नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में सोमवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ हुई नारेबाजी पर जेएनयू प्रशासन ने अपना बयान जारी किया है। जेएनयू प्रशासन का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाने वाले छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस मामले में पहले ही एफआईआर ( FIR) दर्ज की जा चुकी है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यूनिवर्सिटी इनोवेशन और नए विचारों का केंद्र होती हैं। इसे नफरत की प्रयोगशाला में बदलने की इजाजत नहीं दी जा सकती है।
पीएम मोदी-शाह के खिलाफ नारे लगाने वाले छात्रों पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की हिंसा, गैर-कानूनी व्यवहार या देश विरोधी गतिविधि को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ नारे लगाने वाले छात्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिसमें यूनिवर्सिटी से निष्कासन भी शामिल होगा।
बता दें कि जेएनयू कैंपस में विवादित नारे लगाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। यूनिवर्सिटी ऐसे छात्रों की पहचान कर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी में है। इस नारेबाजी में शामिल छात्रों को तत्काल निलंबन का सामना करना पड़ सकता है।
क्या है पूरा मामला?
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में 5 जनवरी की रात कैंपस में आयोजित ‘गुरिल्ला ढाबा’ नामक विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ नारेबाजी की गई थी। जेएनयू प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर मामले में FIR दर्ज करने की मांग की है। इस पूरे प्रकरण में जेएनयू प्रशासन का भी बयान सामने आ चुका है। विश्वविद्यालय ने इन घटनाओं को कैंपस की शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया है। जेएनयू प्रशासन की तरफ से पुलिस को लिखे पत्र में जेएनयू छात्र संघ की उपाध्यक्ष के. गोपिका का नाम भी शामिल है।
















