नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में खुदाई के दौरान मां भद्रकाली की एक प्राचीन मूर्ति मिली है। जिसके दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है। यह प्रतिमा हजारों साल पुरानी बताई जा रही है। श्रद्धालु और पुजारी इस मूर्ति के संरक्षण की मांग करने लगे हैं। मां भद्रकाली की हजारों साल पुरानी यह मूर्ति राजौरी जिले में चिंगस नामक क्षेत्र में मिली है। आइए इस पूरे मामले को जानते हैं।
वैज्ञानिक खुदाई की हो रही है मांग
खुदाई में मूर्ति मिलने के बाद यह पूरा क्षेत्र आस्था का केंद्र बना हुआ है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यहां खुदाई के दौरान मां भद्रकाली की एक प्राचीन पत्थर की मूर्ति मिली है। मूर्ति की बनावट और नक्काशी बेहद आकर्षक है। इसे काफी प्राचीन बताया जा रहा है। चिंगस क्षेत्र के पुजारियों का दावा है कि यह मूर्ति हजारों साल पुरानी है। हालांकि अभी इसकी वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है।
जगह के संरक्षण की मांग कर रहे हैं लोग
चिंगस क्षेत्र में जिस जगह पर यह मूर्ति मिली है उस जगह को स्थानीय लोग संरक्षित करने की मांग कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि लोग उस जगह पर वैज्ञानिक खुदाई की मांग कर रहे हैं ताकि जमीन के नीचे दबीं अन्य मूर्तियों या ऐतिहासिक अवशेष के बारे में पता चल सके और उनका संरक्षण हो सकें।
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दूर-दूर से दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं श्रद्धालु
चिंगस क्षेत्र में मूर्ति मिलने की बात पता चलते ही दूर-दूर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। दर्शन और पूजा के लिए स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई है। यह भी कहा जा रहा है कि यह मूर्ति किसी धार्मिक स्थल का अवशेष भी हो सकती है। पुजारी इसे मां भद्रकाली की मूर्ति बता रहे हैं।
कैसे मिली मूर्ति?
बताया जा रहा है कि यहां स्थानीय निवासी अपनी जमीन से जुड़ा कार्य करवा रहा था। खुदाई के दौरान मजदूरों को जमीन के भीतर से एक पत्थर की आकृति दिखाई दी। जब उसे बाहर निकाला गया तो वो एक देवी की मूर्ति थी। इसके बाद स्थानीय पुजारियों को वहां बुलाया गया और उन्होंने निरीक्षण के बाद इसे मां भद्रकाली की मूर्ति बताया। इस मूर्ति को हजारों साल पुराना बताया जा रहा है।

















