भुवनेश्वर। ओडिशा में गैरकानूनी तरीके से गौसंपदा की तस्करी के मामले में कमी नहीं आ रही है। गौतस्करी के दौरान वाहनों के पलटने से गौवंशों की मौत का मामला बार-बार सामने आ रहा है। केन्दुझर और भद्रक जिले में इस तरह की घटनाओं के बाद अब अंगुल जिले में भी गौतस्करों के वाहन पलटने की एक घटना सामने आई है।
राज्य के रेढ़ाखोल-बौद्ध राष्ट्रीय राजमार्ग-153(बी) पर अंगुल जिले के किआकटा थाना क्षेत्र में बनदुर्गा मंदिर के पास एक खतरनाक मोड़ पर गो-तस्करी में लगा एक कंटेनर वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। इस दर्दनाक हादसे में 25 गोवंशों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद एक गो-तस्कर का शव भी मवेशियों के बीच दबा हुआ मिला। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कंटेनर बौद्ध से रेढ़ाखोल की ओर अवैध रूप से गोवंश लेकर जा रहा था। बनदुर्गा मंदिर के पास तीखे मोड़ पर वाहन चालक नियंत्रण खो बैठा, जिससे कंटेनर पलट गया। हादसे के तुरंत बाद गो-तस्कर वाहन के इंजन को कंटेनर से अलग कर मौके से फरार हो गए।
कंटेनर के भीतर 50 से अधिक गोवंश फंसे हुए थे।
सूचना मिलने पर किआकटा पुलिस और अग्निशमन दल मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने भी राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग किया। जेसीबी मशीन और कटर की मदद से कंटेनर को काटकर मवेशियों को बाहर निकाला गया। इस दौरान 25 मृत गोवंश और कई गंभीर रूप से घायल जानवरों को बाहर निकाला गया। इसी बीच, मवेशियों के बीच दबे हुए एक गो-तस्कर का शव भी बरामद किया गया। बाद में मृत मवेशियों को नजदीकी जंगल में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया।
घटना के सामने आने के बाद आक्रोश
घटना के सामने आने के बाद आक्रोश देखने को मिला। अत्यंत अमानवीय परिस्थिति में गौवंशों की तस्करी और इतनी संख्या में उनकी मौत के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष देखा गया। बजरंग दल और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। अवैध गो-तस्करी के विरोध में गुस्साए लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। घटना स्थल पर किआकटा पुलिस के साथ-साथ आठमलिक और किशोरनगर पुलिस, तथा अतिरिक्त तहसीलदार पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद करीब तीन बजे सड़क जाम हटा लिया गया और यातायात बहाल हुआ। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार गो-तस्करों की तलाश जारी है।
स्थानीय गौ सुरक्षा कार्यकर्ताओं का कहना है कि राज्य में गौतस्करी के मामलों को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन किसी प्रकार का प्रयास नहीं कर रहा है। यही कारण है कि राज्य में गौतस्करी की घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में अवैध गौतस्करी को रोकने के लिए कानून मौजूद है, लेकिन इसका अनुपालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने तस्करी पर रोक लगाने और तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

















