होगा। साल का पहला सूर्यग्रहण अमावस्या तिथि में 17 फरवरी को लगेगा और यह भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए इस पर सूतक काल मान्य नहीं होगा। तीसरा सूर्यग्रहण 12 अगस्त को है और यह भी भारत में नजर नहीं आएगा जिस कारण इसका सूतक भी मान्य नहीं होगा। ज्योतिषशास्त्रियों का कहना है कि दूसरे ग्रहण का प्रभाव भी भारत में मान्य नहीं होगा। चौथा ग्रहण 28 अगस्त को लगेगा और इसका भी भारत में प्रभाव नहीं होगा।

सूतक काल में क्या करें?
सूतक काल के दौरान पूजा-पाठ में लीन रहना चाहिए। इस दौरान आप मंत्र जाप कर सकते हैं। यह समय मंत्र सिद्धि के लिए उत्तम माना जाता है। इष्ट देव के मंत्रों का जाप करें। पके हुए भोजन, दूध और पानी में तुलसी के पत्ते या कुश (दूर्वा) डालकर रखें। सूतक में मंदिर के कपाट बंद रखें, मूर्तियों को न छुएं और यात्रा करने से बचें।

Topics: solar eclipselunar eclipseEclipses of 2026which eclipses will be visible in India this yearसाल 2026 के ग्रहणसूर्य ग्रहण 2026चंद्र ग्रहण 2026
Lalit Fulara
Lalit Fulara
उत्तराखंड के अल्मोड़ा ज़िले के सुदूर स्थित छोटे से गाँव 'पटास' में पैदाइश. कला-साहित्य में विशेष रुचि. पहला नॉवेल 'घासी: लाल कैंपस का भगवाधारी' प्रकाशित. विगत 12 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय. करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से हुई और उसके बाद ज़ी न्यूज़, न्यूज़18, राजस्थान पत्रिका, अमर उजाला और इंडियाडॉटकॉम होते हुए वर्तमान में पांचजन्य डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. पत्रकारिता में एम.ए माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के नोएडा कैंपस से किया है. [Read more]
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