ईरान में मुल्ला शासन के खिलाफ चल रहा विरोध प्रदर्शन लगातार हिंसक होता जा रहा है। इस्लामी शासन लगातार लोगों के विरोध को कुचलने की भरसक कोशिश कर रही है। सुरक्षा बलों के द्वारा विरोध प्रदर्शनों को कुचलने की कोशिशों को इस तरह से समझा जा सकता है कि अब तक सैकड़ों-हजारों लोगों की जान गई है और देश में लगभग पूरी तरह इंटरनेट बंद कर दिया गया है। इस बीच अमेरिका भी ईरान में हमले की तैयारी कर रहा है।
ट्रंप प्रशासन के हमले के विकल्पों पर विचार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वो ईरान के खिलाफ “बहुत मजबूत विकल्प” देख रहे हैं। उनका कहना था कि ईरान ने उनकी लाल रेखा को पार कर दिया है और ऐसे लोगों को मारा जा रहा है जिन्हें नहीं मारा जाना चाहिए। अमेरिकी सेना इस पर काम कर रही है और जल्द ही फैसला होगा। ट्रंप ने एलन मस्क से बात करने की भी बात कही ताकि ईरानी प्रदर्शनकारियों को स्टारलिंक टर्मिनल उपलब्ध कराए जा सकें, क्योंकि सरकार ने इंटरनेट पूरी तरह बंद कर रखा है।
क्रूर दमन
ईरानी सुरक्षा बलों ने 8 और 9 जनवरी को देशभर में भारी गोलीबारी की, जिसके परिणामस्वरूप बहुत बड़ी संख्या में मौतें हुईं। सबसे कम अनुमान के मुताबिक इन दो दिनों में कम से कम 2000 लोग मारे गए। तेहरान के कहरीजक फॉरेंसिक सेंटर से मिली वीडियो में पिकअप ट्रकों से लाशें लादते दिखे। दो प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वहां 400 से ज्यादा लाशें थीं। रश्त शहर के एक डॉक्टर ने बताया कि सिर्फ एक अस्पताल में कम से कम 70 लाशें आईं। करज में मदनी अस्पताल में 44 और घेम अस्पताल में 36 लाशें पहुंचीं। दूसरे शहरों से भी इसी तरह की ऊंची मौतों की खबरें आईं। इंटरनेट बंद होने के कारण सही आंकड़े सामने आना मुश्किल है, लेकिन स्टारलिंक के जरिए कुछ वीडियो और मैसेज बाहर आ रहे हैं।
प्रदर्शन जारी, लोग सड़कों पर
इंटरनेट बंदी के चौथे दिन और भारी दमन के बावजूद लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। तेहरान के पुनक इलाके में प्रदर्शनकारी आग जला रहे थे और सरकार-विरोधी नारे लगा रहे थे। एक वीडियो में एक प्रदर्शनकारी चिल्लाता सुनाई दिया – “हेल्प! वो हम पर गोली चला रहे हैं!” माजंदरान प्रांत के शाहसवार में लोग सड़कों पर आए और “शाह जिंदाबाद” के नारे लगाए।
ईरानी नेतृत्व को निशाना बनाने की सलाह
यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ईरानी अधिकारियों द्वारा हिंसा और अत्यधिक बल प्रयोग से “स्तब्ध” होने की बात कही। उन्होंने अधिकतम संयम बरतने और अनावश्यक बल प्रयोग न करने की अपील की। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने ट्रंप से ईरान के नेतृत्व को निशाना बनाने की सलाह दी ताकि प्रदर्शनकारी मजबूत हों और शांति आए। उनका कहना था कि इससे क्षेत्र में नया दौर शुरू हो सकता है – हिजबुल्लाह, हमास कमजोर होंगे, इजराइल-सऊदी में शांति हो सकती है।
वहीं सीनेटर रैंड पॉल और मार्क वार्नर ने सैन्य कार्रवाई के खिलाफ चेतावनी दी। पॉल का कहना था कि बमबारी से शायद उल्टा असर हो, और वार्नर ने कहा कि इससे ईरानी लोग अमेरिका के खिलाफ एकजुट हो सकते हैं।
ईरान में स्टारलिंक कनेक्शन
ईरान में इंटरनेट बंदी चार दिन से जारी है और क्लाउडफ्लेयर के अनुसार ट्रैफिक लगभग शून्य है। प्रदर्शनकारी स्टारलिंक का इस्तेमाल करके अपनी आवाज बाहर पहुंचा रहे हैं। ईरानी प्रिंस रेजा पहलवी ने प्रदर्शनकारियों से दो रात और जारी रखने, शहर के केंद्रों पर कब्जा करने और ऊर्जा-परिवहन कर्मचारियों से हड़ताल शुरू करने की अपील की।

















