भुवनेश्वर: ओडिशा पुलिस ने राज्य में सक्रिय संगठित गौ तस्करी नेटवर्क के खिलाफ शनिवार को एक व्यापक और समन्वित अभियान चलाते हुए चार जिलों में एक साथ छापेमारी की। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नौ संदिग्ध गौ माफिया सदस्यों को हिरासत में लिया और उनके पास से ₹1.4 करोड़ से अधिक नकद, सोना, चांदी, महंगी गाड़ियाँ और अन्य कीमती सामान जब्त किया। यह अभियान राज्य में अवैध गौ परिवहन, तस्करी और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने के उद्देश्य से शुरू किया गया।
गौ व्यापार नेटवर्क की पहचान कर एकसाथ 46 स्थानों पर छापेमारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई ओडिशा गो-हत्या निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत दैतारी थाना में दर्ज शिकायत के आधार पर की गई। केन्दुझर के पुलिस अधीक्षक नितिन कुशालकर ने बताया कि पुलिस का लक्ष्य राज्य के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय अवैध गौ व्यापार नेटवर्क की पहचान कर उसे पूरी तरह खत्म करना है। विश्वसनीय खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने केन्दुझर, मयूरभंज, भद्रक और जाजपुर जिलों के 46 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।
इस अभियान में हिरासत में लिए गए प्रमुख आरोपियों में भद्रक के शेख राजन उर्फ ताजुद्दीन, सांतारपुर के टिपु सुल्तान, बिसोई के टूना उर्फ मृत्युंजय महापात्र और झाड़पोखरिया के सुजीत मोहंती शामिल हैं। पुलिस ने छापों के दौरान कई हाई-एंड वाहन भी जब्त किए हैं, जिनमें एसयूवी, पिकअप वैन और मोटरसाइकिलें शामिल हैं, जिनका उपयोग कथित तौर पर गौ तस्करी के लिए किया जाता था।
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सोना-चांदी और भारी नकदी भी बरामद
पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, छापेमारी के दौरान नौ ठिकानों से कुल 1,40,01,280 रुपये नकद, 808.46 ग्राम सोना और 2.885 किलोग्राम चांदी बरामद की गई। इसके अलावा पुलिस ने 11 चारपहिया वाहन, 13 दोपहिया वाहन, 16 कलाई घड़ियाँ और 13 मोबाइल फोन भी जब्त किए। पुलिस का कहना है कि ये जब्ती इस बात का संकेत है कि यह नेटवर्क बड़े पैमाने पर संगठित रूप से अवैध कारोबार चला रहा था।
यह पूरा ऑपरेशन दैतारी थाना केस नंबर 107/2025 के तहत चलाया गया। इस अभियान को सफल बनाने के लिए पुलिस ने 65 विशेष टीमों का गठन किया था। इस ऑपरेशन का नेतृत्व दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों ने किया, जबकि पाँच डिप्टी एसपी, 25 इंस्पेक्टर और 36 सब-इंस्पेक्टर व एएसआई को इस कार्रवाई में लगाया गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 18 प्लाटून सशस्त्र पुलिस बल भी तैनात किए गए थे।
पुलिस ने भद्रक जिले के मुल्लासाही क्षेत्र के मोस्ट वांटेड गौ माफिया शेख राजन उर्फ ताजुद्दीन के खिलाफ भी विशेष कार्रवाई की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके घर से ₹60 लाख नकद की सबसे बड़ी बरामदगी हुई है, जबकि शुक्रवार को उसके आवास पर हुई छापेमारी में करीब ₹70 लाख नकद, सोने के आभूषण, दो स्कॉर्पियो गाड़ियाँ और अन्य वाहन जब्त किए गए।
पिछले चार सालों में गौ वध से जुड़े 220 से अधिक मामले दर्ज
जांच के दौरान पुलिस ने भद्रक बाईपास स्थित उसकी संपत्तियों की भी पहचान की, जिनमें कॉस्मो शॉपिंग मॉल और आवासीय नर्सिंग कॉलेज जैसी अचल संपत्तियाँ शामिल हैं। संपत्तियों का मूल्यांकन करने के लिए केन्दुझर पंचायत राज विभाग के कनिष्ठ अभियंता ज्योति रंजन प्रधान को भी जांच टीम में शामिल किया गया। प्रारंभिक आकलन में आरोपी की अचल संपत्तियों का कुल मूल्य ₹3 करोड़ 30 लाख बताया गया है। इसके अलावा उसके नाम पर मौजूद फिक्स्ड डिपॉजिट, एलआईसी, म्यूचुअल फंड और बैंक लॉकरों की भी जांच की जाएगी।
गृह विभाग की एक आंतरिक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले चार वर्षों में राज्य में गौ परिवहन और वध से जुड़े 220 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। केन्दुझर एसपी नितिन कुशालकर ने बताया कि एक वर्ष पहले गौ-माफिया ने पुलिस वाहन पर हमला कर पुलिसकर्मियों को कुचलने का प्रयास किया था, जिसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 112 और संगठित अपराध नियंत्रण प्रावधानों के तहत गौ-माफिया के खिलाफ 20 से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। केंद्र सरकार के NATGRID ऑनलाइन एप से यह भी खुलासा हुआ है कि इन तस्करों ने अवैध गौ परिवहन के जरिए करीब ₹100 करोड़ की संपत्ति अर्जित की है। एसपी ने स्पष्ट किया कि इस खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस न केवल उनकी संपत्तियां जब्त करेगी, बल्कि इस नेटवर्क के मुख्य साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई भी करेगी।
पुलिस ने बताया कि अभियान के दौरान सभी छापेमारी शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से की गई। फिलहाल इस नेटवर्क के फाइनेंसरों और अंतरराज्यीय कनेक्शनों की जांच जारी है। ओडिशा पुलिस ने चेतावनी दी है कि इस अवैध कारोबार में शामिल सभी लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और ओडिशा गो-हत्या निवारण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने जनता से अपील की है कि अवैध गौ तस्करी से संबंधित किसी भी प्रकार की विश्वसनीय जानकारी तुरंत साझा करें, ताकि राज्य में कानून-व्यवस्था और पशु संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

















