अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टलीना जॉर्जिएवा ने कहा कि भारत तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में दुनिया की प्रमुख शक्तियों में उभर रहा है। एक मीडिया कार्यक्रम में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में बातचीत में उन्होंने भारत के आर्थिक सुधार, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और कुशल तकनीकी कार्यबल की तारीफ की।
भारत की डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी ताकत
जॉर्जिएवा ने कहा कि भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और आईटी-कुशल श्रम शक्ति इसकी बड़ी ताकत है। IMF के अनुसार, AI वैश्विक विकास को 0.8 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है, जबकि भारत जैसी गतिशील अर्थव्यवस्थाएं इससे और अधिक लाभ उठा सकती हैं।
उन्होंने कहा- “भारत पहले से ही एक गतिशील अर्थव्यवस्था है, और AI के साथ यह और भी गतिशील होगी।”
AI में भारत की रणनीति और वैश्विक प्रतिस्पर्धा
जॉर्जिएवा ने भारत के AI विकास में स्वतंत्र मार्ग अपनाने और प्रतिस्पर्धात्मक बने रहने के दृष्टिकोण की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि IMF भारत की संभावनाओं को बेहद उत्कृष्ट मानता है और भारत देश AI के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व के लिए तैयार है।
भारत यात्रा और AI समिट
वहीं IMF प्रमुख ने पुष्टि की कि वे अगले महीने भारत यात्रा करेंगी और AI समिट में हिस्सा लेंगी।
उन्होंने कहा- “मैं इस यात्रा के लिए बहुत उत्साहित हूं और देखना चाहती हूं कि भारत AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी में कितनी प्रगति कर रहा है।”
वैश्विक आर्थिक परिदृश्य और भारत की स्थिति
जॉर्जिएवा ने वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को अनिश्चित बताते हुए कहा कि हालिया भू-राजनीतिक जोखिमों में कुछ ढील ने बाजारों को सहारा दिया है, लेकिन अनिश्चितता अभी भी उच्च है। उन्होंने चेताया कि AI से उम्मीदें बड़ी हैं, लेकिन अगर वे पूरी नहीं हुईं तो वित्तीय बाजारों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
मजबूत आर्थिक नींव पर जोर
क्रिस्टलीना जॉर्जिएवा ने देशों को सलाह दी कि वे अपनी आर्थिक नींव मजबूत रखें। उन्होंने भारत की इस दिशा में नीति पर ध्यान देने की प्रशंसा की और कहा, “सुनिश्चित करें कि आपका घर पूरी तरह व्यवस्थित हो।”
वहीं उन्होंने आगे कहा कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल तकनीकी कार्यबल और मजबूत आर्थिक नीतियों के चलते भारत को वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में एक उज्जवल स्थान प्राप्त है।

















