नई दिल्ली । दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि जिस वीडियो के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है, वह सदन के भीतर की रिकॉर्डिंग है और पूरी तरह से सदन की संपत्ति है। ऐसे वीडियो पर बाहरी पुलिस कार्रवाई और मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना सीधे तौर पर विशेषाधिकार हनन की श्रेणी में आता है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में जालंधर पुलिस कमिश्नर के खिलाफ कार्रवाई पर सदन विचार करेगा।
सदन की रिकॉर्डिंग पर बाहरी हस्तक्षेप अस्वीकार्य
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सदन के भीतर की किसी भी रिकॉर्डिंग पर अधिकार केवल विधानसभा का होता है। इसे ‘टेम्पर्ड’ बताना न केवल सदन की गरिमा के खिलाफ है, बल्कि यह एक राजनीतिक साजिश की ओर भी इशारा करता है। विपक्ष की मांग पर वीडियो को फॉरेंसिक साइंस लैब भेजा गया है, ताकि तथ्यों को लेकर कोई भ्रम न रहे।
डराने की राजनीति नहीं चलेगी : कपिल मिश्रा
कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी की एफआईआर और पुलिस का डर उन्हें चुप नहीं करा सकता। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली विधानसभा के रिकॉर्ड में वीडियो मौजूद है और उसे देश ने देखा-सुना है। मिश्रा ने आरोप लगाया कि वीडियो सामने आने के बाद आतिशी ने विधानसभा में आना ही छोड़ दिया।
केजरीवाल जी , आपकी FIR और पुलिस का डर हमें डरा नहीं सकता
दिल्ली विधानसभा के रिकॉर्ड में वीडियो है और सारी दुनिया ने वीडियो सुना है, उस दिन से आतिशी ने विधानसभा में आने की हिम्मत नहीं की जबकि विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें कई बार बुलाया
पंजाब पुलिस पंजाब के अपराधों की जांच छोड़कर…
— Kapil Mishra (@KapilMishra_IND) January 9, 2026
आतिशी को बचाने के लिए पुलिस का दुरुपयोग
कपिल मिश्रा ने कहा कि आतिशी के कृत्य को छिपाने के लिए जालंधर पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी एक नेता को बचाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं और पुलिस को हथियार बना रही है, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।
सिख संगठनों का आक्रोश, अकाल तख्त में शिकायत
हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने श्री अकाल तख्त साहिब में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

आरोप है कि दिल्ली विधानसभा में उन्होंने गुरु साहिबानों का निरादर किया, जिससे सिख समुदाय में रोष फैल गया। कमेटी ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है।
जालंधर पुलिस की एफआईआर और फॉरेंसिक रिपोर्ट
वहीं जालंधर पुलिस ने आतिशी के वीडियो को वायरल करने के आरोप में दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दावा किया है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार वायरल वीडियो में ऑडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि जब वीडियो दिल्ली विधानसभा की संपत्ति है और जब दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष ने वीडियो को फोरेंसिक जांच के लिए पहले से ही भेज रखा है, जिसकी रिपोर्ट अभी आना बाकि है तो फिर जालंधर पुलिस पुलिस किस अधिकार से इस मामले में दखल दे रही है।
कानून का दुरुपयोग.?
बता दें कि यह पूरा मामला अब आम आदमी पार्टी द्वारा जलांधर पुलिस के कथित दुरुपयोगकी ओर बढ़ता दिख रहा है। सोशल मीडिया पर लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई सच दबाने और राजनीतिक जवाबदेही से बचने का प्रयास है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि दिल्ली विधानसभा इस विशेषाधिकार हनन के मामले में आगे क्या सख्त कदम उठाती है।

















