जम्मू, (हि.स.)। भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने सोमवार को विशेष बल के हवलदार गजेंद्र सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने किश्तवाड़ में चल रहे ऑपरेशन त्राशी-I के दौरान सिंगपुरा इलाके में बहादुरी से आतंकवाद विरोधी अभियान चलाते हुए अपना बलिदान दिया।
व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) और सभी रैंकों ने 18/19 जनवरी की रात उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए गहरा सम्मान और श्रद्धांजलि व्यक्त की। कोर ने हवलदार गजेंद्र सिंह के असाधारण साहस, वीरता और कर्तव्य के प्रति अटूट प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि उनकी वीरता को हमेशा गर्व के साथ याद किया जाएगा।
शोक संतप्त परिवार के साथ एकजुटता दिखाते हुए व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने कहा कि वह अपार दुख और नुकसान की इस घड़ी में उनके साथ मजबूती से खड़ा है। गजेंद्र सिंह का घर उत्तराखंड के बागेश्वर जनपद में है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी गजेंद्र सिंह को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
जैश-ए-मोहम्मद के भूमिगत ठिकाने का भंडाफोड़
सुरक्षा बलों ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में जैश-ए-मोहम्मद के भूमिगत ठिकाने का भंडाफोड़ किया है। यह ठिकाना छतरू के सिंहपोरा इलाके में 12 हजार फीट की ऊंचाई पर था। कई प्रवेश और निकास बिंदुओं से चतुराई से बनाए गए इस ठिकाने में एक समय में चार से अधिक आतंकी रह सकते थे। यहां भोजन पकाने का पूरा इंतजाम था। पुलिस ने बताया कि आतंकी ठिकाने से दो खाली एम4 कारतूस, देसी घी से भरा एक प्लास्टिक का डिब्बा, बादाम का एक पॉलीथीन पैकेट, दस्ताने, एक टोपी, एक कंबल, एक तिरपाल, एक छोटी थैली और एक पॉलीथीन बैग बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार अन्य दो ठिकानों से खाना पकाने का गैस सिलेंडर, खाना पकाने का तेल, एक चार्जर वायर, दस्ताने, खाना पकाने और खाने के बर्तन, एक खाली तेल का गैलन, बड़े प्लास्टिक बैग, एक टॉर्च, कंबल, एक कंटेनर और खाने-पीने की चीजों के रैपर सहित अन्य विविध वस्तुएं बरामद की गईं।
किश्तवाड़ के ऊपरी इलाके में छिपे हैं आतंकी
किश्तवाड़ जिले के ऊपरी इलाकों में छिपे आतंकवादियों के एक समूह की तलाश के लिए सोमवार को सेना के हेलीकॉप्टरों को लगाया गया है। यह अभियान रविवार को चत्रू सेक्टर के मन्द्रल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव में शुरू किया गया था, लेकिन दुर्गम इलाके और कम दृश्यता के कारण रविवार देर रात इसे रोक दिया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक मुठभेड़ के दौरान गोलीबारी हुई, जिसमें आतंकवादियों के ग्रेनेड फेंके जाने से आठ सुरक्षाकर्मी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। आज सूर्योदय होते ही सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों की संयुक्त टीमों ने फिर से अभियान शुरू किया और घेराबंदी कड़ी कर दी। घने जंगलों वाले क्षेत्र की तलाशी के लिए ड्रोन और खोजी कुत्तों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि सेना के हेलीकॉप्टर ऑपरेशन क्षेत्र पर हवाई निगरानी बनाए रखने के लिए उड़ानें भर रहे हैं।
जैश ए मोहम्मद पर संदेह
खुफिया जानकारी के अनुसार पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) से जुड़े होने के संदेह में दो से तीन आतंकवादी इलाके में फंसे हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि रविवार को हुई गोलीबारी के बाद से आतंकवादियों से कोई नया संपर्क नहीं हुआ है। अधिकारियों ने आगे कहा कि अभियान जारी है।

















