मृत्यु के बाद भी राष्ट्रसेवा : पूर्व CM व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने किया महादान
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मृत्यु के बाद भी राष्ट्रसेवा : पूर्व CM व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने किया महादान

पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने नेत्रदान, अंगदान और पूर्ण देहदान का संकल्प लेकर मानवता और राष्ट्रसेवा का अद्भुत उदाहरण पेश किया।

Written byउत्तराखंड ब्यूरोउत्तराखंड ब्यूरो — edited by Shivam Dixit
Jan 22, 2026, 06:08 pm IST
inभारत, उत्तराखंड

देहरादून । मानवता, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को चरितार्थ करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री उत्तराखंड, पूर्व राज्यपाल महाराष्ट्र भगत सिंह कोश्यारी ने अपने जीवन के पश्चात नेत्रदान, सभी प्रत्यारोपण योग्य अंगदान तथा पूर्ण देहदान का संकल्प लेकर समाज के समक्ष एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।

दधीचि देह दान समिति के माध्यम से विधिवत पंजीकरण

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे श्री कोश्यारी ने यह संकल्प दधीचि देह दान समिति, देहरादून (उत्तराखंड) के माध्यम से विधिवत रूप से पंजीकृत कराया। यह संस्था वर्षों से देहदान, नेत्रदान एवं अंगदान जैसे महापुण्य कार्यों के लिए जन-जागरूकता फैलाने का कार्य कर रही है।

भारतीय परंपरा और मानवीय मूल्यों का जीवंत उदाहरण

मानवीय मूल्यों और भारतीय परंपरा का जीवंत उदाहर श्री कोश्यारी का यह निर्णय भारतीय संस्कृति की उस महान परंपरा का स्मरण कराता है, जिसमें व्यक्ति अपने शरीर को भी समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित कर देता है। महर्षि दधीचि की परंपरा से प्रेरित यह संकल्प न केवल चिकित्सा विज्ञान, शोध एवं शिक्षा के क्षेत्र में उपयोगी सिद्ध होगा, बल्कि नेत्रदान एवं अंगदान के माध्यम से अनेक निराश जीवनों को आशा और नया प्रकाश प्रदान करेगा।

भ्रांतियों के बीच विश्वास और जागरूकता का संचार

आज जब समाज में अंगदान एवं देहदान को लेकर अनेक भ्रांतियाँ व्याप्त हैं, ऐसे समय में एक वरिष्ठ, अनुभवी एवं जनप्रिय सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तित्व द्वारा लिया गया यह संकल्प जन-जन में विश्वास, जागरूकता एवं प्रेरणा का संचार करेगा।

समाज और युवाओं के लिए सशक्त संदेश

श्री कोश्यारी जी का यह कदम विशेष रूप से युवाओं के लिए एक सशक्त संदेश है कि सेवा केवल जीवनकाल तक सीमित नहीं होती, बल्कि मृत्यु के पश्चात भी मानवता की सेवा संभव है।

उनका यह संकल्प दर्शाता है कि सच्ची राष्ट्रसेवा और मानवसेवा वही है, जिसमें व्यक्ति अपने अस्तित्व को भी लोककल्याण के लिए समर्पित कर दे।

दधीचि देह दान समिति की प्रतिक्रिया

इस अवसर पर दधीचि देह दान समिति, देहरादून ने महामहिम श्री कोश्यारी जी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि उनका यह निर्णय देहदान एवं अंगदान आंदोलन को नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करेगा। समिति ने आशा व्यक्त की कि उनके इस उदाहरण से समाज के विभिन्न वर्गों—विशेषकर शिक्षित युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों—में इस पुण्य कार्य के प्रति रुचि बढ़ेगी।

सामान्य जन से अपील

समिति ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे आगे आकर नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान जैसे मानवीय कार्यों के लिए संकल्प लें और अपने जीवन के पश्चात भी समाज एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान दें। भगत सिंह कोश्यारी का यह संकल्प निस्संदेह मानवता, संवेदना और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का प्रेरणास्रोत दस्तावेज़ बनकर आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करेगा।

Topics: देहदाननेत्रदानbody donationOrgan Donation Indiaदधीचि देह दान समितिBhagat Singh Koshyari donationeye donation Indiaभारतीय संस्कृतिDadhichi Deh Dan Samitiराष्ट्रसेवाIndian cultural valuesभगत सिंह कोश्यारीअंगदान
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