संभल में 500 दुकानों वाला साप्ताहिक बाजार बंदसंभल जिले में दिल्ली रोड पर नखासा चौराहे के पास रुकूनुद्दीन सराय में लगने वाला साप्ताहिक बाजार अब बंद हो गया है। यह बाजार करीब 500 दुकानों वाला था और पिछले डेढ़ साल से चल रहा था। प्रशासन ने शनिवार को इस पर कार्रवाई की और दुकानें हटा दीं।
बाजार कैसे चल रहा था
यह बाजार हसनपुर मार्ग पर रुकूनुद्दीन सराय में 12 बीघा जमीन पर फैला हुआ था (हालांकि प्रशासन की तरफ से इसे 7-8 बीघा बताया गया)। यहां हर हफ्ते बहुत भीड़ जमा होती थी। बाजार को उवैद (पुत्र शजीउर्रहमान) और शफीक (पुत्र हफीजुर्रहमान) पिछले दो साल से चला रहे थे। दुकानदारों से 50 से 150 रुपये तक की फीस ली जाती थी।
प्रशासन ने क्यों की कार्रवाई
शनिवार दोपहर करीब 3 बजे नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल की अगुवाई में टीम पहुंची। इंस्पेक्टर संजीव बालियान भी साथ थे। टीम ने करीब डेढ़ घंटे जांच की। दुकानदारों से अनुमति के कागजात मांगे गए, लेकिन कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा। इसके बाद बाजार को पूरी तरह बंद करा दिया गया। पुलिस की मौजूदगी में दुकानें हटाई गईं। प्रशासन की ओर से कहा जा रहा है कि ये बाजार बिना किसी सरकारी अनुमति के चल रहा था। इसके कारण बिजनौर-आगरा स्टेट हाईवे पर पूरे दिन जाम लगा रहता था, जिससे लोगों को आने-जाने में खासी परेशानी होती थी।
जगह छोटी होने के बावजूद इतनी दुकानें लगती थीं, लेकिन कोई सुरक्षा का इंतजाम नहीं था – न अग्निशमन व्यवस्था, न ट्रैफिक प्लान। इसी को लेकर स्थानीय लोगों ने शिकायत की थी। इसके बाद जांच शुरू हुई और फिर इसे बंद करा दिया गया। नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल ने कहा, “यहां स्थानीय बाजार लगता है। शिकायत मिली थी कि इसकी वजह से स्टेट हाईवे पर पूरे दिन जाम रहता है। आने-जाने में लोगों को तकलीफ होती है। जगह छोटी है, सात-आठ बीघा होगी, फिर भी 400-500 दुकानें लगती हैं। ये लोग किसी भी मानक का पालन नहीं करते। उवैद और शफीक नाम के लोग हैं, जो हर दुकान से 50 से 150 रुपये के बीच वसूली करते हैं।”
प्रशासन ने दी कड़ी चेतावनी
बाजार बंद होने से करीब 500 दुकानदार सीधे प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि आगे बिना अनुमति कोई बाजार नहीं लगेगा। अब इस जगह पर ऐसा कोई साप्ताहिक बाजार नहीं चलेगा, जब तक वैध अनुमति नहीं मिलती।
















