देहरादून । जन मानस की भावनाओं को देखते हुए धामी सरकार ने अंकिता भंडारी मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति प्रदान कर दी है। हालांकि अंकिता भंडारी हत्या मामले में तीनों आरोपियों को उम्र कैद की सजा निचली अदालत ने पहले ही सुना दी हुई है।
उत्तराखंड में कांग्रेस वामपंथी दलों ने अंकिता भंडारी मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर 11 जनवरी रविवार के दिन बाजार बंद का आह्वान किया था।
धामी सरकार ने बीते दिन सीबीआई जांच की संस्तुति प्रदान कर दी है। सीएम पुष्कर सिंह धामी के इस निर्णय से कांग्रेस वामपंथी दलों में बेचैनी इस लिए बढ़ गई है कि अब इस मुद्दे पर जनता के बीच कैसे जाएंगे। इस पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा है कि सरकार के खिलाफ बंद का फैसला इस लिए वापिस नहीं लिया गया है क्योंकि सरकार ने सीबीआई जांच का दायरा नहीं बताया। कांग्रेस ने इस हत्या मामले के दौरान एक वीआईपी को बचाने के लिए सरकार को जिम्मेदार ढहराया और सोशल मीडिया के लोगों पर मुकदमम्मे दायर करने के आरोप लगाए।
कांग्रेस के इन आरोपों पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का कहना है कि राज्य की जनता को विपक्ष भ्रम में डाल रहा है गुमराह कर रहा है। श्री भट्ट ने कहा कि जब सरकार ने,मुख्यमंत्री ने इस मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी है और मुख्यमंत्री धामी ने अंकिता के माता पिता को ये विश्वास दिलाया है कि अपराधी कोई भी हो कितना ही बड़ा वीआईपी क्यों न हो यदि वो दोषी है तो कानून अपना काम करेगा।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष कहते है कि कांग्रेस वामपंथियों के गठजोड़ ने राज्य में झूठ और अराजकता का माहौल पैदा किया हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के झूठ का पर्दाफाश हो रहा है और सीबीआई जांच में सब कुछ सामने आ जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्व में एसआईटी जांच के बाद ही कोर्ट ने तीन आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाई हुई है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि झूठ फरेब की राजनीति से जनता को बरगलाया नहीं जा सकता।
उधर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि अंकिता हत्या जांच मामले में कोई भी संदेह नहीं था क्योंकि आरोपियों को उम्र कैद की सजा हो चुकी है यदि कोई और भी आरोपी होता तो जिन्हें सजा हुई वो उसका नाम जरूर लेते, फिर भी हमने हर संदेह को दूर करने के लिए सीबीआई जांच की संस्तुति की है और जब सीबीआई जांच करेगी तो वो हर पहलू पर करेगी।
उल्लेखनीय है कि इस मामले पर पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उसकी कथित दूसरी पत्नी उर्मिला सनावर के बीच हुई ऑडियो वीडियो बातचीत के बाद से उत्तराखंड की राजनीति और सामाजिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठे जिसके बाद धामी सरकार ने इस घटना क्रम पर विधिक राय सुनारी करने के बाद की सीबीआई जांच संस्तुति प्रदान की है।
व्यापार मंडल ने कहा नहीं होगा बंद
उधर देवभूमि उत्तराखंड व्यापार मंडल और प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल ने कहा है कि जब सीबीआई जांच की मांग मान ली गई है तो बाजार बंद का मतलब नहीं बनता ,दोनों व्यापार मंडलों ने कहा है बाजार खुले रहेंगे हम राजनीतिक बंद को समर्थन नहीं देंगे।

















